सामग्री पर जाएँ

अंग्रेज़ीकरण

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(अंग्रेजीकरण से अनुप्रेषित)
संयुक्त राज्य अमेरिका तथा UK के ध्वजों का एक संयुक्त रूप। ये वे दो राष्ट्र हैं जिन्हों ने विश्वभर में अँग्रेज़ी के प्रसार में अग्रणी भूमिका निभायी है।

अँग्रेज़ीकरण (ब्रिटिश अँग्रेज़ीEnglishisation , अमेरिकी अँग्रेज़ीEnglishization ) से अभिप्राय अन्य भाषाओं में अंग्रेज़ी भाषा के प्रभावों के प्रवेश से है। विश्वभाषा के रूप में अंग्रेज़ी ने अन्य भाषाओं पर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रभाव डाला है, जिसके परिणामस्वरूप अनेक भाषाओं ने अंग्रेज़ी से शब्दावली अथवा व्याकरण उधार लिये हैं अथवा अंग्रेज़ी शब्दों पर आधारित कैल्क (शब्द प्रतिरूप) रूपों का निर्माण किया है।[1] अंग्रेज़ीकरण प्रायः पाश्चात्य संस्कृति के प्रसार के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है, और इसके कारण अनेक भाषाओं में अंग्रेज़ी के साथ व्यापक कोड-मिश्रण तथा अंग्रेज़ी की नयी-नयी शैलियों का उद्भव हुआ है।[2][3] अन्य भाषाओं ने अंग्रेज़ी के सम्पर्क से नये साहित्यिक विधाओं का भी सृजन किया है, और इस परस्पर क्रिया से विविध प्रकार के “भाषिक खेल” भी विकसित हुए हैं।[4] अनुवाद के माध्यम से अन्य भाषाओं में अंग्रेज़ी सामग्री की अत्यधिक मात्रा पहुँचने के कारण भी अंग्रेज़ीकरण सूक्ष्म रूपों में घटित हुआ है।[5]

विश्व-स्तर पर अंग्रेज़ीकरण का प्रथम व्यापक प्रसार ब्रितानवी साम्राज्य के विस्तार तथा अमरीकी सांस्कृतिक प्रभाव के कारण हुआ, क्योंकि अंग्रेज़ी भाषा ने ऐतिहासिक रूप से ब्रितान्य के उपनिवेशों के प्रशासन में प्रमुख भूमिका निभायी थी और आधुनिक वैश्वीकरण की लहर में भी इसका महत्त्व अत्यधिक है।[6][7][8] अंग्रेज़ीकरण का एक कारण यह भी है कि अनेक भाषाओं में आधुनिक प्रौद्योगिकियों अथवा वैज्ञानिक अवधारणाओं के लिये उपयुक्त शब्दावली का अभाव था। दूसरा कारण यह है कि अंग्रेज़ी को प्रायः एक प्रतिष्ठित भाषा माना जाता है, जो वक्ता की शिक्षितता अथवा सामाजिक स्थिति को सूचित करती है अथवा उसे उन्नत करती है।[9]

कुछ परिस्थितियों में अंग्रेज़ीकरण का टकराव भाषिक शुद्धतावाद अथवा अन्य प्रतिष्ठित भाषाओं के प्रभाव से भी होता है। इसका एक उदाहरण विवादास्पद हिन्दुस्तानी भाषा है, जो अंग्रेज़ीकृत रूप में हिंग्लिश और उर्दिश बन जाती है; परन्तु कुछ लोग उपनिवेशवादी अंग्रेज़ी-सम्बद्धताओं के प्रतिरोधस्वरूप इसे संस्कृतनिष्ठ अथवा फ़ारसीनिष्ठ बनाने का प्रयास या कोशिश करते हैं।[10][11]

विश्व परिदृश्य

[संपादित करें]
१९४३ की बॉलिवुड (बॉम्बे + हॉलीवुड) चलचित्र (फ़िल्म) क़िस्मत का एक प्रकाशन चित्र, जिसमें चलचित्र का नाम तीन भिन्न लिपियों, रोमन, देवनागरी तथा उर्दू, में अंकित है। (हण्टेरियन लिप्यन्तरण: qismat)

दक्षिण एशिया

[संपादित करें]

दक्षिण एशिया में अंग्रेज़ी को कुछ सीमा तक इस कारण स्वीकार किया गया है कि यह किसी एक जातीय समुदाय से सम्बद्ध नहीं है, अर्थात् यह क्षेत्रीय दृष्टि से तटस्थ है। इसने भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर आव्रजन को सुगम बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है, और तकनीकी क्षेत्रों में प्रयुक्त शब्दावली का बड़ा भाग इसी से आता है; यहाँ तक कि जब अंग्रेज़ी शब्दों के स्थान पर संस्कृतनिष्ठ शब्द गढ़े गये हैं, तब भी वे प्रायः अंग्रेज़ी शब्दों के कैल्क रूप ही होते हैं। [12][13][14][15][16][17][18] कैल्क का एक उदाहरण “अन्तरजाल” शब्द है, जिसका अर्थ ‘इण्टरनेट’ होता है। इसमें “अन्तर” का अर्थ अंग्रेज़ी inter के समान है, और “जाल” का अर्थ अंग्रेज़ी net के अनुरूप है। इस प्रकार यह शब्द पूर्णतः देसी अवयवों से निर्मित होते हुए भी अंग्रेज़ी संरचना का प्रतिरूप प्रस्तुत करता है, और आधुनिक तकनीकी शब्दावली को भारतीय भाषिक-संवेदना के अनुकूल बनाने का एक सुगठित उदाहरण माना जाता है।

भारत में अंग्रेज़ शासन की प्रकृति और दीर्घावधि के कारण अनेक अंग्रेज़ी शब्द सैन्य परम्परा से उत्पन्न हैं अथवा आज के अंग्रेज़ी भाषी विश्व में अपेक्षाकृत अप्रचलित हो चुके हैं।[19]

दक्षिण पूर्व एशिया

[संपादित करें]

पश्चिम एशिया

[संपादित करें]

पूर्वी एशिया

अफ़्रीका

[संपादित करें]

अमेरिका

[संपादित करें]

उत्तरी अमेरिका

[संपादित करें]

लातिनी अमेरिका और कैरेबियन

[संपादित करें]

ओशिनिया

[संपादित करें]

सम्बन्धित विषय

[संपादित करें]

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  2. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  3. Chapelle, Carol A., ed. (30 January 2013). The Encyclopedia of Applied Linguistics (1 ed.). Wiley. डीओआई:10.1002/9781405198431.wbeal0550.pub2. ISBN 978-1-4051-9473-0. एस2सीआईडी 236410953.
  4. Kachru, Yamuna; Nelson, Cecil L. (1 April 2006). World Englishes in Asian Contexts. Hong Kong University Press. ISBN 978-962-209-755-1.
  5. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  6. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  7. Chapelle, Carol A., ed. (30 January 2013). The Encyclopedia of Applied Linguistics (1 ed.). Wiley. डीओआई:10.1002/9781405198431.wbeal0550.pub2. ISBN 978-1-4051-9473-0. एस2सीआईडी 236410953.
  8. Khan, Mansoor Ahmed. "The Future of English by David Graddol". {{cite journal}}: Cite journal requires |journal= (help)
  9. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  10. Kachru, Yamuna; Nelson, Cecil L. (1 April 2006). World Englishes in Asian Contexts. Hong Kong University Press. ISBN 978-962-209-755-1.
  11. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  12. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  13. Shibata, Ayako (2009). "Englishization in Asia: Language and Cultural Issues". Asian Englishes. 12 (2): 84–87. डीओआई:10.1080/13488678.2009.10801262. आईएसएसएन 1348-8678. एस2सीआईडी 154078463.
  14. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  15. Chapelle, Carol A., ed. (30 January 2013). The Encyclopedia of Applied Linguistics (1 ed.). Wiley. डीओआई:10.1002/9781405198431.wbeal0550.pub2. ISBN 978-1-4051-9473-0.
  16. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.
  17. Revisiting the Making of Hindi as a 'National' Language Ganpat Teli, M.Phil.
  18. Shibata, Ayako (2009). "Englishization in Asia: Language and Cultural Issues". Asian Englishes. 12 (2): 84–87. डीओआई:10.1080/13488678.2009.10801262. आईएसएसएन 1348-8678. एस2सीआईडी 154078463.
  19. Bolton, Kingsley; Kachru, Braj B. (2006). World Englishes: Critical Concepts in Linguistics. Taylor & Francis. ISBN 978-0-415-31509-8.