अभिषेक कुमार अम्बर

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अभिषेक कुमार अम्बर
जन्म07 मार्च 2000
मवाना, जिला मेरठ उत्तर प्रदेश भारत
व्यवसायशायर, कवि
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षास्नातक
उच्च शिक्षादिल्ली विश्वविद्यालय
विधागज़ल, नज़्म

अभिषेक कुमार अम्बर (English: Abhishek Kumar Ambar) (Urdu:ابھیشیک کمار امبر) (Born:07 March 2000) उर्दू के शायर एवं लेखक हैं। यह प्रसिद्ध शायर राजेन्द्र नाथ रहबर के शागिर्द हैं।और गढ़वाली कविता कोश के संस्थापक हैं। [1] [2] [3] [4]

जीवन[संपादित करें]

अभिषेक कुमार अम्बर का जन्म 07 मार्च 2000 उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के मवाना क़स्बे में हुआ था। इन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। अम्बर ने 14 वर्ष की उम्र में कविता लिखना प्रारम्भ कर दिया था और फिर कवि सम्मलेन और मुशायरों में भी भागीदारी करने लगे। अम्बर संपूर्ण भारत में 300 से ज्यादा कवि सम्मेलनों में भाग ले चुके हैं। [5] [6]


अम्बर 16 वर्ष की आयु में उर्दू के प्रसिद्ध शायर राजेन्द्र नाथ रहबर साहब के शागिर्द हुए। और उनसे उर्दू शायरी, मुख्यतः ग़ज़ल की बारीकियां सीखीं। इसका परिणाम ये हुआ कि महज़ 18 वर्ष की उम्र में इन्हें के. के. बिरला फॉउंडेशन द्वारा विश्व पुस्तक मेला 2018 में "एक शाम ग़ज़लों के नाम" कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि बुलाया गया। इसके अलावा दूरदर्शन, आकाशवाणी, जी सलाम, ईटीवी उर्दू आदि चैनलों पर कवितापाठ कर चुके हैं। अम्बर की रचनाएं देश-विदेश की प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। जिनमें नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, अमर उजाला, वेब दुनिया आदि प्रमुख हैं। यह रेख़्ता नामक उर्दू की सबसे बड़ी वेबसाइट में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के शायर हैं।महज़ 16 वर्ष की उम्र में इनकी ग़ज़लें रेख़्ता में शामिल हो गई थीं। [7] [8] [9] [10] [11]

इनकी कुछ ग़ज़लों को विश्वप्रसिद्ध गायक ग़ज़ल श्रीनिवास द्वारा गाया गया है। जिनके नाम गायकी में 3 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। श्रीनिवास द्वारा 'इंतज़ार', 'वो मुझे आसरा तो क्या देगा' आदि ग़ज़लें गाई गई हैं।[12] [13]

गढ़वाली कविताकोश[संपादित करें]

अभिषेक कुमार अम्बर ने उत्तराखंड राज्य की गढ़वाली भाषा के संरक्षण के लिए साल 2018 में गढ़वाली कविताकोश की स्थापना की। गढ़वाली साहित्य इससे पहले इंटेरनेट पर कहीं भी ठीक से मौजूद नहीं थी, था तो इधर उधर बिखरा हुआ था जो पाठकों तक सुलभ नहीं था। लेकिन गढ़वाली कविताकोश ने गढ़वाली साहित्य को एक स्थान पर सुव्यवस्थित रूप में पाठकों तक पहुंचने का काम किया है। वर्तमान में इसमें 60 से अधिक रचनाकारों की हज़ारों रचनाएं संकलित हैं। अम्बर वर्तमान में गढ़वाली कविता कोश के सम्पादक हैं और कविताकोश परियोजना की कविताकोश टीम के सदस्य हैं। [14] [15]

पुस्तकें[संपादित करें]

अम्बर जी की विभिन्न पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जो निम्न हैं।

  • काव्यंकुर 5 (2017)
  • ग़ज़ल कुम्भ (2018)
  • ग़ज़ल दुष्यन्त के बाद (2017)
  • किसलय (2019)
  • अक्षरम (2019)

जल्द ही इनकी और 4 पुस्तकें प्रकाशित होने वाली हैं।

पुरस्कार[संपादित करें]

  • नवांकुर साहित्य सम्मान (2017)
  • शब्द सेतु सम्मान (2018)
  • साहित्य शिल्पी सम्मान (2019)

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%95_%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0
  2. https://www.rekhta.org/Poets/abhishek-kumar-amber/all
  3. https://www.celebrityborn.com/biography/abhishek-kumar-ambar/10852
  4. https://trendcelebsnow.com/abhishek-kumar-ambar-net-worth/
  5. https://www.sahityakunj.net/LEKHAK/A/AbhishekKumar/AbhishekKumar_main.htm
  6. https://m-hindi.webdunia.com/hindi-poems/shyari-118012900042_1.html
  7. https://www.hindisahityadarpan.in/2017/08/jab-tak-manav-abhishek-kumar-ambar-poem.html?m=1
  8. http://www.anubhuti-hindi.org/anjuman/a/abhishek_amber/index.htm
  9. https://vijaynews.in/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b0-5-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be/
  10. https://www.amarujala.com/amp/kavya/kavya-charcha/national-girl-child-day-special-shayari-on-girls
  11. https://hindividya.com/life-poems-hindi/amp/
  12. https://www.jankipul.com/2017/10/ghazals-by-abhishek-kumar-ambar.html
  13. https://urdupoet.net/poet_name/abhishek-kumar-amber/
  14. http://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%97%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80
  15. http://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%95%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6_%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE