स्फटयातु जारेय

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स्फटयातु जारेय (एल्युमिनियम आक्साइड) प्राकृतिक अवस्था में कुरुविन्द, माणिक्य, नीलम, बिल्लौर, पन्ना तथा दूसरे रत्नों के रूप में पाया जाता है। ये रत्न मणिभीय और पारदर्शक होते हैं। अन्य धातुओं के जारेयों (आक्साइडों) की उपस्थति के कारण ही ये रत्न रंगीन हो जाते हैं। रत्नों में ये जारेय (आक्साइड) कलिलीय अवस्था (कोलाइडल स्टेट) में आलंबित रहते हैं। माणिक्य में थोड़ी मात्रा में वर्णातु का जारेय (आक्साइड), नीलम में क्रोमियम या लोहा का जारेय (आक्साइड) और बिल्लौर में अयस रहता है। बृहत मात्रा में यह खनिज स्फोदिज (बॉक्साइट) के रूप में पाया जाता है, जो स्फटयातु (ऐल्यूमिनियम) का जलीय जारेय (आक्साइड) है।

प्रयोगशाला में या औद्योगिक रूप में निर्माण करने पर ऐल्यूमिना एक श्वेत अघुलनीय चूर्ण के रूप में मिलता है। यह कृत्रिम रत्न, ऐलंडम घरिया (क्रूसिब्ल) और घर्षक पदार्थ बनाने के काम आता है।