हथियारों का इतिहास

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जापानी 'शीत युद्ध' के हथियार

हथियारों की समाज में अहम भूमिका रही है और हथियारों ने इतिहास को बदलने और उसे बनाने का काम किया है। उन्होने सभ्यताओं को नष्ट किया और बनाया।

बारूद का आविष्कार चीन में हुआ और मध्य युग में यह यूरोप के रणक्षेत्रों में प्रयोग की जाने लगी। इससे सैन्यनीति में क्रांति आ गयी। प्रथम विश्वयुद्ध में पराजय के बाद जर्मन नये और उत्कृष्ट हथियार बनाने में जुट गये, जैसे जेट फाइटर आदि। द्वितीय विश्वयुद्ध ने तो हथियारों की दौड़ ही शुरू कर दी जिसकी परिनति परमाणु बम के विकास में हुई।

प्रागैतिहासिक काल में बड़े ही सरल हथियारों के निर्माण से शुरुआत हुई। इसमें पत्थर के औजार, लकडी के भाले आदि थे। इसके बाद धनुष और वाण का प्रयोग हुआ।

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