अब्दुल्ला इब्न जाफ़र
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अब्दुल्ला इब्न जाफ़र (सी.624-सी.699 या 702/704), [1] इस्लामी पैगंबर मुहम्मद के एक साथी और रिश्तेदार थे। वह अली बिन अबी तालिब के भतीजे और मुहम्मद बिन अबू बक्र के सौतेले भाई थे। कर्बला की लड़ाई में वह शामिल नहीं थे लेकिन वह अहल अल-बेत के प्रति वफादार थे। उन्होंने कहा था: "सर्वशक्तिमान ईश्वर का धन्यवाद, मैं कर्बला में अल-हुसैन इब्न अली का समर्थन नहीं कर सका, मगर मेरे दो बेटों ('औन और मुहम्मद) ने किया।" [2] उनकी कब्र जन्नत अल-बकी [3] अकील इब्न अबी तालिब और अबू सुफियान बिन अल-हरीथ (अब्द अल-मुत्तलिब के पोते) के पास स्थित है।

प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें]मुहम्मद की प्रार्थना और निर्देश
[संपादित करें]विवाह और पारिवारिक जीवन
[संपादित करें]हुसैन इब्न अली के साथ उनकी पत्नी की यात्रा
[संपादित करें]हुसैन के लिए उनकी दृष्टि
[संपादित करें]हुसैन को पत्र
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Sallabi, Ali, al-Hasan ibn Ali, His Life and Times, p. 269
- ↑ Shahin, Badr (2002). Lady Zaynab (अंग्रेज़ी भाषा में). Qum, Iran: Ansariyan Publications. p. 82. ISBN 964-438-399-0.
- ↑ Francis Burton, Sir Richard (1893). Personal Narrative of a Pilgrimage to Al-Madinah & Meccah, Volume 2 (अंग्रेज़ी भाषा में). UK: The Meccan Press, 3 Soho Square, London, W. p. 44.