अंगूठी (1943 फ़िल्म)
| अंगूठी | |
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चित्र:अंगूठी.jpg अंगूठी का पोस्टर | |
| निर्देशक | बिभूति मित्रा |
| निर्माता | बॉम्बे टॉकीज |
| अभिनेता | अशोक कुमार |
| संगीतकार | अनिल बिस्वास |
प्रदर्शन तिथियाँ |
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| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
अंगूठी 1943 में बनी एक भारतीय हिन्दी फ़िल्म है जिसका निर्माण बॉम्बे टॉकीज ने किया था और निर्देशन शंकर मेहता द्वारा किया गया था। इस फिल्म में अशोक कुमार और लीला चिटनिस प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म का संगीत अनिल बिस्वास ने तैयार किया था, जो उस समय के अग्रणी संगीतकारों में गिने जाते थे।
पृष्ठभूमि
[संपादित करें]1940 के दशक में बॉम्बे टॉकीज भारत की अग्रणी फिल्म निर्माण कंपनियों में से एक थी और इसने कई प्रसिद्ध फिल्मों का निर्माण किया। "अंगूठी" उन्हीं में से एक है, जो उस समय के सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाती है। यह फिल्म प्रेम, त्याग, और सामाजिक बंधनों के इर्द-गिर्द घूमती है।
कथानक
[संपादित करें]इस फिल्म की कहानी एक अंगूठी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दो पात्रों की ज़िंदगी को जोड़ती और फिर तोड़ती है। यह एक प्रेम कहानी है जिसमें सामाजिक वर्गों का टकराव, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ, और भावनात्मक द्वंद्व देखने को मिलता है। फिल्म प्रेम की निशानी बनी एक अंगूठी के ज़रिये नायक और नायिका की भावनाओं और संघर्षों को दर्शाती है।