सेवासदन
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| सेवासदन | |
| मुखपृष्ठ | |
| रचयिता: | प्रेमचंद |
| प्रकाशक: | डायमंड पाकेट बुक |
| प्रकाशन तिथि: | १९१६ में पहली बार प्रकाशित |
| भाषा: | हिंदी |
| देश: | भारत |
| विषय: | साहित्य |
| शैली: | यथार्थवादी |
| मीडिया प्रकार: | उपन्यास |
| पृष्ठ: | २८० |
| ISBN: | 81-284-0002-9 |
सेवासदन प्रेमचंद द्वारा रचित उपन्यास है। नारी जाति की परवशता, निस्सहाय अवस्था, आर्थिक एवं शैक्षिक परतंत्रता, अर्थात् नारी दुर्दशा पर आज के हिन्दी साहित्य में जितनी मुखर चर्चा हो रही है ; बीसवीं सदी के प्रारंभिक चरण में, कथासम्राट प्रेमचंद (1880-1936) के यहाँ कहीं इससे ज्यादा मुखर थी। नारी जीवन की समस्याओं के साथ-साथ समाज के धर्माचार्यों, मठाधीशों, धनपतियों, सुधारकों के आडंबर, दंभ, ढोंग, पाखंड, चरित्रहीनता, दहेज-प्रथा, बेमेल विवाह, पुलिस की घूसखोरी, वेश्यागमन, मनुष्य के दोहरे चरित्र, साम्प्रदायिक द्वेष आदि आदि सामाजिक विकृतियों के घृणित विवरणों से भरा उपन्यास सेवासदन (1916) आज भी समकालीन और प्रासंगिक बना हुआ है। इन तमाम विकृतियों के साथ-साथ यह उपन्यास घनघोर दानवता के बीच कहीं मानवता का अनुसंधान करता है। अतिरिक्त सुखभोग की अपेक्षा में अपना सर्वस्व गवाँ लेने के बाद जब कथानायिका को सामाजिक गुणसूत्रों की समझ हो जाती है, तब वह किसी तरह दुनिया के प्रति उदार हो जाती है और उसका पति साधु बनकर अपने व्यतीत दुष्कर्मों का प्रायश्चित करने लगता है, जमींदारी अहंकार में डूबे दंपति अपनी तीसरी पीढ़ी की संतान के जन्म से प्रसन्न होते हैं, और अपनी सारी कटुताओं को भूल जाते हैं-ये सारी स्थितियाँ उपन्यास की कथाभूमि में इस तरह पिरोई हुई हैं कि तत्कालीन समाज की सभी अच्छाइयों बुराइयों का जीवंत चित्र सामने आ जाता है। हर दृष्टि से यह उपन्यास एक धरोहर है।
[संपादित करें] कथानक
| विधा | प्रेमचंद की कृतियाँ |
|---|---|
| उपन्यास | असरारे मुआबिद (अपूर्ण), प्रतापचन्द्र, श्यामा, प्रेमा, कृष्णा, वरदान, प्रतिज्ञा, सेवासदन, प्रेमाश्रम, निर्मला, रंगभूमि, कायाकल्प, गबन, कर्मभूमि, गोदान, मंगलसूत्र (अपूर्ण) |
| कहानी संग्रह | सप्तसरोज,नमक का दरोगा, प्रेम पचीसी, प्रेम प्रसून, सोजे वतन, नवनिधि, प्रेम पूर्णिमा, प्रेम द्वादशी, प्रेम प्रतिमा, प्रेम प्रमोद, प्रेम तीर्थ, पाँच फूल, प्रेम चतुर्थी, प्रेम प्रतिज्ञा, सप्त सुमन, प्रेम पंचमी, प्रेरणा, समर यात्रा, पंच प्रसून, नवजीवन, बैंक का दिवाला, शान्ति तथा अग्नि समाधि |
| अनुवाद | तालस्ताय की कहानियाँ, सुखदास, अहंकार, चांदी की डिबिया, न्याय, हड़ताल, पिता के पत्र पुत्री के नाम, सृष्टि का आरम्भ |
| बाल-साहित्य | कुत्ते की कहानी, जंगल की कहानियाँ, रामचर्चा, मनमोदक, दुर्गादास, स्वराज के फ़ायदे |
| जीवनियाँ | महात्मा शेखसादी, |
| मरणोपरांत बने संग्रह | कफ़न, मानसरोवर, प्रेमचंद की श्रेष्ठ कहानियाँ, प्रेमचंद की ऐतिहासिक कहानियाँ, प्रेमचंद की प्रेम संबंधी कहानियाँ, सद्गति तथा अन्य नाटक |
| प्रेमचंद की कथाओं पर आधारित फ़िल्में |
मजदूर, सेवासदन, गोदान, गबन, शतरंज के खिलाड़ी, सद्गति, ओका ऊरी कथा |


