हन्टेरियन लिप्यन्तरण

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
हन्टेरियन/जोंसियन पद्दति पर आधारित १८४८ में छपी एक लिप्यन्तरण विधि

हन्टेरियन लिप्यन्तरण (अंग्रेजी: Hunterian transliteration, हन्टेरियन ट्रांस्लिटरेशन) देवनागरी सहित अन्य भारतीय और ग़ैर-भारतीय लिपियों में लिखे पाठों को रोमन लिपि में बदलने की एक लिप्यन्तरण पद्धति है। यह विधि भारत की राष्ट्रीय रोमन लिप्यन्तरण विधि मानी जाती है और इसे भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। भारत के अधिकतर व्यक्तियों, स्थानों, घटनाओं, ग्रंथों एवं पुस्तकों के प्रचलित रोमन-लिपि नाम इसी हन्टेरियन विधि पर आधारित हैं।[1][2][3] इस विधि को कभी-कभी जोंसियन विधि भी कहा जाता है।[4]

आशोधन[संपादित करें]

देवनागरी लिपि में रोमन लिपि से अधिक वर्णों के होने के कारणवश मौलिक हन्टेरियन विधि में कहीं-कहीं पर एक से अधिक देवनागरी वर्णों को केवल एक ही रोमन वर्ण में लिप्यन्तरित किया जाता है। उदाहरणतः "" और "" दोनों को परिवर्तित कर के "t" लिखा जाता है। ठीक इसी तरह, 'द' और 'ड' दोनों को "d" लिखा जाता है। मौलिक हन्टेरियन की इस कमी को पूरा करने के लिए कुछ आशोधित हन्टेरियन प्रणालियाँ जन्मी जिनमें नुक्तों और अन्य चिह्नों के प्रयोग से देवनागरी के हर वर्ण के लिए रोमन लिपि में अनूठा रूप स्थापित किया गया, उदाहरणतः "" के लिए "t" और "" के लिए ""।[5][6][7]

स्वरमाला[संपादित करें]

हिंदी द्वारा प्रयोग होने वाले देवनागरी के मुख्य स्वर हन्टेरियन लिप्यन्तरण के बाद इस प्रकार लिखे जाते हैं[1][8] -

देवनागरी नस्तालीक़ ध्वनी मौलिक हन्टेरियन आशोधित हन्टेरियन टिप्पणी
ا ə a a
آ ā, a ā
اِ ɪ i i
ی ī, i ī
اُ ʊ u u
او ū ū
اے e e
اے æ ai ai मानक हिंदी में इसकी ध्वनी [æ] होती है, लेकिन बिहारी और पूर्वी हिंदी उपभाषाओं में ध्वनी [eːɪ] से मिलती हुई होती है[9]
او o o
او ɔː au au बिहारी और पूर्वी हिंदी उपभाषाओं में ध्वनी [əʊ] से मिलती हुई होती है
अं ں, ن, م ŋ या m m या n ṃ या ṅ
अः ح h h [5]
رِ ri ṛĭ[5]
رِ ri ṟĭ[5]
اے ɛ - - इस के लिए हन्टेरियन में कोई चिन्ह परिभाषित नहीं है; ये ध्वनी हिंदी में प्रयोग तो होती है (जैसे की कह/kɛḥ), लेकिन इसे स्वानिकी रूप से देवनागरी में अधिकतर नहीं लिखा जाता
او ɒ - - इस के लिए हन्टेरियन में कोई चिन्ह परिभाषित नहीं है; ये ध्वनी हिंदी में प्रयोग तो होती है (जैसे की गौना/gɒnaː), लेकिन इसे स्वानिकी रूप से देवनागरी में अधिकतर नहीं लिखा जाता

व्यंजनमाला[संपादित करें]

हन्टेरियन/जोंसियन-आधारित सन १८७९ का एक संयोजन
हन्टेरियन/जोंसियन-आधारित सन १८९५ का एक संयोजन
हलन्त दर्शाने के लिए एक छोटे चिन्ह का प्रयोग

आशोधित हन्टेरियन लिप्यन्तरण में मूर्धन्य अक्षरों को दर्शाने के लिए अक्सर लिप्यन्तरित रोमन अक्षर के नीचे नुक्ते का चिह्न लगाया जाता है।[7][10] संस्कृत के देवनागरी प्रयोग में हर व्यंजन में 'अ' की ध्वनि निहित होती है, लेकिन कईं आधुनिक हिन्द-आर्य भाषाओं में शब्दों के कुछ स्थानों में इस निहित 'अ' की ध्वनि को हटा दिया जाता है। जैसे की 'अब' को अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला में 'əb' पढ़ा जाता है, न कि 'əbə'। हन्टेरियन में अगर कहीं भी निहित 'अ' कि ध्वनि हो तो उसे स्पष्ट रूप से 'a' लिखा जाता है। अगर हलन्त हो तो कुछ आशोधित हन्टेरियन विधियों में उसे विराम बिंदु ('.') के प्रयोग से दर्शाया जाता है।

देवनागरी नस्तालीक़ ध्वनी मौलिक हन्टेरियन आशोधित हन्टेरियन टिप्पणी
ک k k k
کھ kh kh
گ g g g
گھ ɡʱ gh gh
ن ŋ n [5]
چ ch ch
چھ tʃʰ chh cẖ, čh[5]
ج j j
جھ dʒʱ jh jh
ن ɲ n ñ[5]
ٹ ʈ t [5]
ٹھ ʈʰ th ṭh[5]
ڈ ɖ d [5]
ڈھ ɖʱ dh ḍh[5]
ن ɳ n [5]
ت t t
تھ t̪ʰ th th
د d d
دھ d̪ʱ dh dh
ن n n n
پ p p p
پھ ph ph
ب b b b
بھ bh bh
م m m m
ی j y y
ر r r r
ل l l l
و v,ʋ,w w, v v मराठी में w, लेकिन i के पहले हो तो v; हिंदी में स्थानीय निर्भरता के अनुसार v,ʋ,w
ش ʃ sh sh नेपाली में s या sh दोनों का प्रयोग उचित है; हिंदी में केवल sh
ش ʃ,ʂ sh ṣh[5] हिंदी में ध्वनि ʃ है; संस्कृत में ʂ है
س s s s
ح ɦ h h
क़ ق q q q
ख़ خ x kh ḳh, k͟h[10]
ग़ غ ɣ gh g͟h[10]
ड़ ڑ ɽ r [10]
ढ़ ڈھ ɽʱ rh ṛh[10]
फ़ ف f f f
ज़ ز z z z
झ़ ژ ʒ zh zh
क्ष کش kʃ,kʂ ksh kṣh[5]
त्र تر t̪r tr tr
ज्ञ گیہ gj gy gy संस्कृत में jñ
श्र شر ʃr shr shr

प्रयोग उदाहरण[संपादित करें]

उदाहरण १: मैं अपने संबंधी से कारख़ाने में मिला और उसने मुझे चाय पिलाई. वो बारिश के कारण फ़सलों को हुए नुक़सान की वजह से चिंतित था. मैंने उसे अपनी ख़बर सुनाई. क्योंकि मुझे निकलना था, इसलिए कुछ देर बाद मैंने क्षमा मांगी और वहाँ से रवाना हुआ.

आशोधित हन्टेरियन: maiṅ apne saṃbaṅdhī se kārk͟hāne meṅ milā aur usne mujhe chāy pilāī. vo bārish ke kāraṇ fasloṅ ko hue nuqsān kī vajah se chiṅtit thā. maine use apnī k͟habar sunāyī. k.yoṅki mujhe nikalnā thā, islie kuchh der bād maine kṣhamā māṅgī aur vahāṅ se ravānā huā.

मौलिक हन्टेरियन: main apne sambandhi se karkhane men mila aur usne mujhe chay pilayi. wo barish ke karan faslon ko hue nuqsan ki vajah se chintit tha. maine use apni khabar sunayi. kyonki mujhe nikalna tha, islie kuchh der bad maine kshama mangi aur vahan se ravana hua.

Notes: संबंधी can interchangeably be written several different ways in Hindi: संबंधी, सम्बंधी, संबन्धी or सम्बन्धी.

उदाहरण २: इस साल ग्रीष्मकालीन वर्षा ज़्यादा होने से अमरूद और बेर की क़िल्लत देखी गयी. मज़े की बात ये है के सेब और ख़ुबानी की क़ीमतें कम हैं क्योंकि उत्तराखण्ड में गोदाम भरे हैं.

आशोधित हन्टेरियन: is sāl g.rīṣh.mkālīn varṣhā zyādā hone se amrūd aur ber kī qil.lat dekhī gayī. maze kī bāt ye hai ke seb aur k͟hubānī kī qīmteṅ kam haiṅ k.yoṅki ut.tarākhaṇ.ḍ meṅ godām bhareṅ haiṅ.

मौलिक हन्टेरियन: is sal grishmkalin varsha zyada hone se amrud aur ber ki qillat dekhi gayi. maze ki bat ye hai ke seb aur khubani ki qimten kam hain kyonki uttarakhand men godam bharen hain.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. United Nations Group of Experts on Geographical Names, United Nations Department of Economic and Social Affairs, Technical reference manual for the standardization of geographical names, United Nations Publications, 2007, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9789211615005, http://books.google.com/books?id=mh8u32ANQxAC, "... ISO 15919 ... There is no evidence of the use of the system either in India or in international cartographic products ... The Hunterian system is the actually used national system of romanization in India ..." 
  2. United Nations Department of Economic and Social Affairs, United Nations Regional Cartographic Conference for Asia and the Far East, Volume 2, United Nations, 1955, http://books.google.com/books?id=QKsvAAAAYAAJ, "... In India the Hunterian system is used, whereby every sound in the local language is uniformly represented by a certain letter in the Roman alphabet ..." 
  3. National Library (India), Indian scientific & technical publications, exhibition 1960: a bibliography, Council of Scientific & Industrial Research, Government of India, 1960, http://books.google.com/books?id=8VYEAQAAIAAJ, "... The Hunterian system of transliteration, which has international acceptance, has been used ..." 
  4. Notes and queries, Oxford University Press, 1883, http://books.google.com/books?id=UkcAAAAAYAAJ, "... What is now culled the Jonesian or Hunterian system is due primarily to Sir Charles Wilkins ... The original Jonesian system had its merits; but the ignorance of phonology which prevailed in those days prevents it from being accepted as a scientific instrument for the reproduction of sounds outside the limited range ..." 
  5. James Burgess, The transliteration of oriental alphabets, E.J. Brill, 1895, http://books.google.com/books?id=MBYuAAAAYAAJ, "... the use of c alone for this sound ... though it may be easy for specialists to attach an arbitrary sound to a letter, the public can hardly be expected ... Every map and geographical text book has adopted 'ch', as does the roll of every Indian regiment and every revenue record ... chh is the analogous aspirate of this, unless we adopt for it čh ... Table: The Principal Indian Alphabets ..." 
  6. Calcutta School-Book Society, Romanized school dictionary: English and Urdu, Calcutta School-Book Society Press, 1861, http://books.google.com/books?id=V1UWAAAAYAAJ, "... Anglo-Urdu Alphabet ... ḍ bad ... ḳh loch ..." 
  7. Max Muller, A Sanskrit grammar for beginners, Longmans, Green & Co., 1866, http://books.google.com/books?id=KqYIAAAAQAAJ, "... ड ḍ ढ ḍh ..." 
  8. Lt. Col. St. George Corbet Gore, Handbook of Professional Instructions for the Topographical Branch, Survey of India Department, 1896, "... क k ख kh ग g घ gh ..." 
  9. George Cardona, The Indo-Aryan languages, Psychology Press, 2003, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780700711307, http://books.google.com/books?id=jPR2OlbTbdkC, "... Table 7.1 Vowel Phonemes ... ai (ऐ) [æ] low front unrounded; dipthongal pronunciations in eastern and nonstandard dialects ... ..." 
  10. Duncan Forbes, A dictionary, Hindustani and English: to which is added a reversed part, English and Hindustani, W.H. Allen, 1848, http://books.google.com/books?id=7klIAAAAYAAJ, "... ب ब b ..."