अत्तिंगल विद्रोह

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अत्तिंगल विद्रोह (अप्रैल-अक्टूबर १७२१) केरल के वेनादी रियासत में ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध हुआ था और इसमें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के कम से कम 133 सैनिक मारे गए थे। केरल के इतिहासकारों का मानना है कि यह विद्रोह भारत में विदेशी शक्तियों के विरुद्ध पहला सुनियोजित विद्रोह था, और इसे 'प्रथम स्वतंत्रता संग्राम' का दर्जा दिया जाना चाहिए। ध्यातव्य है कि अभी तक 1857 के 'सिपाही विद्रोह' को ही भारतीय स्वतन्त्रता का प्रथम संग्राम माना जाता है।


मालाबार के शासक वर्मा पझासी राजा का अंग्रेजों के साथ 1795-1805 का संघर्ष, 1804 में त्रावणकोर में नायर ब्रिगेड का विद्रोह और त्रावणकोर के दीवान विलूथाम्बी दलावा की अगुवाई में 1809 में हुआ विद्रोह कुछ ऐसे मामले हैं जो राज्य में काफी पहले हुए थे।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]