अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन
| अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन अंतरिक्ष शटल डिस्कवरी द्वारा एस.टी.एस-१२८ से देखा गया दृश्य | ||
| ISS इनसिग्निया | ||
| स्टेशन के आंकड़े | ||
|---|---|---|
| NSSDC ID: | 1998-067A | |
| कॉल साइन: | अल्फ़ा | |
| चालक दल: | ६ | |
| प्रक्षेपण: | १९९८-२०११ | |
| प्रक्षेपण स्थल: | KSC एल.सी-३९, बायकोनुर एल.सी-१/५ & एल.सी-८१/२३ | |
| द्रव्यमान: | 303,663 कि.ग्रा (669,461 पाउंड) | |
| लंबाई: | ७३ मी. (२४० फ़ी.) | |
| चौड़ाई: | १०८.५ मी. (३५६ फ़ी.) | |
| रहने का स्थान: | ३५८ मी.³ (१२,६२६ घन फ़ीट) | |
| वायुमंडलीय दबाव: | १०१.३ कि.पा (२९.९१ इंच-मर्करी) | |
| पेरिजी (भू-समीपक): | ३४३ कि.मी ऊंचाई (२१३ मील) | |
| एपॉजी (शिरोबिंदु): | ३५१ कि.मी ऊंचाई (२१८ मील) | |
| कक्षा का झुकाव: | ५१.६४१९ डिगरी | |
| औसत गति: | २७,७४३.8 कि.मी/घंटा (१७,२३९.2 मील/घंटा, ७,७०६.6 मीटर/से.) | |
| परिक्रमण काल: | ९१ मिनट | |
| २८ जुलाई २००९ के आंकड़े | ||
| संदर्भ: [1][2][3][4][5] | ||
| कॉनफिगरेशन | ||
| स्टेशन घटक (एक्स्प्लोडेड दृश्य) | ||
| इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन | ||
अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन या अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्थानक (संक्षेप में आईएसएस, अंग्रेज़ी: International Space Station इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, ISS) बाहरी अन्तरिक्ष में अनुसंधान सुविधा या शोध स्थल है जिसे पृथ्वी की निकटवर्ती कक्षा में स्थापित किया है।[6] आईएसएस की शुरुआत 1998 में हुई थी और इसे 2011 तक पूरी तरह तैयार किया गया। यह एक ऐसी जगह है जहां वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री मिलकर अंतरिक्ष में विभिन्न प्रकार के शोध और प्रयोग करते हैं।[7]
आईएसएस का निर्माण और सहयोग
आईएसएस को बनाने में दुनिया की कई अंतरिक्ष एजेंसियों ने मिलकर काम किया है। इसमें शामिल हैं:
- नासा (संयुक्त राज्य अमेरिका)
- रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी (रूस)
- जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) (जापान)
- कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) (कनाडा)
- यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ईएसए) (यूरोपीय देशों का समूह)
इसके अलावा, ब्राजीलियन स्पेस एजेंसी (एईबी) और इटालियन स्पेस एजेंसी (एएसआई) ने भी कुछ खास अनुबंधों के तहत इस परियोजना में योगदान दिया है। यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग इसे एक अनूठा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बनाता है।[8]
आईएसएस की विशेषताएं
आईएसएस पृथ्वी से लगभग 350 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगाता है। यह 27,724 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलता है और हर दिन पृथ्वी के 15.7 चक्कर पूरे करता है। इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है, खासकर सुबह या शाम के समय, जब यह सूरज की रोशनी में चमकता है।[9]
आईएसएस में नवंबर 2000 से लगातार अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं। आईएसएस पर अंतरिक्ष यात्री महीनों तक रहकर वैज्ञानिक प्रयोग कर सकते हैं, जिससे लंबे समय तक शोध संभव होता है। आईएसएस अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक है, जहाँ विभिन्न देश मिलकर काम करते हैं, जिससे नई तकनीकों का विकास होता है। यह पृथ्वी के मौसम, पर्यावरण और प्राकृतिक आपदाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। साथ ही, यह मंगल ग्रह जैसी भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए आवश्यक तकनीक और अनुभव प्रदान करता है।
आईएसएस का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) एक अंतरिक्ष वेधशाला की तरह कार्य करता है, जिसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक प्रयोग करना है। यहां विभिन्न क्षेत्रों में शोध किए जाते हैं, जैसे जीव विज्ञान में पौधों और जीवों पर प्रयोग, भौतिकी में बिना गुरुत्वाकर्षण के सामग्री और तरल पदार्थों का अध्ययन, चिकित्सा में मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभावों की जांच, तथा पृथ्वी और अंतरिक्ष का अवलोकन, जिसमें मौसम, पर्यावरण और तारों का अध्ययन शामिल है। ये शोध पृथ्वी पर जीवन को बेहतर बनाने और भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
अंतरिक्ष यात्रियों का जीवन
आईएसएस में रहने वाले अंतरिक्ष यात्री एक खास तरह की जिंदगी जीते हैं। यहां कोई गुरुत्वाकर्षण नहीं होता, इसलिए वे हवा में तैरते रहते हैं। वे विशेष उपकरणों की मदद से खाना खाते हैं, सोते हैं और व्यायाम करते हैं। एक दिन में वे 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देखते हैं, क्योंकि आईएसएस हर 90 मिनट में पृथ्वी का चक्कर पूरा करता है।[10]
अंतरिक्ष यात्री अपने समय का उपयोग शोध करने, उपकरणों की देखभाल करने और पृथ्वी के साथ संचार करने में करते हैं। वे नियमित रूप से पृथ्वी पर मौजूद वैज्ञानिकों के साथ वीडियो कॉल के जरिए बात करते हैं।
आईएसएस का अंत
आईएसएस की उम्र अब बढ़ रही है, और इसकी संरचना पुरानी हो रही है। नासा ने फैसला किया है कि 2030 तक इसे बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद, इसे सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने की योजना है। इस काम के लिए नासा ने स्पेसएक्स कंपनी को चुना है। स्पेसएक्स को 84.3 करोड़ डॉलर का अनुबंध दिया गया है ताकि वह एक विशेष डिऑर्बिट व्हीकल (यान) बनाए, जो आईएसएस को पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकालकर दक्षिण प्रशांत महासागर या हिंद महासागर के एक दूरस्थ हिस्से में नियंत्रित तरीके से गिराएगा। यह यान स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान का एक उन्नत संस्करण होगा, जिसमें 46 इंजन और 16,000 किलोग्राम ईंधन होगा। यह यान आईएसएस को धीरे-धीरे नीचे लाएगा, और अंत में यह सुनिश्चित करेगा कि इसका मलबा किसी आबादी वाले क्षेत्र में न गिरे। इस प्रक्रिया को 2031 तक पूरा करने की योजना है।[11]
भविष्य की योजनाएं
आईएसएस को और बेहतर बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसका ध्यान नए अंतरिक्ष स्टेशनों की ओर जा रहा है। नासा और अन्य निजी कंपनियां, जैसे कि एक्सियॉम स्पेस, नए अंतरिक्ष स्टेशन बना रही हैं जो भविष्य में आईएसएस की जगह लेंगे। ये नए स्टेशन छोटे हो सकते हैं और इनका उपयोग वैज्ञानिक शोध के साथ-साथ अंतरिक्ष पर्यटन के लिए भी हो सकता है। इसके अलावा, नासा चंद्रमा और मंगल ग्रह की यात्राओं पर ध्यान दे रहा है, जिसमें स्पेसएक्स जैसी कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
- २००१ में आई.एस.एस.
- बहु-उद्देशीय मॉड्यूल
- अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन से अमरीका पर चन्द्रोदय का दृश्य।
इन्हें भी देखें
सन्दर्भ
- ↑ नासा (१० जून २००९). "द आई। एस.एस टू डेट". नासा. 14 अगस्त 2009 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: ३० जुलाई २००९.
- ↑ "आई। एस.एस हाइट प्रोफ़ाइल". हैवन्स अबव.कॉम. 20 अगस्त 2009 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: अक्टूबर १९, २००७.
- ↑ नासा (६ नवम्बर २००८). "ऑन-ऑर्बिट एलिमेंट्स" (PDF) (PDF). नासा. 29 अक्तूबर 2009 को मूल से पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि: ९ दिसम्बर २००८.
- ↑ क्रिस पीट (२९ मई २००९). "आई। एस.एस-ऑर्बिट डाटा". हेवन्स अबव.कॉम. 19 सितंबर 2011 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: ३० जुलाई २००९.
- ↑ स्टीवन साइसलॉफ (१ फ़रवरी २००१). "नासा ईल्ड्स टु यूज़ ऑफ अल्फा नेम फ़ॉर स्टेशन". स्पेस.कॉम. मूल से से 24 जून 2001 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: १८ जनवरी २००९.
{{cite web}}: Unknown parameter|publication=ignored (help) - ↑ "ठीक हुई अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में आई ख़राबी". 1 जनवरी 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 23 दिसंबर 2017.
- ↑ International Space Station[मृत कड़ियाँ] NASA
- ↑ International Space Station Wikipedia (English)
- ↑ 10 interesting facts about ISS Google (Art and Culture)
- ↑ Living in Space NASA
- ↑ NASA to Deorbit ISS by 2030 Wonders in Space