सेन्टर फॉर सिविल सोसायटी

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सिविल सोसायटी केन्द्र या 'सेन्टर फॉर सिविल सोसायटी' भारत की एक स्वतंत्र, लाभ न कमाने वाला, अनुसंधान और हिमायती संगठन है जो नागरिक समाज का पुर्नजीवित एवं ओजस्वी बनाते हुऐ भारत के समस्त नागरिकों के लिए जीवन की गुणता के सुधार के काम में लगा हुआ है। ल इसकी स्थापना १५ अगस्त सन् १९९७ को हुई थी। इसका मुख्यालय नयी दिल्ली है।

सार्वजनिक नीति के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन[संपादित करें]

हम न तो प्राथमिक पाठशालायें चलाते हैं और न ही स्वास्थ्य केन्द्र और कूड़ा करकट एकत्र करने के कामों को भी हाथ में नहीं लेते। हमारा काम करने का ढंग अलग है: हम अनुसंधान कार्यक्रमों, सेमिनारों और प्रकाशनों के माधयमों से लोगों के विचारों, अभिमतों और विचार पध्दति में परिवर्तन लाने की कोशिश करते हैं। हम सीमित नियंत्रण, विधि सम्मत शासन, मुक्त व्यापार और व्यक्तिगत अधिकारों की हिमायत करते हैं।

भारत को इस समय पेश आने वाले विवेचित सार्वजनिक नीति विषयों विशेषत: शिक्षा, आजीविका, शासन और पर्यावरण के क्षेत्रों में प्रवर्तक समुदाय और बाजार आधारित धारणाओं के लिए हम संबल के रूप में हैं। वर्तमान और भावी नेताओं के सामने इन विचारों को रखते हुए, नागरिक समाज केन्द्र समस्त भारत वासियों के लिए अवसर और समृध्दि प्रस्तुत कर रहा है।

1. उत्कष्ष्ट शिक्षा के माधयम से पहुंच में सुधार

सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी की अति महत्वपूर्ण परियोजना का नाम स्कूल चयन अभियान है और इसे वर्ष 2007 में आरंभ किया गया था। यह ऐसा अभियान है जिसमें वर्तमान भारत के स्कूली शिक्षा पध्दति में बहुत ही जरूरी सुधार किए जाएंगे और इसके लिए शिक्षा प्रमाणकों, नियामक सुधारों और प्रोत्साहक शिक्षा जिज्ञासुओं की त्रि-भुजा पहुंच का प्रयोग किया जाएगा।

40 प्रतिशत भारतवासी अशिक्षित हैं और सरकारी स्कूल भारत के बच्चों की जरूरतों पर खरे नहीं उतरते। नागरिक समाज केन्द्र गुण सुधार, विशेषकर गरीबों के लिए शिक्षा की पहुंच पर प्रकाश डालता है। नीति निर्धारकों, शिक्षा विशेषज्ञों और आम कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर स्कूली चयन अभियान हमारा ध्यान दाखिले के अवरोधों को हटाने और शिक्षा प्राप्त करने वालों को प्रोत्साहित में केन्द्रित करता है और स्कूलों और कॉलेजों को लाभप्रद बनाते हुए विधि और विस्तार की गुंजाइश और शिक्षा प्रमाणकों के माधयम से प्रतिस्पर्धाओं की ओर आगे बढ़ता है।

2. नए विचारों से युक्त नये नेताओं का विकास

सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी भावी भारतीय नेताओं को उनकी दृष्टि, इरादों एवं सक्रियतावाद के आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस केन्द्र के पथप्रदर्शक शिक्षा कार्यक्रमों से युवाओं को उनकी कुशलताओं और ज्ञान से युक्त किया जाता है जो सार्वजनिक नीति सुधार के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को विकसित करने के लिए जरूरी है।

समाज और सार्वजनिक नीति सेमिनार, जिसे पहले अधिकार और समाज सेमिनार कहते थे, चार दिवसीय रिहायशी कार्यक्रम है जिसे इस प्रकार तैयार किया गया है ताकि परम्परागत विश्वासों को चुनौती दी जा सके और कॉलेज के विद्यार्थियों में विवादित सोच विचार विकसित किया जा सके। अनुसंधान इन्टर्नशिप कार्यक्रम सार्वजनिक नीति पर आम अनुसंधान के लिए अवसर प्रदान करता है। सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी ऐसे नेताओं के लिए नेटवर्क तैयार कर रहा है जो अपने समुदायों में इन विचारों का वास्तविक जीवन में उपयोग करने में कार्यरत हों।

3. आजीविका के लिए अवरोध दूर करना

सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी ऐसे नियामक अवरोधों को दूर करने के लिए काम करता है जिनसे अनौपचारिक क्षेत्र में विकास और उद्यमी अवसर सीमित हो जाते हैं। अपने पुरस्कार प्राप्त कानून, स्वतन्त्रता और आजीविका अभियान के माधयम से यह केन्द्र अपना ध्यान इस बात पर केन्द्रित करता है ताकि परमिट प्रक्रियाओं को घटाया और सरल बनाया जाए जिनसे छोटे उद्यमियों, दुकानदारों, फेरी वालों और रिक्शा चलाने वालों को अपने व्यवसाय को स्थापित करने और आगे बढ़ाने से रोका जाता है। सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी अपने प्रवर्तक और स्थापक कार्यक्रम जैसे जीविका, ऐशिया आजीविका प्रलेखी वार्षिक त्यौहार के माधयम से छोटे उद्यमियों को पेश आने वाली बाधाओं के प्रति जागरूकता का निर्माण कर रहा है|

4. सरकारी शासन में अपशिष्ट, कपट और दुरूपयोग को कम करना

भारत में बहुत से समुदायों की आधारभूत सेवाओं जैसे पानी, बिजली और परिवहन तक पहुंच नहीं होती है। सरकार नागरिकों के प्रति अपने कार्य निष्पादन के लिए न तो पारदर्शी होती है और न ही जवाबदेह।

नागरिक समाज केन्द्र सरकारी कार्यक्रमों की कुशलता और प्रभावोत्पादकता में सुधार ला रहा है और सुविज्ञ नागरिक वर्ग का निर्माण कर रहा है। सार्वजनिक नीति बैठकों, विचार विमर्शों और प्रकाशनों के माधयम से केन्द्र नई सार्वजनिक प्रबन्धान पध्दतियों और विकेन्द्रीकृत शासन ढांचों को अपनाने के लिए बढ़ावा दे रहा है। पहले से उपलब्ध कराई गई इसकी नागरिक पुस्तिका में सरकारी बजटों, विभिन्न राज्यों में प्रबन्ध व्यवस्था और कार्यक्रमों को अमली रूप देने के बारे में गैर-दस्तावेजी सूचना दी गई है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]