अपशिष्ट सुरंग

अपशिष्ट सुरंग एक प्रकार का गुरुत्वाकर्षण बल पर आधारित सुरंग है और यह पूरी सुरंग प्रणाली का हिस्सा होता है। यह नगरपालिकाओं और औद्योगिक क्षेत्रों दोनों में इस्तेमाल किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों में यह अपशिष्ट जल की निकासी करता है। नगरपालिकाओं में, अपशिष्ट सुरंग के जरिए सारा गंदे जल सीधे नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों में प्रभावित हो जाती हैं। यह शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
इतिहास
[संपादित करें]बीसवीं सदी के बाद में नए शहरी क्षेत्रों में अक्सर सुरंग और अपशिष्टजल निकासी के लिए सुरंग की अलग-अलग प्रणालियाँ बनाई गईं। इसका कारण यह था कि वर्षा के समय पानी का प्रवाह अत्यधिक बदलता है, जिससे उपचार संयंत्र की दक्षता प्रभावित होती थी। अलग-अलग प्रणालियाँ अधिक प्रभावी और टिकाऊ साबित हुईं। ब्रिटेन में स्वच्छत सुरंग को कभी-कभी "अपशिष्ट नाला" कहा जाता था, जो पुराने, गंदे अपशिष्ट जल को सुरंग के जरिए नदियों में प्रवाहित किया जाता था।[1] अपशिष्ट सुरंग, जिन्हें उन जगहों पर बनाया जाता था जहाँ पानी की प्रचुरता थी। जब शहरों में पशु-चालित वाहन चलाते थे, तो सड़कों पर जानवरों का मल जमा हो जाता था। इससे गलियों में मर पात्र का उपयोग बढ़ गया, क्योंकि वहाँ मल का सीधे संग्रह करना कठिन था। अपशिष्ट सुरंग का उद्देश्य सतही अपवाह के माध्यम से सड़कों पर जमें कचरें को भूमिगत सतह तक ले जाना था। समय के साथ जनसंख्या बढ़ी और अपशिष्ट पदार्थ का उपचार आवश्यक हो गया, लेकिन सुरंगों से आए मिश्रित अपशिष्ट का उपचार महंगा और चुनौतीपूर्ण था।[2], क्योंकि इसके लिए अधिक संसाधनों की जरूरत पड़ती थी।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ बुर्रियन, स्टेवन जे॰ (1999) शुष्क मौसम में प्रवाह प्रबंधन का ऐतिहासिक विकास. सिनसिनाटी, ओहायो: EPA राष्ट्रीय जोखिम प्रबंधन अनुसंधान प्रयोगशाला. (Report).
- ↑ स्तील, ई॰ डब्ल्यू॰; एम॰ सी॰ गी, टेरेंस जे॰ (1979). जल आपूर्ति और सुरंग (पाँचवाँ संस्करण ed.). न्यूयॉर्क: मैकग्रा-हिल. p. 318. ISBN 0-07-060929-2.