अनन्त गोपाल शेवड़े

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अनन्त गोपाल शेवड़े (१९११ - १९७९) हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार एवं लघुकथाकार थे। वे मराठी भाषी थे किंतु हिंदी में उन्होंने स्तरीय साहित्य सृजन किया। उनके उपन्यास 'ज्वालामुखी' का भारत की 14 भाषाओं में अनुवाद कराया गया। उनके एक अन्य उपन्यास 'मंगला' को ब्रेल लिपि में भी प्रकाशित किया गया था। अनंत गोपाल शेवड़े के प्रयासों से 1976 में नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था। उनके 'मृगजाल' नामक उपन्यास पर उन्हें मध्य प्रदेश हिन्दी परिषद का सम्मान प्रदान किया गया।

जीवनी[संपादित करें]

अनन्त गोपाल शेवड़े का जन्म मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के सौसर नामक स्थान पर हुआ था।

कृतियाँ[संपादित करें]

  • उपन्यास
ईसाई बाला (1932)
निशा गीत (1947)
मृगजाल (1979)
पूर्णिमा (1952)
ज्वालामुखी (1956)
अमृत कुंभ (1977)
  • निबंध
तीसरी भूख (1953)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]