स्नान

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जवानी के फौब्बारे में स्नान का स्वप्न

पानी या किसी अन्य तरल में शरीर को डुबाकर या बिना डुबाये शरीर को धोना स्नान कहलाता है। स्नान कई प्रयोजनोंके लिये किया जाता है; जैसे- स्वच्छता, धार्मिक अनुष्ठान, चिकित्सकीय कारण आदि।

लोग चॉकलेट, कीचड़, दूध, शम्पेन आदि में भी स्नान करते हैं। सूरज के प्रकाश में खुले बदन बैठना या लेटना भी स्नान (सूर्य स्नान) कहलाता है।

रोमन स्नानागर

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