हनुमानगढ़

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हनुमानगढ़‍
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य राजस्थान
ज़िला हनुमानगढ़
कलैक्टर डा रविकुमार
सांसद भरत मेघवाल
जनसंख्या
घनत्व
१२९,६५४ (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
9,656.09 km² (3,728 sq mi)
• १७७ मीटर

Erioll world.svgनिर्देशांक: 29°35′N 74°19′E / 29.58°N 74.32°E / 29.58; 74.32

हनुमानगढ़ भारत के राजस्थान प्रान्त का एक शहर है । हनुमानगढ़ नगर, उत्तर राजस्थान, पश्चिमोत्तर भारत, में घग्घर नदी के दाऐं तट पर स्थित है। हनुमानगढ़ को सादुलगढ़ भी कहते हैं। यह बीकानेर से 144 मील उत्तर-पूर्व में बसा हुआ है। यहाँ एक प्राचीन क़िला है, जिसका पुराना नाम भटनेर था। भटनेर भट्टीनगर का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ भट्टी अथवा भट्टियों का नगर है।

भूगोल[संपादित करें]

तापमान श्रेणी- हनुमानगढ़ जिला देश के गर्म इलाकों में आता है. गर्मियों में यहाँ का तापमान ४५ डिग्री से भी ज्यादा चला जाता है. हालाँकि सर्दियों में रातें अत्यधिक ठंडी हो जाती है और पारा शून्य तक चला जाता है. पर्यावरण-ज्यादातर इलाका कुछ वर्षों पहले सूखा रेगिस्तान था परन्तु आजकल करीब- करीब सारे जिले में सिंचाई होने लगी है,अतः राजस्थान के हरे भरे जिलों की श्रेणी में आता है. गर्मियों में धूल भरी आंधियां चलती है तथा मई जून में लू चलती है, सर्दियों में चलने वाली ठंडी उत्तरी हवाओं को डंफर कहते हैं. फसलें --रबी की मुख्या फसलें हैं -चना, सरसों, गेहूं, अरंड और तारामीरा. खरीफ की मुख्य फसलें हैं- नरमा, कपास, ग्वार, मूंग, मोठ, बाजरा और ज्वार. घग्घर नदी इलाके की एकमात्र नदी है जबकि इंदिरा गांधी फीडर प्रमुख नहर है. अन्य नहरें हैं भाखरा और गंग कैनाल।

इतिहास[संपादित करें]

प्राचीन काल में यह जगह भटनेर कहलाती थी,क्योंकि यहाँ भाटी राजपूतों का शासन था. जैसलमेर के भाटी राजा भूपत सिंह ने भटनेर का प्राचीन किला सन २९५ में बनवाया. सन १८०५ में बीकानेर के राजा सूरत सिंह ने यह किला भाटियों से जीत लिया था. इसी विजय को आधार मान कर, जो कि मंगलवार को हुई थी, इसका नाम हनुमानगढ़ रखा गया क्योंकि मंगल हनुमान जी का दिन माना जाता है. भटनेर किला उस जमाने का एक मज़बूत किला माना जाता था यहाँ तक कि तैमूर ने अपनी जीवनी तुजुके तैमूर में इसे हिंदुस्तान का सबसे मज़बूत किला लिखा है. इसके ऊँचे दालान तथा दरबार तक घोडों के जाने के लिए संकड़े रास्ते बने हुए हैं. आज़ादी के बाद से यह भाग श्रीगंगानगर जिले के अर्न्तगत आता था जिसे १२ जुलाइ १९९४ में अलग जिला बना दिया गया।

जनसंख्या धनत्व=१८४= जनसांख्यिकी ==

लिगानुपात ९०६

यातायात[संपादित करें]

यहां रेल व सङक दो प्रकार के यातायात के साधन उपलब्ध हैं।

आदर्श स्थल[संपादित करें]

गुरुद्वारा सुखासिंह महताबसिंह- भाई सुखासिंह व भाई महताबसिंह ने गुरुद्वारा हरिमंदर साहब , अमृतसर में मस्सा रंघङ का सिर कलम कर बुडा जोहङ लौटते समय इस स्थान पर रुक कर घोङों को पेङ से बांध कुछ देर आराम किया.
भटनेर- हनुमानगढ़ टाऊन में स्तिथ प्राचीन किला..

गोगामेडी- हिन्दू और मुस्लिम दोनों में समान रूप से मान्य गोगा/जाहर पीर कि समाधी, जहाँ पर पशुओं का मेला भी भाद्रपद माह में भरता है.
कालीबंगा- ५००० इसा पूर्व कि सिन्धु घटी सभ्यता का केंद्र जहाँ एक म्यूजियम भी है.
नोहर- सन १७३० में दसवें गुरु गोविन्द सिंह के आगमन पर बना कबूतर साहिब गुरुद्वारा तथा मिटटी के बने बर्तनों के लिए प्रसिद्ध है.
तलवाङा झील- यहाँ पर पृथ्वीराज चौहान और गौरी के बीच तराइन का युद्घ लड़ा गया था.
मसीतां वाली हेड-जहाँ से इंदिरा गांघी नहर राजस्थान में प्रवेश करती है.
सिल्ला माता मंदिर- माना जाता है कि मंदिर में स्थापित सिल्ल पत्थर घघर नदी में बहकर आया था.
भद्र्काली मंदिर- घघर नदी के किनारे बना प्राचीन मंदिर.
--Charanjeetsaini १५:२३, २ नवंबर २००९ (UTC)

शिक्षा[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]