स्वामी गंभीरानन्द

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स्वामी गंभीरानन्द (1889-1988) रामकृष्ण मिशन के ग्यारहवें संघाध्यक्ष थे । उनका पूर्व नाम जितेन्द्रनाथ दत्त था । कोलकाता के स्कॉटिश चर्च काँलेज से स्नातक की शिक्षा पूरा करने बाद 1923 मेँ उन्होने रामकृष्ण मिशन में प्रवेश किया । स्वामी शिवानन्द ने उन्हेँ संन्यास की दीक्षा दी । उन्होने बहुत सारे ग्रंथ लिखे ।

रचनाएँ[संपादित करें]

हिन्दी रचनाएँ[संपादित करें]

अँग्रेजी रचनाएँ[संपादित करें]

  • Brahma Sutra Bhashya With the Commentary of Sri Shankaracharya.
  • Eight Upanishads With the Commentary of Shankaracharya. Kolkata:
  • Isa Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Kena Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Katha Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Prasna Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Mundaka Upanishad With the Commentary of Shankaracharya:
  • Mandukya Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Taittiriya Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Aitareya Upanishad With the commentary of Shankaracharya
  • Chandogya Upanishad With the Commentary of Shankaracharya
  • Shvetashvatara Upanishad With the Commentary of Shankaracharya

बाँग्ला रचनाएँ[संपादित करें]

  • उपनिषद ग्रथांबली ( सेट 3 खंड)
  • काः पन्था (ISBN 81-8040-285-1.)
  • युगनायक बिबेकानन्द ( सेट 3 खंड ). (pp. 1184. ISBN 81-8040-112-X.)
  • नबयुग धर्म (pp. 280.)
  • स्तब कुसुमांजलि (pp. 408. ISBN 81-8040-225-8.)
  • श्री माँ शारदा देबी (pp. 428. ISBN 81-8040-071-9.)
  • सिद्धान्त क्लेश संग्रह (pp. 272. ISBN 81-804215-0.)
  • श्रीरामकृष्ण भक्तमालिका (pp. 714. , ISBN 81-8040-493-5.)

बाह्य सूत्र[संपादित करें]