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अधिपादप

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अधिपादप[मृत कड़ियाँ] वृक्षों के तने और कई बार तो शाखाओं के ऊपर तक भी फ़ैले मिल जाते हैं।

अधिपादप (अंग्रेज़ी: Epiphytes) वे पौधे होते हैं, जो आश्रय के लिये वृक्षों पर निर्भर होते हैं लेकिन परजीवी नहीं होते।[1] ये वृक्षों के तने, शाखाएं, दरारों, कोटरों, छाल आदि में उपस्थित मिट्टी में उपज जाते हैं व उसी में अपनी जड़ें चिपका कर रखते हैं। कई किस्मों में तो वायवीय जड़ें भी पायी जाती हैं जिनमें वेलामेन ऊतक होते हैं। ये ऊतक वायु से भी नमी अवशोषित कर लेते हैं।[2]

ये पौधे उसी वृक्ष से नमी एवं पोषण खींचते हैं। इसके अलावा वर्षा, वायु या आसपास एकत्र जैव मलबे से भी पोषण लेते हैं। ये अधिपादप पोषण चक्र का भाग होते हैं और जिस का भाग होते हैं, उस पारिस्थितिकी की विविधता एवं बायोमास, दोनों में ही योगदान देते हैं। ये कई प्रजातियों के लिये खाद्य का महत्त्वपूर्ण स्रोत भी होते हैं। वृक्षों के विशेषकर पुराने भागों पर अधिक अधिपादप पाये जाते हैं।

सन्दर्भ

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  1. "अधिपादप (Epiphyte Meaning in Hindi)". indiawaterportal.org. मूल से से 18 जून 2018 को पुरालेखित।. {{cite web}}: Cite has empty unknown parameter: |dead-url= (help)
  2. मेघा बन्सल, ओ पी सक्सेना. "जीव विज्ञान - कक्षा १२ के लिये". ISBN:9789382883036. {{cite web}}: Cite has empty unknown parameter: |dead-url= (help)

बाहरी कड़ियाँ

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