अफ़्रीकी पिग्मी लोग
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अफ़्रीकी पिग्मी लोग (अंग्रेज़ी: African Pygmies) मध्य और पूर्वी अफ़्रीका के वर्षावन क्षेत्रों में रहने वाले विभिन्न स्वदेशी समुदायों का सामूहिक नाम है। ये समुदाय पारंपरिक रूप से शिकार-संग्राहक (hunter-gatherer) जीवनशैली अपनाते हैं और उनकी सांस्कृतिक पहचान, भाषा और शारीरिक कद उन्हें अफ़्रीका के अन्य समुदायों से भिन्न बनाते हैं। पिग्मी शब्द का प्रयोग आमतौर पर उन समूहों के लिए किया जाता है जिनकी औसत ऊँचाई १५५ सेंटीमीटर से कम होती है। अफ़्रीकी पिग्मी मुख्यतः कांगो बेसिन, कैमरून, गैबोन, मध्य अफ़्रीकी गणराज्य, युगांडा और रवांडा के घने जंगलों में पाए जाते हैं।
उत्पत्ति और इतिहास
[संपादित करें]अनुसंधान से पता चलता है कि अफ़्रीकी पिग्मी समुदाय प्रागैतिहासिक काल से मध्य अफ़्रीका के वर्षावनों में रहते आए हैं। आनुवंशिक अध्ययन दर्शाते हैं कि ये समूह लगभग १,००,००० वर्ष से अधिक समय से अन्य अफ़्रीकी आबादी से अलग-थलग रहे हैं और इनकी अपनी विशिष्ट आनुवंशिक पहचान बनी रही। विद्वानों का मानना है कि ये मध्य पाषाण युग के शिकारी-संग्राहक आबादी के प्रत्यक्ष वंशज हैं। कुल मिलाकर लगभग ९,००,००० पिग्मी लोगों के २०१६ में मध्य अफ्रीकी वनों में रहने का अनुमान लगाया गया था, जिनमें से लगभग ६०% कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में थे।[1]
इसके अतिरिक्त, पश्चिम अफ्रीकी शिकारी-संग्राहक संभवतः ३२,०० बी.पी. से भी पहले पश्चिमी मध्य अफ्रीका में रहते थे और १६,००० बी.पी. से १२,०० बी.पी. के बीच पश्चिम अफ्रीका में बसे रहे। वे लगभग १००० बी.पी. तक या फिर १५०० ईस्वी के बाद किसी अवधि तक वहाँ रहते रहे।[2][3]
भाषा और संस्कृति
[संपादित करें]अफ़्रीकी पिग्मी समुदायों की भाषाएँ अत्यंत विविध हैं। अधिकांश समूह पड़ोसी कृषि समुदायों की भाषाएँ बोलते हैं, लेकिन कुछ ने अपनी स्वतंत्र भाषाएँ भी संरक्षित की हैं, जैसे आका (Aka), बाका (Baka) और असुआ (Asua)। उनकी सांस्कृतिक परंपराएँ मुख्यतः मौखिक (oral tradition) हैं, जिनमें लोकगीत, मिथक और कहानियाँ पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती हैं।
शारीरिक स्वरूप
[संपादित करें]पिग्मी समुदायों की एक प्रमुख विशेषता उनका अपेक्षाकृत छोटा कद है। वयस्क पुरुषों की औसत ऊँचाई लगभग १४५ से १५५ सेंटीमीटर तक होती है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यह छोटे कद की प्रवृत्ति आनुवंशिक कारणों, सीमित पोषण और उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के पर्यावरणीय अनुकूलन से जुड़ी है।
जीवनशैली और आजीविका
[संपादित करें]अफ़्रीकी पिग्मी पारंपरिक रूप से शिकार, मछली पकड़ना, शहद एकत्र करना और जंगल से फल-फूल तथा कंद-मूल इकट्ठा करके जीवनयापन करते हैं। उनका समाज सामूहिक और अपेक्षाकृत समानतावादी (egalitarian) माना जाता है, जहाँ निर्णय समूह स्तर पर लिए जाते हैं। वे जंगल के साथ गहरे आध्यात्मिक और व्यावहारिक संबंध रखते हैं और उसे जीवन का आधार मानते हैं।
अधिकांश समकालीन पिग्मी समूह आंशिक रूप से भोजन की खोज (फॉरेंजिंग) करते हैं और आंशिक रूप से पड़ोसी किसानों के साथ व्यापार करके खेती किए गए खाद्य पदार्थ और अन्य सामग्री प्राप्त करते हैं; कोई भी समूह ऐसा नहीं है जो जंगल के गहरे हिस्सों में बिना कृषि उत्पादों तक पहुँच के जीवन यापन करता हो।[4]
धर्म और विश्वास
[संपादित करें]अफ़्रीकी पिग्मी समाज में धर्म प्रकृति और जंगल पर आधारित है। वे वर्षावन को पवित्र मानते हैं और मान्यता है कि जंगल में आत्माएँ और पूर्वजों की शक्ति विद्यमान है। उनके धार्मिक अनुष्ठान मुख्यतः संगीत, नृत्य और सामूहिक गायन पर आधारित होते हैं। शिकार और फसल संबंधी सफलता के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं ।
संगीत और नृत्य परंपरा
[संपादित करें]अफ़्रीकी पिग्मी समुदायों में संगीत और नृत्य का अत्यधिक महत्व है। संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सामाजिक, धार्मिक और मनोरंजन दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। सिम्हा एरोम का कहना है कि पिग्मी संगीत की बहुस्वर (पॉलीफोनिक) जटिलता का स्तर यूरोप में १४वीं शताब्दी में पहुँचा था, जबकि पिग्मी संस्कृति लिखित नहीं है और प्राचीन है। अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में पिग्मी समूह सबसे प्राचीन ज्ञात संस्कृतियों में से एक माने जाते हैं।[5] । पारंपरिक वाद्ययंत्रों में ड्रम, सिंगिंग बोन्स, और बांस वाद्य शामिल हैं। नृत्य पिग्मी संस्कृति में शिकार, विवाह, जन्म और अन्य सामाजिक अनुष्ठानों के दौरान किया जाता है। नृत्य और संगीत न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि जंगल और उसके संसाधनों के प्रति उनका सम्मान और आध्यात्मिक संबंध भी प्रदर्शित करते हैं।
विविध समूह और भौगोलिक वितरण
[संपादित करें]अफ़्रीकी पिग्मी कई अलग-अलग जातीय समूहों में विभाजित हैं। सबसे प्रमुख समूहों में म्बुटी (Mbuti) – कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के इतुरी वन में, बाका (Baka) – कैमरून और गैबोन में, तथा आका (Aka) – मध्य अफ़्रीकी गणराज्य और कांगो में पाए जाते हैं। प्रत्येक समूह की अपनी बोली, सांस्कृतिक परंपराएँ और सामाजिक ढाँचा है, हालांकि जीवनशैली में व्यापक समानताएँ हैं।
आधुनिक चुनौतियाँ
[संपादित करें]आज अफ़्रीकी पिग्मी समुदाय कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वनों की कटाई, कृषि और खनन गतिविधियों ने उनके पारंपरिक आवास को खतरे में डाल दिया है। इसके अतिरिक्त, वे अक्सर भेदभाव और सामाजिक हाशिए का शिकार होते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, गरीबी तथा राजनीतिक अधिकारों का अभाव इनके जीवन को कठिन बनाता है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठन इनकी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यरत हैं, लेकिन स्थिति अभी भी जटिल है।
समकालीन स्थिति
[संपादित करें]आज कुछ पिग्मी समुदाय आंशिक रूप से कृषि और आधुनिक जीवनशैली को अपनाने लगे हैं, लेकिन फिर भी वे अपनी पारंपरिक पहचान को बनाए रखने की कोशिश करते हैं। संगीत, नृत्य और जंगल से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान उनके सांस्कृतिक जीवन का मुख्य आधार बने हुए हैं। विभिन्न देशों की सरकारें और गैर-सरकारी संगठन इनकी सामाजिक स्थिति सुधारने तथा इनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।[6]
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Olivero, Jesús; Fa, John E; Farfán, Miguel A; Lewis, Jerome; Hewlett, Barry; Breuer, Thomas; Carpaneto, Giuseppe M; Fernández, María; Germi, Francesco; Hattori, Shiho; Head, Josephine; Ichikawa, Mitsuo; Kitanaishi, Koichi; Knights, Jessica; Matsuura, Naoki; Migliano, Andrea; Nese, Barbara; Noss, Andrew; Ekoumou, Dieudonné Ongbwa; Paulin, Pascale; Real, Raimundo; Riddell, Mike; Stevenson, Edward G. J; Toda, Mikako; Vargas, J. Mario; Yasuoka, Hirokazu; Nasi, Robert (2016). "Distribution and Numbers of Pygmies in Central African Forests". PLOS ONE. 11 (1) e0144499. बिबकोड:2016PLoSO..1144499O. डीओआई:10.1371/journal.pone.0144499. पीएमसी 4711706. पीएमआईडी 26735953.
- ↑ Scerri, Eleanor M. L. (2021). "Continuity of the Middle Stone Age into the Holocene". Scientific Reports. 11 (1): 70. डीओआई:10.1038/s41598-020-79418-4. पीएमसी 7801626. पीएमआईडी 33431997. एस2सीआईडी 231583475.
- ↑ Van Beek, Walter E.A.; Banga, Pieteke M. (Mar 11, 2002). The Dogon and their trees. Routledge. p. 66. डीओआई:10.4324/9780203036129-10. ISBN 978-1-134-91956-7. एस2सीआईडी 126989016.
- ↑ S. A. Dembner, "Forest peoples in the central African rain forest: focus on the pygmies" Unasylva — An international journal of forestry and forest industries Vol. 47 – 1996/3. "Pygmies are distributed discontinuously across nine different African countries Rwanda, Burundi, Uganda, Zaire, the Central African Republic, Cameroon, Equatorial Guinea, Gabon and the Congo and live in innumerable distinct ethnic groups that are separated by geography, language, customs and technology. The one characteristic that is common to them all, regardless of their location or degree of acculturation, is their disdain for the term 'pygmy'. Without exception, they prefer to be called by their appropriate ethnic name, such as Mbuti, Efe, Aka, Asua, and consider the term 'pygmy' as pejorative."
- ↑ African Rhythms (2003). Music by Aka Pygmies, performed by Aka Pygmies, György Ligeti and Steve Reich, performed by Pierre-Laurent Aimard. Teldec Classics: 8573 86584-2. Liner notes by Aimard, Ligeti, Reich, and Simha Arom and Stefan Schomann.
- ↑ Robillard, Céline (2010). Pygmées Baka: Le droit à la différence. L'Harmattan.