सिरोही
| सिरोही | |||||||
| — नगर — | |||||||
| निर्देशांक: (निर्देशांक ढूँढें) | |||||||
| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||
| देश | |||||||
| राज्य | राजस्थान | ||||||
| ज़िला | सिरोही | ||||||
| महापौर | |||||||
| नगर पालिका अध्यक्ष | |||||||
|
विभिन्न कोड
|
|||||||
सिरोही राजस्थान प्रान्त का एक शहर है।
सिरोहि जिले मे हाथल गाँव मे श्री ब्रह्माजी का मन्दिर का जीर्णॉद्धार हो रहा हे। यह मन्दिर १३५० साल पुराना है। मन्दिर के लिये सभी हाथलवासिओं ने बहुत परिश्रम किया हे। और इसमे दो-चा२ गाँव ने भी सहयोग दिया है। सिरोही- सिर और ओही का मतलब है सिर काटने कि हिम्मत रखने वाले. गुजरात के महान लेखक झवेरचन्द मेघाणी ने अपनी किताब सोराष्ट्र नी रसधार मे लिखा है सिरोही कि तलवार और लाहोर कि कटार. कहते है कि सिरोही मे ऐसी तलवार बनती थी जिसको पानी के प्रपात से तलवार को धार दी जाती थी. आज भी सिरोही कि तलवार प्रसिद्ध है. लेकिन आज कि भर्ष्ट राजनीति ने देश के बहुत सी धरोहर को कगार का वृक्ष बना दिया है. सिरोही से 15 किमी कि दुरी पर एक गाव है तेलपुर. कहते है पाडीव से कुछ देवडा राजपुतो ने आ कर तेलपुर बसाया था. वो लोग लडने मे तेज थे अतः सिरोही के महाराजा उनको तेज कह कर बुलाते थे. इसी लिये उस समय तेलपुर का नाम तेजपुर रखा था. लेकिन धीरे-धीरे कालंतर मे उस का नाम तेलपुर हो गया.
कृषि और खनिज [संपादित करें]
सिरोही में मक्का, दलहन, गेहूँ, और तिलहन इस क्षेत्र की प्रमुख फ़सलें हैं। सिरोही में चूना-पत्थर, ग्रेनाइट और संगमरमर का खनन किया जाता है। सिरोही नगर एक कृषि बाज़ार और हस्तशिल्प-धातुकर्म का केंद्र है, जो चाक़ू, कटार व तलवार के निर्माण के लिए विख्यात है। सिरोही जिले मेँ दो हवाई पट्टी है-1. सिरोही 2.मानपुर (आबूरोड)
शिक्षण संस्थान [संपादित करें]
सिरोही का एक अस्पताल और राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध एक सरकारी महाविद्यालय है।
जनसंख्या [संपादित करें]
सिरोही नगर की जनसंख्या 2001 की जनगणना के अनुसार 35,531 है और सिरोही ज़िले की कुल जनसंख्या 8,50,756 है।