सेल्यूलर जेल
| सेलुलर जेल | |
| 300px सेलुलर जेल्, अंदमान |
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| निर्माण सूचना | |
|---|---|
| नाम | सेलुलर जेल |
| स्थिति | पोर्ट ब्लेयर, अंडमान |
| देश | भारत |
| निर्देशांक | |
| वास्तुकार | |
| उपभोक्ता | ब्रिटिश सरकार |
| निर्माण आरंभ | 1896 |
| पूर्ण | 1906 |
| लागत | रु. 517,352[1] |
| शैली | कोशिकीय, Pronged |
यह जेल अंडमान निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में बनी हुई है। यह अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कैद रखने के लिए बनाई गई थी, जो कि मुख्य भारत भूमि से हजारों किलोमीटर दूर स्थित थी, व सागर से भी हजार किलोमीटर दुर्गम मार्ग पडता था। यह काला पानी के नाम से कुख्यात थी।
अनुक्रम |
इतिहास [संपादित करें]
यह जेल अंडमान निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में बनी हुई है। यह अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कैद रखने के लिए बनाई गई थी, जो कि मुख्य भारत भूमि से हजारों किलोमीटर दूर स्थित थी, व सागर से भी हजार किलोमीटर दुर्गम मार्ग पडता था। यह काला पानी के नाम से कुख्यात थी।
अंग्रेजी सरकार द्वारा भारत के स्वतंत्रता सैनानियों पर किए गए अत्याचारों की मूक गवाह इस जेल की नींव 1897 में रखी गई थी। इस जेल के अंदर 694 कोठरियां हैं। इन कोठरियों को बनाने का उद्देश्य बंदियों के आपसी मेल जोल को रोकना था। आक्टोपस की तरह सात शाखाओं में फैली इस विशाल कारागार के अब केवल तीन अंश बचे हैं। कारागार की दीवारों पर वीर शहीदों के नाम लिखे हैं। यहां एक संग्रहालय भी है जहां उन अस्त्रों को देखा जा सकता है जिनसे स्वतंत्रता सैनानियों पर अत्याचार किए जाते थे।
चित्र दीर्घा [संपादित करें]
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Cellular jail model gate.JPG
जेल के प्रतिरूप में मुख्य द्वार
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Cellular jail model.JPG
जेल का एक प्रतिरूप
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Cellular jail view.JPG
जेल का मुख्य द्वार
सन्दर्भ [संपादित करें]
- ↑ "Article on Hinduonnet.com". http://www.hinduonnet.com/thehindu/features/andaman/stories/2004081500160200.htm. अभिगमन तिथि: 2006.
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- सेलुलर जेल का आधिकारिक जालस्थल
- कालापानी की सेल्युलर जेल - डॉ. चंद्रिका प्रसाद शर्मा
- सेलुलर जेल का इतिहास (हिन्दी चिट्ठा, 'मुसाफ़िर हूँ यारों' पर)
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