अनुच्छेद 308भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है। यह संविधान के भाग 14 में शामिल है और संघ एवं राज्यों के अधीन निर्धारित सेवाओं का वर्णन करता है। इस अनुच्छेद के अनुसार संविधान के भाग 14 में जहाँ-जहाँ राज्य शब्द का ज़िक्र किया गया है उस शब्द के अर्थ में जम्मू-कश्मीर शामिल नहीं होगा। इसके पीछे का कारण है जम्मू-कश्मीर को दिया गया विशेष अधिकार। हालाँकि साल 2019 में अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करके इस विशेष अधिकार को खत्म कर दिया गया है लेकिन इसके साथ ही एक और परिवर्तन किया गया है कि जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा लेकर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है।[1][2][3][4][5][6]
मसौदा अनुच्छेद 308 पर संविधान सभा में 7 सितंबर 1949 को चर्चा हुई। आरंभ में यह एक अलग अनुच्छेद ना होकर अनुच्छेद 281 के मसौदे के अंतर्गत शामिल था, जो मसौदा संविधान के भाग 12 के लिए राज्य की परिभाषा भी प्रदान करता था। हालांकि बाद में मसौदा समिति के अध्यक्ष ने अनुच्छेद 308 को मसौदा अनुच्छेद 281 से अलग रखने का प्रस्ताव दिया। उनके इस प्रस्ताव को संविधान सभा के सदस्यों ने बिना किसी विरोध के अपनाया और उसी दिन मसौदा अनुच्छेद 308 को संविधान में शामिल कर लिया गया।[1]