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अजित स्वरण सिंह

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२००८ ई॰ में भारत सरकार द्वारा उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर वे अन्य सम्मानित व्यक्तियों के साथ भारत के राष्ट्रपति के साथ मञ्च पर उपस्थित थे।

डॉ॰ अजित स्वरण सिंह न्यूज़ीलैण्ड के भारतीय मूल के प्रथम फ़िजी-जनित न्यायाधीश हैं। विक्रम संवत् २०५९, कार्तिक शुक्ल दशमी (४ नवम्बर २००२ ई॰) को डॉ॰ अजित स्वरण सिंह ने न्यूज़ीलैण्ड के मैनुकाउ ज़िला न्यायालय में न्यायाधीश पद की शपथ ली। वे फ़िजी में जन्मे भारतीय मूल के प्रथम व्यक्ति हैं जिन्हें न्यूज़ीलैण्ड के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बेंच पर नियुक्त किया गया।

डॉ॰ अजित स्वरण सिंह का जन्म लाबासा, फ़िजी में हुआ। उन्होंने लाबासा माध्यमिक विद्यालय (वर्तमान लाबासा महाविद्यालय) में अध्ययन किया। वे सरदार स्वरण सिंह के पुत्र एवं स्व॰ सरवन सिंह के भतीजे हैं, जो फ़िजी के प्रतिष्ठित अधिवक्ता एवं संसद सदस्य रहे।

उनकी नियुक्ति के समय वे दो अन्य भारतीय मूल के न्यायाधीशों के साथ जुड़े:

डॉ॰ सिंह ने गुरु ग्रन्थ साहिब पर शपथ लेकर इतिहास रच दिया, वे सिख समुदाय के पवित्र ग्रन्थ पर शपथ लेने वाले प्रथम न्यायाधीश बने।[1]

वर्ष देश सम्मान प्रदाता क्षेत्र
२००८ (वि॰ स॰ २०६५)  न्यूज़ीलैंड प्रवासी भारतीय सम्मान भारत के राष्ट्रपति सार्वजनिक कार्य

सन्दर्भ

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  1. "List of Previous Pravasi Bhartiya Samman". 28 December 2014. मूल से से 28 December 2014 को पुरालेखित।.