अखिल भारतीय राम राज्य परिषद

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अखिल भारतीय राम राज्य परिषद का चुनाव चिह्न
अखिल भारतीय राम राज्य परिषद
गठन 1948
विचारधारा हिन्दू धर्म, हिन्दू राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
भारत की राजनीति
राजनैतिक दल
चुनाव

अखिल भारतीय राम राज्य परिषद भारत का एक राजनैतिक दल था जिसकी स्थापना स्वामी करपात्री ने सन् १९४८ में की थी। इस दल ने सन् १९५२ के प्रथम लोकसभा चुनाव में ३ सीटें प्राप्त की थी। सन् १९५२, १९५७ एवं १९६२ के विधान सभा चुनावों में हिन्दी क्षेत्रों (मुख्यतः राजस्थान) में इस दल ने दर्जनों सीटें हासिल की थी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव गोपाल शुक्ल जी।।

राष्ट्रीय महासचिव-जगदम्बा मिश्रा एडवोकेट वाराणसी ।। मोबाइल नं-9838949212,9455589959,96530520, हर हर महादेव 🙏🕉️🙏🚩

अखिल भारतीय राम राज्य परिषद का लक्ष्य सनातन हिन्दू वर्णाश्रम धर्मशासित राष्ट्र स्थापित करना था। अन्य हिन्दूवादी दलों की भांति यह दल भी समान नागरिक संहिता का पक्षधर था। १९७१ में इसका भारतीय जनसंघ के साथ विलय हो गया था। अखिल भारतीय रामराज्य परिषद का कभी भी जनसंघ में विलय नहीं हुआ है।।यह अखिल भारतीय रामराज्य परिषद के पक्षद्रोही और तथाकथित भाजपा एजेंट जिनकी आजिविका तुच्छ मानसिकता लाभ वाले लोगों द्वारा फेलाया गया दुष्प्रचार एवं झूठ है।। अखिल भारतीय रामराज्य परिषद के अस्तित्व को मिटाने और अपने स्वार्थ पूर्ति हेतु इस दुष्प्रचार को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा और धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के संकल्प को पूरा करने का संकल्प है।। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव गोपाल शुक्ल जी।। राष्ट्रीय महासचिव-जगदम्बा मिश्रा एडवोकेट वाराणसी।। मोबाइल नंबर -9838949212,9455589959,9653052038,

लोकसभा में 15 मई 1952 को पहली बार हिंदी में संबोधन सीकर के तत्कालीन सांसद नन्द लाल शर्मा ने किया था जो राम राज्य परिषद के सांसद थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष - श्री शिव गोपाल शुक्ल जी।। राष्ट्रीय महासचिव- श्री जगदम्बा मिश्रा एडवोकेट वाराणसी।। मोबाइल नंबर -9838949212,9455589959,9653052038,

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • Baxter, Craig (1971). The Jana Sangha. A Biography of an Indian Political Party. Delhi, India: Oxford University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0812275837.