Hagen Kleinert

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Hagen Kleinert

Hagen Kleinert(जन्म 1941) जर्मन फ्री विश्वविध्यालय(Free University of Berlin) में सोव्दंतिक भौथिकी(Theoretical Physics) के प्रोफ़ेसर (1968 से) क्य्र्ग्य्ज़-रूसी स्लाव विश्वविधालय में मानद प्रोफ़ेसर तथा Russian Academy of Creative Endeavors के मानद सदस्य है. कण और दोस भौतिकी में उनके योगदान के लिए उन्हें Max Born Prize 2008 से सम्मानित किया गया है.

Kleinert ने गणितीय भौतिकी(mathematical physics) और प्रथिमिक कण भौतिकी(physics of elementary particles) ,नामिको(nuclei) ,डोस अवस्था(solid state),द्रव क्रिस्टल(liquid crystals),बिओमेम्ब्राने(biomembranes),मिक्रोएमुल्सिओन(microemulsions),पोल्य्मेर्स(polymers) और वित्तिय बजाये(financial markets) के सिद्धांत पर 370 शोधे पत्र प्रकाशित किये है. उनकी मुक्य पुस्तक "Path Integral in Quantum Mechanics,Statistics,Polymer Physics और Financial Markets" 1990 से चार संस्करणों तथा दो नये संस्करण Application Of Path Integral in Financial Markets पर नये अध्यायों के साथ प्रकाशित हो चुकी है.इस पुस्थक को उत्साहवर्धन समीक्षये मिली है.[1]. Hannover University और Georgia Institute of Technology में अपने प्रथम वर्ष के बाद उन्होंने एक स्नातक छात्र के रूप में Big Bang सिद्धांत के पिता कहे जाने वालो में से एक George Gamov से सामान्य सापेक्षता का आध्य्ययन किया. एक युवक प्रोफ़ेसर के रूप में 1972 में Klenert अपने Caltech दौरे पर जाने माने अमेरिका भौतिक शास्त्री Richard फेय्न्मन से बहुत प्रभावित हुए .उन्होंने Feynman's path Integral का प्रयोग करके path Integral of Hydrogen atom का पता कैसे लगते है की खोज की[2][3]. उनके इस कार्य ने Feynman's Path Integral की कार्य सीमा को काफी बड़ा दिया ,Kleneirt ने Feynman के बाद के कार्यो में उनका सहयोग किया[4]. उनके इस कार्य के कारन एक गणितीय सिद्धांत द्वारा divergent weak coupling series को convergent strong coupling series में बदलने में सहायता मिली .उनकी इस variational perturbation नामक सिद्धांत के कारन वर्तमान में सब से सरोक सिद्धांत critical exponents[5] observable close to second order phase को उपग्रह प्रयोग में superfluid Helium की पुशी हुई सरचना को सप्षर किया.[6].

Quantum Field सिद्धांत[7] में उन्होंने N.Cabibbo,L.Horwitz और Y.Ne'eman द्वारा अनुमोदित Regge के Algebra का मूल स्थापित किया.[8]). K.Maki के साथ उन्होंने icosahedral phase of Quasicrystals की सरचना को स्पषर किया[9].अतिचालकोsuperconductors के लिए उन्होंने 1982 में type-I और type-II अथिचालक के मध्य जहा द्वितीय रूप से प्रथम में सक्रमण परिवर्तन होता है में एक tricritical point की [10]. यह चीजे Monte Carlo Simulations से निरुपित की गयी है.[11]. बविश्य्वानी की यह सिद्धांत नये disorder field सिद्धांत पर आधारित है ,जिसे Kleinert ने अपनी Gauge Field in Condensed Matter पुस्तक में प्रतिस्तापिथ किया.इस सिद्धांत में Statistical properties of fluctuating vortex या defect lines को pf fields की सहायता से एलेमेंतारी एक्स्सिताशन्स के रूप में वर्णित किया है ,जिसके Feynman चित्र लाइनो की तस्वीरे है.यह disorder field theory अवस्था संक्रमण के लिए order field theory of L.D Landau का दोहरा संस्करण है. Erice में 1978 के ग्रीष्मकालीन विद्यालय के धौरण उन्होंने अनु नामिक में broken supersymmetry की उपस्थिथि को बताया[12] ,जो की प्रयागों के द्वारा भी सिद्ध हो चूका है.[13] उनकी collective quantum fields और Hadronization of quark ठोरिएस,संधयिथ द्रव्य नाभिकीय और प्राथमिक कण भौतिकी में कई बदलावों के लिए नमूना है. 1986 में उन्होंने string theory में कदोरता का परिचय किया,जो की साधारण थाई केवल तनाव में रहता है .इस तरह से उन्होंने string के भौतिक गुणों को बड़े रूप से विकसित किया.चँकि रूसी भौथिक्विध A.Polykov ने भी साथ में ही सामान कार्य किया,इस लिए इस परिणाम को [1] Polykov-Kleneirt string के नाम से जाना जाता है. A.Chervyakov के साथ मिलकर Theory of Distribution का विस्तार linear space से semigroup किया तथा उनके उत्पाहं को अद्वितीय रूप में परिबशिथ किया(गणितीय सिद्धांत में केवल रेखीय संयोजन परिभाषित है).यह विस्तार भौतिक आवश्यकताओ जैसे coordinate transformation में path integral अपरिवर्तनीय होना चाहिए के द्वारा संभव हुई.यह गुण path integral formulation के Schrodinger theory से बराबरी के लिए आवश्यक है. String theory के एक वेय्केल्प के रूप में Kleinert complete analogy between non-Eucledian geometry और geometry of crystal with defects का प्रयोग ब्रहांड के एक मांडल बनाने के लिए किया जिसे world crystal या Planck-Kleinert crystal कहा जाता है जिसमें Planck length की दूरी string theory से काफी भिन्न भौतिक है.इस मांडल में द्रव्य space time में दोष उत्पन्न कहता है जोकि सामान्य सापेक्ष्थ में वक्रता और दुसरे सभी दोषों को उत्पन्न करता है.इसी सिद्धांत के प्रभाव में इटालियन चित्रकार Laura Pesce ने कांच की सरंचना world crystal को बनाया. Klenert अन्थाराश्रिय Relativistic Astrophysics Ph.d Project(IRAP) के वरिष्ट सदस्य है,जोकि Astrophysics(ICRANET) के अन्थाराश्त्रिय मेवेर्क का हिस्सा है .वह एउरोपेय विज्ञानं फन्द्देसन की परियोजना[2] Cosmology ब्रहगंड विज्ञानं में भी सक्रीय थे.

References[संपादित करें]

  1. Henry B.I. (2007). "Book Reviews". Australian Physics 44 (3): 110. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/b5/reviews/picrithenry.doc. 
  2. Duru I.H., Kleinert H. (1979). "Solution of the path integral for the H-atom". Physics Letters B 84 (2): 185–188. doi:10.1016/0370-2693(79)90280-6. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/kleiner_re65/65.pdf. 
  3. Duru I.H., Kleinert H. (1982). "Quantum Mechanics of H-Atom from Path Integrals". Fortschr. Phys 30 (2): 401–435. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/kleiner_re83/83.pdf. 
  4. Feynman R.P., Kleinert H. (1986). "Effective classical partition functions". Physical Review A 34: 5080–5084. doi:10.1103/PhysRevA.34.5080. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/159/159.pdf. 
  5. Kleinert, H., "Critical exponents from seven-loop strong-coupling φ4 theory in three dimensions". Physical Review D 60, 085001 (1999)
  6. Lipa J.A. (2003). "Specific heat of liquid helium in zero gravity very near the lambda point". Physical Review B 68: 174518. doi:10.1103/PhysRevB.68.174518. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/papers/lipa.pdf. 
  7. Kleinert H. (1973). "Bilocal Form Factors and Regge Couplings". Nucl. Physics B65: 77–111. doi:10.1016/0550-3213(73)90276-9. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/45/45.pdf. 
  8. Ne'eman Y, Reddy V.T.N. (1981). "Universality in the Algebra of Vertex Strengths as Generated by Bilocal Currents". Nucl. Phys. B 84: 221–233. doi:10.1016/0550-3213(75)90547-7. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/papers/neemredd.pdf. 
  9. Kleinert H., Maki K. (1981). "Lattice Textures in Cholesteric Liquid Crystals". Fortschritte der Physik 29: 219–259. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/75/75.pdf. 
  10. Kleinert H. (1982). "Disorder Version of the Abelian Higgs Model and the Order of the Superconductive Phase Transition". Lett. Nuovo Cimento 35: 405–412. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/97/97.pdf. 
  11. Hove J., Mo S., Sudbo A. (2002). "Vortex interactions and thermally induced crossover from type-I to type-II superconductivity". Phys. Rev. B 66: 064524. doi:10.1103/PhysRevB.66.064524. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/papers/sudbotre064524.pdf. 
  12. Metz A., Jolie J., Graw G., Hertenberger R., Gröger J., Günther C., Warr N., Eisermann Y. (1999). "Evidence for the Existence of Supersymmetry in Atomic Nuclei". Phys. Rev. Lett. 83: 1542. doi:10.1103/PhysRevLett.83.1542. http://prola.aps.org/pdf/PRL/v83/i8/p1542_1. 
  13. Ferrara S., Discussion Section of 1978 Erice Lecture publ. in (1980). "The New Aspects of Subnuclear Physics". Plenum Press, N.Y., Zichichi A. ed.: 40. http://www.physik.fu-berlin.de/~kleinert/55/1978/supersnuc.pdf. 

Books[संपादित करें]

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