अंकीय दूरदर्शन

अंकीय दूरदर्शन (अंग्रेज़ी: digital television, DTV) वह प्रविधि है जिसके माध्यम से दूरदर्शन संकेतों का प्रसारण अंकीय संकेतन द्वारा किया जाता है, जबकि पूर्ववर्ती एनालॉग दूरदर्शन तकनीक में एनालॉग संकेतों का प्रयोग होता था। सन् २००० के दशक में इसे १९५० के दशक में रंगीन दूरदर्शन के बाद दूरदर्शन तकनीक में पहला महत्त्वपूर्ण विकास माना गया।[1]
आधुनिक अंकीय दूरदर्शन उच्च परिभाषा दूरदर्शन (HDTV) में प्रसारित होता है, जिसकी स्पष्टता एनालॉग टीवी की तुलना में कहीं अधिक होती है। यह सामान्यतः चौड़े स्क्रीन अनुपात (१६:९) का प्रयोग करता है, जो एनालॉग टीवी के संकुचित प्रारूप (४:३) से भिन्न है।[2] यह दुर्लभ रेडियो स्पेक्ट्रम का अधिक किफ़ायती उपयोग करता है, जहाँ एक एनालॉग चैनल की चौड़ाई में सात अंकीय चैनल तक प्रसारित किए जा सकते हैं, और कई ऐसे नए फ़ीचर प्रदान करता है जो एनालॉग दूरदर्शन में संभव नहीं थे।[3]
एनालॉग से अंकीय प्रसारण की ओर संक्रमण लगभग सन् २००० के आसपास आरम्भ हुआ। विश्व के विभिन्न भागों में अंकीय दूरदर्शन प्रसारण के लिए भिन्न-भिन्न मानक अपनाए गए हैं; नीचे प्रमुख रूप से प्रयुक्त मानकों का विवरण प्रस्तुत है:[4]
- डिजिटल वीडियो ब्रॉडकास्टिंग (DVB) यह मानक कोडित ऑर्थोगोनल फ़्रीक्वेंसी-डिविज़न मल्टीप्लेक्सिंग (OFDM) मॉड्यूलेशन का प्रयोग करता है और श्रेणीबद्ध प्रसारण का समर्थन करता है। इसे यूरोप, अफ़्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया सहित लगभग ६० देशों में अपनाया गया है।
- एडवांस्ड टेलीविज़न सिस्टम कमेटी (ATSC) यह मानक स्थलीय प्रसारण हेतु आठ-स्तरीय वेस्टिजियल साइडबैंड (8VSB) का प्रयोग करता है। इसे संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, बहामास, जमैका, डोमिनिकन गणराज्य, हैती और सूरीनाम सहित ९ देशों में अपनाया गया है।
- इंटीग्रेटेड सर्विसेज डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग (ISDB) यह प्रणाली स्थिर रिसीवरों के साथ-साथ पोर्टेबल या मोबाइल रिसीवरों को भी उत्तम ग्रहण क्षमता प्रदान करने हेतु डिज़ाइन की गई है। इसमें OFDM और द्वि-आयामी इंटरलीविंग का प्रयोग होता है। यह तीन स्तरों तक श्रेणीबद्ध प्रसारण का समर्थन करती है और MPEG-2 वीडियो तथा एडवांस्ड ऑडियो कोडिंग का प्रयोग करती है। इसे जापान और फ़िलिपीन्स में अपनाया गया है।
- ISDB-T International यह ISDB का एक रूपांतर है जिसमें H.264/MPEG-4 AVC का प्रयोग होता है। इसे दक्षिण अमेरिका के अधिकांश देशों के साथ-साथ बोत्सवाना और अंगोला में अपनाया गया है।
- १सेग (१-सेगमेंट) यह ISDB का एक विशेष रूप है जिसमें प्रत्येक चैनल को १३ खंडों में विभाजित किया जाता है। इनमें से १२ HDTV के लिए और एक संकीर्ण-बैंड रिसीवरों — जैसे मोबाइल टीवी और सेल फ़ोन — के लिए निर्धारित होता है।
- डिजिटल टेरेस्ट्रियल मल्टीमीडिया ब्रॉडकास्ट (DTMB) यह मानक टाइम-डोमेन सिंक्रोनस (TDS) OFDM तकनीक का प्रयोग करता है, जिसमें OFDM ब्लॉक और प्रशिक्षण चिह्न के लिए एक छद्म-यादृच्छिक संकेत फ्रेम को गार्ड इंटरवल (GI) के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसे चीन में, जिसमें हांगकांग और मकाऊ भी शामिल हैं, अपनाया गया है।
- डिजिटल मल्टीमीडिया ब्रॉडकास्टिंग (DMB) यह एक अंकीय रेडियो प्रसारण तकनीक है जिसे दक्षिण कोरिया में विकसित किया गया और राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी परियोजना के अंतर्गत अपनाया गया। इसका उद्देश्य मोबाइल उपकरणों — जैसे मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप और जी॰पी॰एस॰ नेविगेशन प्रणालियों — को टीवी, रेडियो और डेटा प्रसारण जैसे मल्टीमीडिया भेजना है।
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Kruger, Lennard G. (2002). Digital Television: An Overview. New York: Nova Publishers. ISBN 1-59033-502-3.
- ↑ Kruger, Lennard G. (2002). Digital Television: An Overview. New York: Nova Publishers. ISBN 1-59033-502-3.
- ↑ "HDTV Set Top Boxes and Digital TV Broadcast Information". मूल से से 22 May 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 June 2014.
- ↑ "HDTV Set Top Boxes and Digital TV Broadcast Information". मूल से से 22 May 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 June 2014.