२०१० हैती भूकम्प

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
२०१० हैती भूकम्प
क्षतिग्रस्त नेशनल पैलेस (ऊपर),
भूकम्प का केन्द्र (नीचे)
तिथि 21:53:09, 12 जनवरी 2010 (UTC) (2010-01-12T21:53:09Z) (स्थानीय समय)
तीव्रता ७.० Mw
गहराई 6.2 मील (10.0 किमी)
भूकम्प केन्द्र 18°27′05″N 72°26′43″W / 18.4514°N 72.4452°W / 18.4514; -72.4452Erioll world.svgनिर्देशांक: 18°27′05″N 72°26′43″W / 18.4514°N 72.4452°W / 18.4514; -72.4452
प्रभावित देश/
क्षेत्र
हैती
डोमिनिकन गणराज्य
क्यूबा
जमैका
वेनेज़ुएला
अधिकतम तीव्रता MM X[1]
सूनामी कोई नहीं
पश्चात्वर्ती झटके ४२[2]
हताहत दफन लोगों की पुष्टि - ७०,०००
(हैती सरकार)[3]
अनुमानित मृतक - २ लाख
(हैती सरकार)[4]

२०१० हैती भूकम्प कैरीबियाई देश हैती में मंगलवार १२ जनवरी, २०१० (भारत में तिथि १३ जनवरी, २०१०) को आया जबर्दस्त भूकम्प था। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता ७.३ आंकी गई थी। इस शक्तिशाली भूकम्प में हज़ारों लोग मारे गए। भूकम्प से राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के कई भवन ध्वस्त हो गए और कई स्थानीय निवासी उसके नीचे दब गए। आंकड़ों के अनुसार पिछले २०० वर्षों में हैती में यह सबसे शक्तिशाली भूकम्प था।

संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के अनुसार इस भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर ७ मापी गई है।[5] इस भूकम्प का केन्द्र राजधानी से मात्र १६ किलोमीटर दूर तथा धरती से केवल १० किलोमीटर नीचे था। इस भीषण भूकम्प से भारी संख्या में भवन ढह गए जिससे कई लाख लोग मारे गए। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि भूकम्प स्थानीय समयानुसार लगभग ४ बज कर ५३ मिनट पर आया। भूकम्प के शक्तिशाली झटकों के बाद ५.९, ५.५ और ५.१ तीव्रता के तीन और पश्चातवर्ती झटके महसूस किए गए। इन शक्तिशाली झटकों के कारण हैती में संचार व्यवस्था बाधित हो गई। मलबे के कारण सड़कों पर आवागमन रूक गया।[6]

इस जबर्दस्त भूकम्प के बाद पूरी दुनिया से राहत और बचात सामग्री पहुँचना आरम्भ हो गया। भारत सरकार द्वारा भी हैती में भूकम्प हताहतों की सहायता के लिए ५० लाख डॉलर (लगभग २५ करोड़ रुपये) की सहायता दी गई।[7]

कारण[संपादित करें]

वैसे कैरीबियाई जोन में भूकम्प अधिक नहीं आते हैं, फिर भी यहां आए भूकम्प का कारण स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट है।[8] इसमें पृथ्वी के क्रस्ट के दो बड़े खण्ड आपस में एक दूसरे को आगे-पीछे धकेलते हैं। इस कारण कई बार फिसलने के कारण पृथ्वी का कोई एक क्रस्ट ऊपर की ओर हो जाता है।

यूएसजीएस तीव्रता मानचित्र

भूकम्प तब आता है जब धरती की जटिल परतें, जो एक दूसरे के साथ सटी होती हैं, धीमे-धीमे हिलती हैं। हैती के भूकम्प वाली स्थिति में कैरीबियाई और उत्तरी अमेरिकी प्लेटें एक दूसरे को पूर्व-पश्चिम दिशा में खिसकाती हैं। यह स्ट्राइक स्लिप बाउण्ड्री के नाम से जाना जाता है। बाउण्ड्री के आस-पास के बिन्दुओं पर दबाव बनता है। साथ ही तनाव क्रस्ट के कुछ भागों पर भी बनता है। अन्तत: यह दबाव एकदम से कम होता है। तेजी से होने वाली हलचल के कारण घर्षण पैदा होता है जिसके कारण भूकम्प आते हैं। जिस फॉल्ट सिस्टम के कारण कम्पन होता है उसे एनरीक्यूलो-प्लेनेटियन गार्डन फॉल्ट सिस्टम कहा जाता है। सामान्यत: बड़े भूकम्प कैरीबियाई क्षेत्र में नहीं आते हैं क्योंकि यहां की प्लेट छोटी होती है और फॉल्ट सिस्टम बड़ा नहीं होता। कैरीबियन और उत्तरी अमेरिका की टैक्टोनिक प्लेट में लगातार हो रही हलचल के कारण हैती में भूकम्प आया।

तीव्रता[संपादित करें]

भूकम्प की तीव्रता का अनुमान उसके केंद्र से दूर उससे आहत हुए लोगों पर पड़े प्रभाव से लगाया जाता है। हैती में आए भूकम्प में यह पोर्ट ऑ प्रिंस के उत्तर-पश्चिम से दस मील (१५ कि.मी.) था और पृथ्वी की सतह से सवा छः मील (लगभग १० किमी.) था। हैती में इस भूकम्प की गहराई उथली थी यानी भूकम्प में जो ऊर्जा बाहर निकली वह सतह के बहुत निकट थी जिसने क्षति बहुत बढ़ा दी। वहीं जो भूकम्प गहरे होते हैं वह धरती को अधिक नहीं हिलाते। इसके साथ-२ हैती की खस्ताहाली ने आग में घी का काम किया। यहां के भवन मानकों के अनुरूप नहीं है और यहां जनसंख्या घनत्व अधिक है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]