हिरोशिमा

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हिरोशिमा जापान का एक नगर है जहाँ द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान १९४५ में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा परमाणु बम गिराया गया था जिससे पूरा का पूरा नगर बरबाद हो गया था। इस विभिषका के परिणाम आज भी इस नगर के लोग भुगत रहे हैं। जापान के एक दूसरे नगर नागासाकी पर भी परमाणु बम से हमला किया गया था। इसी का परिणाम है कि जापान ने परमाणु हथियार कभी निर्माण न करने की नीति स्थापित की है।


6 अगस्त, 1945 को पहली बार परमाणु बम का इस्तेमाल जापान के शहर हिरोशिमा पर हुआ था. हिरोशिमा को क्यों बनाया था निशाना? परमाणु बम गिराने के लिए हिरोशिमा को इसलिए निशाना बनाया गया था क्योंकि अमरीकी वायुसेना के हमलों में इसे टारगेट नहीं किया गया था. ऐसे में परमाणु बम की विध्वंस क्षमता का पता लगाना आसान होता. यह जापान का अहम सैन्य ठिकाना भी था. इसके अलावा ज़्यादा आबादी वाले द्वीपों को निशाना बनाने से परहेज किया गया था. कैसे गिराया गया था पहला परमाणु बम? 6 अगस्त, 1945 को अमरीकी बी-29 बमवर्षक विमान ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था. बम को पैराशूट के ज़रिए गिराया गया और जमीन से 580 मीटर की ऊंचाई पर विस्फोट किया गया. इस विस्फोट के चलते 10 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में गहरे गड्ढे बन गए. विस्फोट के बाद का मंज़र कैसा था?

परमाणु हमले के बाद सितंबर, 1945 में हिरोशिमा की तस्वीर विस्फोट के बाद हिरोशिमा में जगह-जगह आग लग गई थी. ये आग तीन दिनों तक जारी रही. विस्फोट होते ही 60 हज़ार से 80 हज़ार लोगों की मौत तुरंत हो गई. बम धमाके के बाद इतनी गर्मी थी कि लोग सीधे जल गए. इसके बाद हज़ारों लोग परमाणु विकिरण संबंधी बीमारियों के चलते मारे गए. इस विस्फोट में कुल 1,35,000 लोगों की मौत हुई थी.