स्ट्रिंग सिद्धांत

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स्ट्रिंग सिद्धांत
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अति स्ट्रिंग सिद्धांत
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स्ट्रिंग सिध्दांत कण भौतिकी का एक सक्रीय शोध क्षेत्र है जो प्रमात्रा यान्त्रिकी और सामान्य सापेक्षता में सामजस्य स्थपित करने का प्रयास करता है। इसे सर्वतत्व सिद्धांत का प्रतियोगी सिद्धान्त भी कहा जाता है, एक आत्मनिर्भर गणितीय प्रतिमान जो द्रव्य के रूप व सभी मूलभूत अन्योन्य क्रियाओं को समझाने में सक्षम है। स्ट्रिंग सिद्धांत के अनुसार परमाणु में स्थित मूलभूत कण (इलेक्ट्रॉन, क्वार्क आदि) बिन्दु कण नहीं हैं अर्थात इनकी विमा शून्य नहीं है बल्कि एक विमिय दोलक रेखाएं हैं (स्ट्रिंग अथवा रजु)।

अवलोकन[संपादित करें]

स्ट्रिंग सिद्धांत के अनुसार इलेक्ट्रॉन तथा क्वार्क की विमा शून्य नहीं है बल्कि एक-विमिय स्ट्रिंगो से बने हुये हैं। इन स्ट्रिंगो के दोलन हमें, प्रेक्षित कणों के फ्लेवर, आवेश, द्रव्यमान तथा स्पिन प्रदान करते हैं।

परिक्षण क्षमता और प्रायोगिक भविष्यवाणी[संपादित करें]

भौतिक विज्ञान में अनसुलझी पहेलियों की सूची
क्या कोई निर्वात स्ट्रिंग सिद्धांत है जो की ब्रह्माण्ड की अचूक पहेली को समझा सके? क्या इसे निम्न ऊर्जा आँकड़ों द्वारा विलक्षण रूप से ज्ञात किया जा सकता है?

स्ट्रिंग सिद्धांत के परिक्षण के प्रयासों को विभिन्न कठिनाइयाँ मुश्किले पैदा करती हैं। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है प्लांक लम्बाई की अत्यंत लघु परास होना जो कि स्ट्रिंग लम्बाई (स्ट्रिंग की स्वभाविक परास जहाँ स्ट्रिंगें, कणों के साथ अभेद्य न हों।) की कोटि के समान अपेक्षित है। अन्य कठिनाई स्ट्रिंग सिद्धांत में विशाल मात्रा में मितस्थायी शून्य हैं जो निम्न ऊर्जा पर प्रेक्षण में सम्भव लगभग सभी घटनाओं को समझाने के लिये उपयुक्त होते हुए पर्याप्त भिन्न हैं।

आलोचनाएँ[संपादित करें]

स्ट्रिंग सिध्दांत के कुछ आलोचकों का मानना है कि यह सब कुछ का सिद्धांत की असफलता है।.[1][2][3][4][5][6] कुछ आम आलोचनाएँ इस प्रकार हैं:

  1. क्वांटम गुरुत्वाकर्षण को खोजने के लिए बहुत उच्च ऊर्जा की आवश्यकता।
  2. हलों की बड़ी संख्या के कारण भविष्यवाणी की विशिष्टता का अभाव।
  3. पृष्ठभूमि की स्वतंत्रता का अभाव।

ये भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. पीटर वोईट गलत भी नहीं है (नॉट इवन रॉङ्ग). कोलंबिया गणित शिक्षा, ११-०७-२०१२ को पुनःप्राप्त।
  2. ली स्मोलिन। भौतिकी के साथ मुसीबत. भौतिकी के साथ मुसीबत. ११-०७-२०१२ को पुनःप्राप्त।
  3. The n-Category Cafe. Golem.ph.utexas.edu (2007-02-25). Retrieved on 2012-07-11.
  4. John Baez weblog. Math.ucr.edu (2007-02-25). Retrieved on 2012-07-11.
  5. P. Woit (Columbia University), String theory: An Evaluation,February 2001, arXiv:physics/0102051
  6. P. Woit, Is String Theory Testable? INFN Rome March 2007

आगे का पाठन[संपादित करें]

लोकप्रिय पुस्तकें और लेख[संपादित करें]

स्ट्रिंग सिद्धान्त की दो आलोचनात्मक गैर-तकनीकी पुस्तकें:

  • स्मोलिन, ली (२००६). द ट्रबल विद फिजिक्स (भौतिकी में आफत): स्ट्रिंग सिद्धान्त का उद्भव जो विज्ञान का पतन है और भावी क्या है (द राइज ऑफ़ स्ट्रिंग थ्योरी, द फॉल ऑफ़ ए साइंस, एंड व्हाट कमस् नेक्स्ट. न्यूयॉर्क: Houghton मिफ्फ्लिन को॰. प॰ ३९२. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-618-55105-0. 
  • वोइट, पीटर (२००६). नोट इवन राँग (यह अनुपयुक्त भी नहीं है)– स्ट्रिंग सिद्धान्त की असफलता और भौतिकी नियमों में संमागता (द फेलियर ऑफ़ स्ट्रिंग थ्योरी एंड द सर्च फॉर यूनिटी इन फिजिकल लॉ. लन्दन: जोनाथन केप &: न्यूयॉर्क : बेसिक बुक्स. प॰ 290. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-465-09275-8. 

पाठ्य पुस्तकें[संपादित करें]

Technical and critical:

ऑनलाइन सामग्री[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

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