हुमायूँ
| नसीरुद्दीन हुमायूँ | ||
|---|---|---|
| मुगल बादशाह | ||
| राजकाल | १५३०-१५४०, १५५५-१५५६ | |
| जन्म | 17 मार्च, 1508 | |
| काबुल | ||
| मृत्यु | मार्च 4, 1556 (उम्र 47) | |
| दिल्ली | ||
| दफ़न | हुमायुं का मकबरा | |
| पूर्वाधिकारी | बाबर | |
| उत्तराधिकारी | अकबर | |
| पत्नी/पत्नियाँ | हमीदा बानु बेगम बेगा बेगम बिगेह बेगम चाँद बीबी हाजी बेगम माह-चूचक मिवेह-जान शहज़ादी खानम |
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| राजघराना | तिमुर | |
| वंश | मुगल | |
| पिता | बाबर | |
हुमायूँ एक मुगल शासक था। प्रथम मुग़ल सम्राट बाबर के पुत्र नसीरुद्दीन हुमायूँ (६ मार्च १५०८ – २२ फरवरी, १५५६) थे। यद्यपि उन के पास साम्राज्य बहुत साल तक नही रहा, पर मुग़ल साम्राज्य की नींव में हुमायूँ का योगदान है।
बाबर की मृत्यु के पश्चात हुमायूँ ने १५३० में भारत की राजगद्दी संभाली और उनके सौतेले भाई कामरान मिर्ज़ा ने काबुल और लाहौर का शासन ले लिया। बाबर ने मरने से पहले ही इस तरह से राज्य को बाँटा ताकि आगे चल कर दोनों भाइयों में लड़ाई न हो। कामरान आगे जाकर हुमायूँ के कड़े प्रतिद्वंदी बने। हुमायूँ का शासन अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के हिस्सों पर १५३०-१५४०, और फिर १५५५-१५५६ तक रहा।
भारत में उन्होने शेरशाह सूरी से हार पायी। १० साल बाद, ईरान साम्राज्य की मदद से वे अपना शासन दोबारा पा सके। इस के साथ ही, मुग़ल दरबार की संस्कृति भी मध्य एशियन से इरानी होती चली गयी।
हुमायूँ के बेटे का नाम जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर था।
हुमायूँनामा[संपादित करें]
हुमायूँ की जीवनी का नाम हुमायूँनामा है जो उनकी बहन गुलबदन बेग़म ने लिखी है। इसमें हुमायूँ को काफी विनम्र स्वभाव का बताया गया है और इस जीवनी के तरीके से उन्होंने हुमायूँ को क्रोधित और उकसाने की कोशिश भी की है।
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हुमायूँ
जन्म: ७ मार्च १५०८ मृत्यु: २६ जनवरी १५५६ |
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| राजसी उपाधियाँ | ||
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| पूर्वाधिकारी बाबर |
मुगल सम्राट १५३०-१५३९ |
उत्तराधिकारी शेरशाह सूरी (दिल्ली के शाह)) |
| पूर्वाधिकारी आदिल शाह सूरी (दिल्ली के शाह)) |
मुगल सम्राट १५५५-१५५६ |
उत्तराधिकारी अकबर |
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