२२ जुलाई २००९ का सूर्यग्रहण

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२२ जुलाई २००९ का सूर्यग्रहण
Solar eclipse animate (2009-Jul-22).gif
22 जुलाई 2009 का सूर्यग्रहण
ग्रहण का प्रकार
गामा 0.0696
परिमाण 1.0799
सैरोस 136 (37 of 71)
अधिकतम ग्रहण
अवधि 398 s (6 min 38.8 s)
स्थान प्रशांत महासागर
निर्देशांक 24°12′36″N 144°06′24″E / 24.21°N 144.10667°E / 24.21; 144.10667
समय (UTC)
आंशिक ग्रहण 23:58:18 (Jul 21)
पूर्ण ग्रहण 00:51:16
मध्यवर्ती ग्रहण 00:54:31
बृहत्तम ग्रहण 02:35:21

२२ जुलाई २००९ का सूर्यग्रहण २१वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्यग्रहण था, जो कि कुछ स्थानों पर 6 मिनट 39 सेकंड तक रहा।[1] इसके कारण चीन, नेपाल व भारत में पर्यटन-रुचि भी बढ़ी।[1][2][3] यह ग्रहण सौर-चक्र 136 का एक भाग है, जैसे कि कीर्तिमान-स्थापक 11 जुलाई 1991 का सूर्यग्रहण था। इस शृंखला में अगली घटना 2 अगस्त 2027 में होगी।[4] इसकी अनोखी लंबी अवधि इसलिए है, कि चंद्रमा उपभू बिंदु पर है, जिससे चंद्रमा का आभासी व्यास सूर्य से 8% बड़ा है (परिमाण 1.080) तथा पृथ्वी अपसौरिका के निकट है[5] जहाँ पर सूर्य थोड़ा सा छोटा दिखाई देता है।

यह इसी महीने के तीन ग्रहणों की शृंखला में दूसरी होगा, जिसमें अन्य हैं 7 जुलाई का चंद्रग्रहण तथा 6 अगस्त का चंद्रग्रहण

दृश्यता[संपादित करें]

यह एक सँकरे गलियारे में दृश्य होगा, जो उत्तरी मालदीव, उत्तरी पाकिस्तान व उत्तरी भारत, पूर्वी नेपाल, उत्तरी बांग्लादेश, भूटान, म्याँमार का उत्तरी बिंदु, मध्य चीन तथा प्रशांत महासागर में उसके द्वीपों र्युक्यु द्वीपों, मार्शल द्वीपों तथा किरिबती सहित, से गुजरेगा।

पूर्णता कई बड़े शहरों में दृश्य होगी, जिनमें हैं: सूरत, बड़ोदरा, भोपाल, वाराणसी, पटना, दिनाजपुर, सिलीगुड़ी, तवांग, गुवाहाटी, चोंगछिंग, यिचांग, जिंगजोउ, वुहान, होंगजोउ, शंघाई आदि। [6][7] कुछ विशेषज्ञों के अनुसार तारेगना [8][9], बिहार, इस घटना को देखने का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। आंशिक सूर्यग्रहण तो चंद्रमा की उपच्छाया के चौड़े मार्ग पर दिखाई देगा ही, जिसमें अधिकांश दक्षिण एशिया (संपूर्ण भारत व चीन) व उत्तर पूर्वी ओशियानिया शामिल हैं।

समयावधि[संपादित करें]

यह 21 वी सदी का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण था और केवल 13 जून 2132 को ही अवधि के मामले में अतिक्रमित होगा। अधिकतम ग्रहण 02:35:21 UTC को बोनिन द्वीपों के 100 किमी दक्षिण में होगा जो जापान के दक्षिणपूर्व में हैं। अवासित उत्तरी इवो जिमा द्वीप वह स्थलखंड है, जहाँ प्रायः अधिकतम पूर्णता समयावधि होगी, जबकि निकटतम वासित बिंदु है एकुसेकिजिमा, जहाँ यह 6 मिनट 26 सेकंड रहेगा। [10]

छवियाँ[संपादित करें]

नई दिल्ली में
  • यह चित्र टीवी से लिया गया है, क्योंकि दिल्ली में पूर्ण ग्रहण नहीं पड़ा था।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]