सुशील कुमार

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सुशील कुमार सोलंकी
जन्म 26 मई १९८३ (१९८३-05-26) (आयु 30)[1]
Baprola, नजफगढ़, नई दिल्ली
निवास नई दिल्ली, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
नागरिकता भारतीय
व्यवसाय खिलाड़ी (पहलवान)
कद  cm ()
पदक रिकॉर्ड
Flag of India.svg भारत के प्रत्याशी
Men's फ्रीस्टाइल कुश्ती
ओलम्पिक खेल
कांस्य २००८ बीजिंग 66 kg
World Championships
स्वर्ण 2010 Moscow 66 kg
Commonwealth Championship
स्वर्ण 2003 लंदन 60 kg
स्वर्ण 2005 केप टाउन 66 kg
स्वर्ण 2007 लंदन 66 kg
Asian Championships
स्वर्ण 2010 नई दिल्ली 66 kg
कांस्य 2003 नई दिल्ली 60 kg
कांस्य 2008 जाजू द्वीप 66 kg

सुशील कुमार का जीवन[संपादित करें]

सुशील कुमार का जन्म 26 मई, 1983 को दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के बापरोला गांव में एक जाट परिवार में हुआ. उनके पिता दीवान सिंह दिल्ली परिवहन निगम में ड्राइवर थे जबकि उनकी माता कमला देवी गृहणी हैं. वह तीन भाइयों के परिवार में सबसे बड़े हैं. सुशील को बचपन से ही कुश्ती से लगाव था. उनका शुरू से ही ओलंपिक में पदक हासिल करना एक बहुत बड़ा लक्ष्य था. उन्होंने कुश्ती की प्रेरणा अपने चचेरे भाई संदीप से ली, इसके अलावा उनके पिता भी पहलवानी में माहिर थे.

विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि हासिल की. उनकी शादी उनके गुरु महाबली सतपाल की बेटी स‌व‌ि सोलंकी से 18 फरवरी, 2011 को हुई. इस शादी के बाद सुशील ने कहा था कि उन्होंने अपनी गुरु दक्षिणा में खुद को समर्पित कर दिया है. इस समय सुशील भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं.

सुशील कुमार का कॅरियर[संपादित करें]

29 साल के सुशील कुमार ने अपने कुश्ती की शुरुआत छत्रसाल स्टेडियम से की. उस समय उनकी उम्र 14 साल थी. वह बचपन से ही अर्जुन पुरस्कार विजेता महाबली सतपाल से जुड़ गए थे, जिन्होंने उनके कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सुशील ने 2003 में एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया. वह 2004 के एथेंस ओलंपिक में 14वें स्थान पर रहे. उन्होंने 2003,2005, 2007 राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी ताकत को विश्व के सामने प्रदर्शित किया. बीजिंग ओलंपिक 2008 में हुए मुकाबले में सुशील ने कजाकिस्तानी पहलवान को मात देकर कांस्य पदक हासिल किया. तब से ही सुशील लोगों की नजरों में चढ़ गए. उन्होंने अपने प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए 2010 के नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता.

2003 कांस्य, एशियन कुश्ती चैंपियनशिप 2003 स्वर्ण, राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप 2005 स्वर्ण, राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप 2007 स्वर्ण, राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप 2008 कांस्य, एशियन कुश्ती चैंपियनशिप 2008 कांस्य, बीजिंग ओलंपिक्स 2009 स्वर्ण, जर्मन ग्रां प्री. 2010 स्वर्ण, विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2010 स्वर्ण, कॉमनवेल्थ गेम्स

सुशील को पुरस्कार सुशील कुमार को 2005 में खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया और 2009 में देश में खेल के शिखर सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान से नवाजा गया. ओलम्पिक कुश्ती के इतिहास में यह भारत का चौथा पदक है. सबसे पहले केडी जाधव (1952) ने और उसके बाद सुशील कुमार (2008) ने कांस्य पदक जीते थे. इस बार लंदन ओलंपिक 2012 में योगेश्वर ने कांस्य और सुशील को रजत पदक जीता.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  1. "Athlete Biography: Sushil Kumar". The Official Website of the Beijing 2008 Olympic Games. Archived from the original on 2008-08-23. http://web.archive.org/web/20080823151417/http://results.beijing2008.cn/WRM/ENG/BIO/Athlete/5/205935.shtml. अभिगमन तिथि: 2008-08-20.