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| दर्शन |
क्रिस्टलाइन, परावर्ती, नीलिमा युक्त फलक

सिलिकॉन इंगट |
| सामान्य |
| नाम, चिह्न, संख्या |
सिलिकॉन, Si, १४ |
| तत्त्व वर्ग |
उपधातु |
| समूह, आवर्त, ब्लॉक |
१४, ३, p |
| मानक परमाणु भार |
28.0855(3) ग्रा•मोल−1 |
| इलेक्ट्रॉन कॉन्फिगरेशन |
[Ne] 3s2 3p2 |
| इलेक्ट्रॉन प्रति शेल |
2, 8, 4 (आरेख) |
| भौतिक गुण |
| अवस्था |
ठोस |
| घनत्व (सामान्य तापमान पर) |
2.3290 g•cm−3 |
| तरल घनत्व गलनांक पर |
2.57 g•cm−3 |
| गलनांक |
1687 K, 1414 °C, 2577 °F |
| क्वथनांक |
3538 K, 3265 °C, 5909 °F |
| परमाण्विक गुण |
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सिलिकॉन (Silicon) ; प्रतीक : Si) एक भौतिक तत्त्व है। यह पृथ्वी पर ऑक्सीजन के बाद सबसे अधिक पाया जाने वाला तत्व है। सिलिकॉन के यौगिक एलेक्ट्रॉनिक अवयव, साबुन, शीशे एवं कंप्यूटर चिप्स में इस्तेमाल किए जाते हैं। सिलिकॉन की खोज १८२४ में स्वीडन के रसायनशास्त्री जोंस जकब बज्रेलियस ने की थी। आवर्त सारिणी में इसे १४वें स्थान पर रखा गया है।[1]
सिलिकॉन यौगिकों, जैसे सिलिकॉन कारबाइड (SiC) को उनकी अनोखी विशेषताओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कठोरता में यह तत्व हीरे की बराबरी करता है। जब सिलिकॉन को अन्य तत्वों के साथ मिलाया जाता है तो उस यौगिक को सिलिकेट कहते हैं। सिलिकेट्स को अनेक औद्योगिक कार्यो के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। इनकी अन्य रासायनिक यौगिकों के साथ क्रिया कराई जाती है ताकि यह अपने सिलिकॉन तत्व अलग करें या अन्य तत्वों के साथ विभिन्न कार्यों के लिए क्रिया कर सकें। बेकरी के नॉन-स्टिक उपकरण, बिजली उत्पादों के शील्ड सिलिकॉन से बनते हैं।
सिलिकॉन का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अधिकाधिक प्रयोग होने के कारण अमेरिका की कंप्यूटर जगत के केंद्र को सिलिकॉन वैली का नाम दिया गया है।
- ↑ गुप्त, तारकनाथ (नवंबर २००४). भौतिकी एवं रसायन शास्त्र. कोलकाता: भारती पुस्तक मन्दिर,. प॰ 252-253.