सिगार

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

from the Spanish cigarro "cigar", which was
perhaps derived from the Spanish cigarra "cicada"

(OED)
विभिन्न ब्रांडों के चार सिगार (ऊपर से: एच. अपमैन, मोंटेक्रिस्टो, माकानुडो, रोमियो वाय जुलिएट)
एक -सेमीएयरटाईट सिगार संग्रहण ट्यूब और एक डबल गिलोटिन-स्टाइल कटर

सिगार सूखे और किण्वित तम्बाकू का कसकर-लपेटा गया एक बंडल होता है जिसको जलाकर उसके धुंए का कश मुंह के अंदर खींचा जाता है. सिगार का तम्बाकू ब्राज़ील, कैमरून, क्यूबा, डोमिनिकन गणराज्य, होंडुरास, इंडोनेशिया, मैक्सिको, निकारागुआ, फिलीपींस और पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका में काफी मात्रा में उगाया जाता है.

अनुक्रम

शब्द-व्युत्पत्ति[संपादित करें]

सिगार शब्द की उत्पत्ति धूम्रपान के लिए मायाई-भारतीय शब्द "सिकार" से हुई थी जो स्पेनिश भाषा में "सिगारो" बन गया; स्पेनिश का "सिगारो" शब्द संभवतः माया के 'सिकार' यानी "लपेटे हुए तम्बाकू के पत्तों का धूम्रपान करने" से आया था ('सिकार' शब्द 'सिक' यानी "तम्बाकू" से आया था); या संभवतः यह शब्द स्पेनिश शब्द सिगारा अर्थात "ग्रासहॉपर" से अथवा इससे प्रभावित होकर आया. हालांकि स्वयं यह शब्द और इसके विभिन्न स्वरूप 1730 तक सामान्य उपयोग में नहीं आये थे.[1]

इतिहास[संपादित करें]

खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस को आम तौर पर यूरोप में तंबाकू की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है. कहा जाता है कि कोलंबस की 1492 की यात्रा के दौरान उनके दल के दो साथियों रोड्रिगो डी जेरेज और लुईस डी टोरेस ने हिस्पेनियोला द्वीप पर पहली बार तम्बाकू को देखा था, जब वहाँ के निवासियों ने उन्हें कुछ सूखे पत्ते भेंट किये थे जिनसे एक विशिष्ट प्रकार की सुगंध फैलती थी. तंबाकू सभी कैरेबियाई द्वीपों में व्यापक रूप से दूर-दूर तक फैला हुआ था और इसीलिये उन्होंने एक बार फिर इसे क्यूबा में देखा जहाँ कोलंबस और उसके साथी जाकर बस गए थे.[2] उनके नाविकों ने बताया कि क्यूबा के द्वीप पर रहने वाले टाइनोस सिगार के एक आदिम स्वरूप का धूम्रपान करते थे, जिसे तम्बाकू के सूखे पत्तों को अन्य पत्तों जैसे कि ताड़ या केले के पत्तों में लपेटकर और मोड़कर बनाया जाता था.

समय के साथ स्पेनिश और अन्य यूरोपीय नाविकों और कॉन्क्विस्टेडर्स(Conquistadors) को यह आदत पड़ गयी और धूम्रपान स्पेन एवं पुर्तगाल में फैला और अंततः पुर्तागाल में फ्रांस के राजदूत और निकोटिन को अपना नाम देने वाले जीन निकोट के जरिये संभवतः यह पूरे फ्रांस में फ़ैल गया. बाद में इस आदत का विस्तार इटली में हुआ और सर वाल्टर रेले की समुद्री यात्राओं के बाद यह अमेरिका और ब्रिटेन में फ़ैल गया.

16वीं सदी के मध्य तक धूम्रपान पूरे यूरोप में प्रचलित था (ब्रिटेन में पाइपों में) और आधी सदी के बाद अमेरिका में व्यावसायिक तौर पर तंबाकू की खेती होनी शुरू हो गयी थी. ऐसा माना जाता था कि तंबाकू में मूल रूप से औषधीय गुण होते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग भी थे जो इसे बुरा मानते थे. स्पेन के फिलिप द्वितीय और इंग्लैंड के जेम्स प्रथम ने इसकी निंदा की थी.

1592 के आसपास स्पेनी गैलियन (जहाज) 50 किलोग्राम (110 एलबी) तम्बाकू का बीज सैन क्लिमेंटे अकापुल्को-मनीला व्यापार मार्ग से फिलीपींस लेकर आया. इसके बाद इस बीज को रोमन कैथोलिक मिशनरियों में बाँट दिया गया जहाँ पादरियों ने यह पाया कि फिलीपीन की भूमि पर उच्च-गुणवत्ता वाले तंबाकू उगाने के लिए उत्कृष्ट जलवायु और मिट्टी मौजूद है.

19वीं सदी में सिगार का धूम्रपान आम हो गया था जबकि सिगरेट तुलनात्मक रूप से अभी तक दुर्लभ ही थी. 20वीं सदी की शुरुआत में रुडयार्ड किपलिंग ने धूम्रपान पर अपनी प्रसिद्ध कविता "द बेट्रोथेड" लिखी. सिगार व्यापार एक महत्वपूर्ण उद्योग था और मशीनों द्वारा सिगार उत्पादन शुरू होने से पहले कारखानों में कई लोग काम करते थे.

1860 के दशक की शुरुआत में जब विसेंट मार्टिनेज येबोर ने अपने की वेस्ट (key West) सिगार कारोबार को टाम्पा के एक भाग में स्थानांतरित किया, जिसे अब येबोर सिटी के नाम से जाना जाता है, अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लोर डी सांचेज और हाया द्वारा अपने कारखाने खोलने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी प्रिंसिपल डी गेल्स (प्रिंस ऑफ वेल्स) फैक्ट्री खोल ली, इस तरह वह क्षेत्र सिगार उत्पादन के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया.[3]

न्यूयॉर्क में सिगार को रोलर्स द्वारा अपने घरों में काम करते हुए तैयार किया जाता है. यह बताया गया था कि 1883 तक सिगार न्यूयॉर्क में 127 अपार्टमेंट मकानों में बनाया जा रहा था जिसमें 1,962 परिवार और 7,924 लोग काम करते थे. उसी साल के अंत में इस प्रचलन को प्रतिबंधित करने वाला एक प्रांतीय क़ानून ट्रेड यूनियनों के इस तर्क के आधार पर पारित कर दिया गया कि इस कार्य में बहुत कम मजदूरी दी जा रही थी, इसे चार महीने से भी कम समय के बाद असंवैधानिक करार दे दिया गया. यह उद्योग जिसे इस क़ानून के प्रभावी रहते ब्रूकलीन और लांग आईलैंड के अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था, फिर न्यूयॉर्क में वापस लौट आया.[4]

1905 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में सिगार-बनाने के 80,000 केंद्र संचालित हो रहे थे जिनमें से ज्यादातर छोटी, परिवार-द्वारा संचालित दुकानें थीं जहाँ सिगारों को तत्काल लपेटा और बेचा जाता था.[3]

कई आधुनिक सिगारों को प्रतिष्ठा और गुणवत्ता की दृष्टि से सबसे अधिक प्रमुखता से मध्य अमेरिका और क्यूबा के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रत्येक बड़े शहर में पाए जाने वाले चिनचालेस में आज भी हाथों से लपेटा जाता है.[3] हाथ से लपेटे गए सिगारों के डिब्बों पर टोटलमेंटे आ मानो (पूरी तरह हाथ से बना) या हेचो आ मानो (हाथ से बना) अंकित होता है.

ऐतिहासिक आंकड़े[संपादित करें]

किंग एडवर्ड सप्तम काफी हद तक अपनी माँ महारानी विक्टोरिया के संताप के कारण सिगरेट और सिगार के धूम्रपान में डूबे रहते थे. कहा जाता है कि उनकी मृत्यु के बाद किंग एडवर्ड ने एक डिनर पार्टी के अंत में अपने पुरुष मेहमानों से कहा था, "सज्जनो, आप धूम्रपान कर सकते हैं." उनके नाम पर सस्ती अमेरिकी सिगारों की एक श्रृंखला को काफ़ी समय तक किंग एडवर्ड नाम दिया गया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट बहुत अधिक सिगार पीते थे, एक अनुमान के मुताबिक एक दिन में 12 सिगार. 1884 के अंत में ग्रांट का मैलाइनेंट स्क्वामस सेल कार्सिनोमा की शिकायत के साथ मुँह के कैंसर का इलाज किया गया. अपने गिरते स्वास्थ्य के साथ ग्रांट ने अपना समय अपनी आत्मकथा लिखने को दिया, इसे पूरा करने के पाँच दिन बाद वे कैंसर की वजह से मौत का शिकार होने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए थे.

प्रसिद्ध मनोविश्लेषक सिग्मंड फ़्रायड अपने साथियों से मिली स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियों के बावजूद एक दिन में 20 सिगार पीते थे.[5] फ़ैलिक सिंबोलिज्म के प्रति उनके लगातार संदर्भों के बावजूद उनके साथियों ने सिगार के “फ़ैलिक” आकार को चुनौती थी. माना जाता है कि फ़्रायड ने उन्हें यह जवाब दिया था “कभी-कभी एक सिगार सिर्फ़ एक सिगार होता है."[6] 1923 में उनके मुँह में कैंसर की शुरुआती संभावना के विकसित होने के बाद फ़्रायड को ग्रांट की ही तरह का कैंसर होने का इलाज किया गया था. 30 से ज्यादा सर्जरियों और तेज दर्द से लेकर कैसर ग्रस्त क्षेत्र के आसपास कीड़ों द्वारा मृत त्वचा की कोशिकाओं को संक्रमित करने तक की जटिलताओं के बावजूद फ़्रायड अपनी जीवनलीला समाप्त होने तक सिगार का सेवन करते रहे. फ़्रायड की मृत्यु 83 वर्ष की उम्र में उनको कैंसर के दर्द से राहत दिलाने के लिये मार्फ़िन द्वारा लायी गयी कोमा की स्थिति में हुई.[5]

विंस्टन चर्चिल, जिन्हें पोर्ट वाइन या ब्रांडी में सिगार डालकर पीने का प्रचलन शुरु करने का श्रेय दिया जाता है,[7] उन्हें ब्रिटेन के युद्ध काल के नेता के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान शायद ही कभी सिगार के बगैर देखा गया था, वे इतना अधिक सिगार पीते थे कि उनके सम्मान में एक बडे आकार के सिगार का नाम उनके नाम पर रख दिया गया.

फ़िदेल कास्त्रो को क्यूबाई क्रांति के शुरुआती दिनों में अक्सर एक सिगार पीते हुए देखा जाता था लेकिन यह दावा किया जाता है कि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी आधारों पर क्यूबाई जनता को कम धूम्रपान करने के लिये प्रोत्साहित करने के अभियान के एक हिस्से के रूप में 1980 के दशक की शुरुआत में धूम्रपान करना छोड दिया था.[8] कई अन्य सिगार पीने वाले प्रसिद्ध हस्तियों में शामिल हैं ग्राउचो मार्क्स, जार्ज बर्न्स, मार्क ट्वेन, मिल्टन बर्ले, रश लिम्बो और बिल कौस्बी.[9]

रुडयार्ड किप्लिंग ने अपनी कविता "द बेट्रोथेड" में कहा था, "और एक औरत सिर्फ़ एक औरत है, लेकिन एक अच्छा सिगार धुंए के समान है."

चूँकि कुछ तीव्र नसवार (स्नफ) के अतिरिक्त सिगार, तम्बाकू के स्वयं-सेवन का सर्वाधिक प्रचलित और प्रभावशाली जरिया है, इसे लंबे समय से मर्दानगी के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है; जैसा कि संभवतः अमेरिका में पूर्व-कोलंबियाई युग में भी रहा होगा. इसके धुओं और रिवाजों ने अमेरिकी और यूरोपीय संस्कृतियों में एक "पुरुषों की झोपड़ी" (मेंज हट) की स्थापना कर दी थी; 19वीं सदी में पुरुष गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के लिए डिनर के बाद "धूम्रपान वाले कमरे" (स्मोकिंग रूम) में जाकर आराम किया करते थे.

उत्पादन[संपादित करें]

वर्ष 1942 में प्यूर्टो रीको के सिगार निर्माता

तंबाकू के पत्तों को एक ऐसी प्रक्रिया से काटा और सुखाया जाता है जिसमें बड़े पत्तों को सड़ने से बचाते हुए इसमें चीनी और पानी की मात्रा को कम करने के लिए इस पर धूप और छाँव दोनों का इस्तेमाल किया जाता है. प्रक्रिया का यह पहला हिस्सा क्योरिंग कहलाता है जिसमें 25 से 45 दिन के बीच का समय लगता है और इसमें मौसम की परिस्थितियों के साथ-साथ काटे गए तम्बाकू को संग्रह कर रखने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले छप्पर या बाड़े के निर्माण के आधार पर काफी अंतर होता है. तम्बाकू के प्रकार और पत्तों के वांछित रंग के आधार पर क्योरिंग की प्रक्रिया में बदलाव किया जाता है. इस प्रक्रिया के दूसरे हिस्से को किण्वन (फर्मेंटेशन) कहा जाता है, यह कार्य पत्तों को धीरे-धीरे सुखाने (मारने) में मदद के लिए डिजाइन की गयी परिस्थितियों के तहत पूरा किया जाता है. तापमान और आर्द्रता को यह सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रित किया जाता है कि पत्ते सड़े या बिखरे बगैर निरंतर किन्वित होते रहे. यही वह चरण है जहाँ पत्तों में स्वाद, जलन और खुशबू संबंधी विशेषताएँ मुख्य रूप से लाई जाती है.

पत्तों को अच्छी तरह सुखा लेने के बाद इन्हें इनके स्वरूप और समग्र गुणवत्ता के आधार पर इस्तेमाल के लिए फिलर या रैपर के रूप में संग्रह कर रखा जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान पत्ते निरंतर नम होते रहते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक पत्ते का बेहतर इस्तेमाल इसके व्यक्तिगत गुणों के अनुसार हो, इन्हें सावधानी से संभाल कर रखा जाता है. पत्तों का निरंतर गट्ठर बनाया जाता है, निरीक्षण किया जाता है, फिर गट्ठर को खोला दिया जाता है, फिर निरीक्षण किया जाता है और उसके बाद फिर से इसके पुराने होने के चक्र के साथ-साथ बार-बार इसका गट्ठर बनाया जाता है. जब पत्ते निर्माता के विनिर्देशों के अनुसार परिपक्व हो जाते हैं तब इन्हें सिगार के उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

उच्च गुणवत्ता के सिगार अभी भी हाथ से बनाए जाते हैं. एक अनुभवी सिगार-रोलर प्रति दिन सैकड़ों बहुत अच्छे और लगभग आदर्श सिगारों का उत्पादन कर सकता है. रोलर तंबाकू की नमी कायम रखते हैं - विशेष रूप से रैपर को - और विशिष्ट प्रकार से डिजाइन किये गए अर्द्ध-चंद्राकार चाकुओं का इस्तेमाल करते हैं जिन्हें चावेटास कहा जाता है. लपेटे (रोल किये जाने) के बाद सिगार को सूखने के लिए लकड़ी के सांचों में रखा जाता है जिसमें उनके खुले हुए सिरों को बराबर आकार में काटा जाता है. इस चरण के बाद से सिगार एक पूर्ण उत्पाद बन जाता है जिसे वातावरण के अनुरूप 21°सेल्सियस (70° फारेनहाइट) के करीब की सापेक्ष आर्द्रता में "रखा" और सुखाया जा सकता है. एक बार सिगार खरीद लेने पर इन्हें विशिष्ट प्रकार के लकड़ी के डिब्बों या ह्यूमिडर (नमीकारक) में रखकर आम तौर पर इसके उचित भंडारण का काम पूरा किया जाता है, जहाँ परिस्थितियों को काफी समय तक सावधानीपूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है. यहाँ तक कि अगर सिगार शुष्क हो जाता है तो इसे फिर से इतने लंबे समय तक सफलतापूर्वक नमीकृत किया जा सकता है जैसे कि इसे संभालकर रखने में लापरवाही ना हुई हो और यह कार्य बहुत धीरे-धीरे पूरा किया गया हो. हालांकि असली तंबाकू के तेल की कमी इसके स्वाद को बहुत अधिक प्रभावित करेगी.

कुछ सिगार, विशेष रूप से प्रीमियम ब्रांड में फिलर और रैपर के लिए तंबाकू की विभिन्न किस्मों का उपयोग किया जाता है. लंबे फिलर सिगार, जिनमें पूरी तरह लंबे पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है, कहीं अधिक उच्च गुणवत्ता के सिगार होते हैं. इन सिगारों में तम्बाकू के पत्तों की तीसरी किस्म का उपयोग किया जाता है जिसे "बाइंडर" कहते हैं जो फिलर और बाहरी रैपर के बीच मौजूद रहता है. यह निर्माताओं को रैपर के रूप में अधिक नाजुक और आकर्षक पत्तियों का उपयोग करने में मदद करता है. इन उच्च-गुणवत्ता वाले सिगारों में तकरीबन हमेशा विभिन्न किस्मों के तम्बाकू का मिश्रण किया जाता है. यहाँ तक कि क्यूबाई लंबे-फिलर सिगारों में भी कई अलग-अलग जायके डालने के लिए द्वीप के कई हिस्सों के तम्बाकुओं को मिलाया जाता है.

निम्न-स्तरीय और मशीन से बने सिगारों में फिलर के लिए तम्बाकू के काटे गए पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है और लंबे पत्तों या तम्बाकू के पल्प से तैयार एक तरह के "पेपर" का इस्तेमाल उस रैपर के लिए किया जाता है जो सिगार को एक साथ बांधता है. यह सिगार की ज्वलनशील विशेषताओं को बदल देता है जिसके कारण हाथ से बने सिगारों को कहीं अधिक पसंद किया जाता है.

ऐतिहासिक दृष्टि से एक लेक्टर या रीडर को हमेशा सिगार कारखाने के श्रमिकों पर नजर रखने के लिए नियुक्त किया जाता था. पोर्टेबल म्यूजिक प्लेयरों के लिए ऑडियो बुक्स उपलब्ध हो जाने के बाद यह प्रचलन पुराना हो गया लेकिन क्यूबा के कुछ कारखानों में यह प्रथा अभी भी जारी है. मोंटेक्रिस्टो सिगार ब्रांड का नाम संभवतः इसी प्रथा से उत्पन्न हुआ होगा.

प्रमुख निर्माता[संपादित करें]

दो कंपनियाँ सिगार उद्योग पर हावी हैं. दुनिया की सबसे बड़ी सिगार निर्माता कंपनी, अल्टाडिस संयुक्त राज्य अमेरिका, डोमिनिकन गणराज्य और होंडुरास में सिगार का उत्पादन करती है और क्यूबा में कॉरपोरेशन हैबानोस में इसकी 50% हिस्सेदारी है. यह कंपनी सिगरेट भी बनाती है. दूसरा सबसे बड़ी सिगार उत्पादक कंपनी है स्वीडिश मैच जो होंडुरास, बेल्जियम, जर्मनी, इंडोनेशिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और डोमिनिकन गणराज्य में सिगार का उत्पादन करती है; यह चबाने वाले और पाइप के तम्बाकू, नसवार, लाइटर और माचिस भी बनाती है.[10]

सिगार उद्योग में संलग्न परिवार[संपादित करें]

साँचा:Importance-section

लगभग सभी आधुनिक सिगार निर्माता लंबे समय से स्थापित सिगार परिवारों के सदस्य हैं या होने का दावा करते हैं [1] हाथ से बनाए जानेवाले प्रीमियम सिगारों की कला और योग्यता पीढी दर पीढी आगे बढ़ी है; सिगार के कई विज्ञापनों और पैकेजिंग में अक्सर परिवारों को दिखाया जाता है.[11]

1992 में, सिगार एफीसियोनाडो पत्रिका ने "सिगार हॉल ऑफ फेम" का सृजन किया और निम्न छह व्यक्तियों को मान्यता प्रदान की:[12]

  • एडगर एम. कलमैन, अध्यक्ष, जनरल सिगार कंपनी, न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका
  • ज़ीनो डेवीडोफ, संस्थापक, डेवीडोफ एट सी., जिनेवा, स्विट्जरलैंड
  • कार्लोस फ्यून्टे सीनियर, अध्यक्ष, टाबाकालेरा ए. फ्यून्टे वाई सिया., सैंटियागो डे लॉस कैबालेरोस, डोमिनिकन रिपब्लिक
  • फ्रैंक लानेज़ा, अध्यक्ष, विलाज़ोन एंड कंपनी, टाम्पा, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका
  • स्टैनफोर्ड जे. न्यूमैन, अध्यक्ष, जे.सी. न्यूमैन सिगार कंपनी, टाम्पा, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका
  • एंजेल ऑलिवा सीनियर (संस्थापक); ऑलिवा तंबाकू कंपनी, टाम्पा, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका

दुनिया में सबसे प्रसिद्ध सिगार परिवार संभवतः आर्टुरो फ्युंटे परिवार है.[13] वर्तमान में पिता और पुत्र कार्लोस फ्युंटे सीनियर और जूनियर के नेतृत्व में फ्युंटे परिवार 1912 से अपने आर्टुरे फ्युंटे और मोंटेसिनो सिगारों को रोल करता आ रहा है.[कृपया उद्धरण जोड़ें] 1995 में फ्युंटे फ्युंटे ओपसएक्स की रिलीज के साथ डोमिनिकन गणराज्य में विकसित किये गए पहले उच्च गुणवत्ता के रैपर की शुरुआत हुई थी.[कृपया उद्धरण जोड़ें] डोमिनिकन गणराज्य का सबसे पुराना सिगार निर्माता लियोन परिवार है जो 1905 से अपने लियोन जिमेनेस और ला औरोरा सिगार का उत्पादन करता आ रहा है.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

ना केवल प्रीमियम सिगार-निर्माता ही आम तौर पर परिवारों के रूप में हैं बल्कि वे लोग भी जो प्रीमियम सिगार तंबाकू की खेती करते हैं.[कृपया उद्धरण जोड़ें] ओलिवा परिवार 1934 से सिगार तंबाकू की खेती करता आ रहा है और अमेरिकी बाजार में बेचे जानेवाले लगभग हर बड़े सिगार ब्रांड में उनके परिवार का तम्बाकू पाया जाता है.[कृपया उद्धरण जोड़ें] सुप्रसिद्ध पैड्रोंस जैसे कुछ परिवारों ने तंबाकू की खेती से सिगार बनाने के क्षेत्र में कदम बढाया है.[कृपया उद्धरण जोड़ें] हालांकि पैड्रोन परिवार 1850 के दशक से तम्बाकू की खेती करता आ रहा है, उन्होंने अपने परिवार के नाम वाले सिगारों का उत्पादन 1964 में शुरू किया था.[कृपया उद्धरण जोड़ें] पैड्रोंस की तरह कार्लोस टोरानो परिवार ने 1990 के दशक में अपने खुद के परिवार के ब्रांड, जिसमें परिवार का नाम भी मौजूद था, इसकी रोलिंग शुरू करने से पहले 1916 में तम्बाकू की खेती करना शुरू किया था.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

परिवार, प्रीमियम सिगार उद्योग का इस कदर एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं कि "सिगार फैमिली" शब्द आर्टुरो फ्युंटे और जे.सी. न्यूमैन परिवारों का एक पंजीकृत ट्रेडमार्क बन गया है जिससे उनके परिवारों की विशिष्टता और पहचान, प्रीमियम सिगार ब्रांडों और चेरिटेबल फ़ाउंडेशनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.[कृपया उद्धरण जोड़ें] यहाँ तक कि सिगार उद्योग के दो कॉरपोरेट समूहों, अल्टाडिस और स्वीडिश मैच द्वारा बनाए जानेवाले प्रीमियम सिगारों की देखरेख दो सिगार परिवारों, अल्टाडिश के बेंजामिन मेनेंडिज और स्वीडिश मैच के अर्नेस्टो पेरेज-कैरिलो के सदस्यों द्वारा की जाती है.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

मार्केटिंग और वितरण[संपादित करें]

सिगारों की मार्केटिंग विज्ञापनों के जरिये और फिल्मों एवं अन्य मीडिया, खेल संबंधी आयोजनों, सिगार-अनुकूल पत्रिकाओं जैसे कि सिगार एफिसियोंडो और सिगार डिनर्स में प्रोडक्ट प्लेसमेंट के माध्यम से की जाती है. विज्ञापनों में अक्सर समृद्धि के चित्रण, यौन संबंधी तस्वीरों और स्पष्ट या अंतर्निहित सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को शामिल किया जाता है.[14]

1992 में पेश किये गए सिगार एफिसियोंडो को सिगार कंपनियों और पाठकों दोनों द्वारा अमेरिकी सिगार धूम्रपान बाज़ार को एक छोटे ब्लू-कॉलर सेगमेंट से लग्जरी होटलों और गोल्फ कोर्स जैसे स्थानों में बड़े पैमाने के प्रचार-प्रसार वाले बाजार में तब्दील करने का श्रेय दिया गया था. यह पत्रिका सिगारों को एक सफल जीवनशैली के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करती है और उन विज्ञापनों के लिए एक प्रमुख संवाहक है जो 1965 के बाद से तम्बाकू उद्योग के विज्ञापन संबंधी स्वैच्छिक प्रतिबंधों के अनुरूप नहीं है जैसे कि ग्लैमर के साथ धूम्रपान का सम्बन्ध नहीं जोड़ने का एक प्रतिबंध. पत्रिका लंबाई के आधार पर धूम्रपान-समर्थक तर्कों को भी सुव्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती है, इसका तर्क है कि सिगार सिगरेट की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित होता है और यह कि वैसे भी जीवन खतरों से भरपूर है, कि (हेल्थ इफेक्ट्स में उल्लिखित प्रमाणों के विपरीत) सिगार पीने के स्वास्थ्य संबंधी फायदे हैं, कि संयम स्वास्थ्य संबंधी ज्यादातर या सभी जोखिमों को ख़त्म कर देता है, कि सिगार पीने वाली लम्बी आयु तक जीवित रहते हैं, कि स्वास्थ्य संबंधी शोध त्रुटिपूर्ण हैं और यह कि रणनीतिक रूप से चुने गए स्वास्थ्य संबंधी शोध के परिणाम सुरक्षा के दावों का समर्थन करते हैं.[15] अपने प्रतिद्वंद्वी स्मोक की तरह सिगार एफिसियोंडो इस मायने में अन्य तम्बाकू उत्पादों के लिए वाहनों की मार्केटिंग से भिन्नता रखती है कि यह सिगारों को पूरी पत्रिका का केंद्र बिंदु बना देता है जिससे उत्पाद और जीवनशैली के बीच एक सहजीविता बन जाती है.[16]

चित्र:Flor de Baltimore.jpg
सिगार डिलिवरी ट्रक, साल्ट लेक सिटी, 1913

अमेरिका में सिगरेटों को नियंत्रित करने वाले मार्केटिंग संबंधी कई विनियमों से सिगारों को छूट दी गयी है. उदाहरण के लिए 1970 के पब्लिक हेल्थ सिगरेट स्मोकिंग एक्ट ने सिगारों को इसके विज्ञापन संबंधी प्रतिबंध से छूट दे दी थी,[17] और सिगरेट के विज्ञापनों के विपरीत सिगार के विज्ञापन में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का उल्लेख करने की कोई जरूरत नहीं रह गयी थी.[14] 2007 तक सिगारों पर सिगरेटों से कम कर लगाया जाता था जो इतना कम था कि कई अमेरिकी राज्यों में छोटे सिगारों के एक पैकेट का मूल्य सिगरेटों के एक पैकेट के मूल्य के आधे से भी कम था.[17] अमेरिका में नाबालिगों के लिए सिगार और अन्य तम्बाकू उत्पाद खरीदना गैरकानूनी है लेकिन क़ानूनों को एक समान रूप से लागू किया गया है: वर्ष 2000 के एक अध्ययन में पाया गया कि इंटरनेट सिगार मार्केटिंग साइटों में से तीन चौथाई नाबालिगों को सिगार खरीदने की अनुमति देते थे.[18]

सस्ते सिगार सुविधाजनक स्टोरों, किराने की दुकानों और दवा की दुकानों में ज्यादातर स्वयं-सेवा सामग्रियों के रूप में बेचे जाते हैं. प्रीमियम सिगारों को तम्बाकू उत्पाद की दुकानों (टोबैकोनिस्टों), सिगार बारों और अन्य विशिष्ट प्रतिष्ठानों में बेचा जाता है.[19] कुछ सिगार स्टोर श्रृंख्लाओं का हिस्सा होते हैं जिनके पास आकार में भिन्नता होती है: अमेरिका में युनाइटेड सिगार स्टोर 1920 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय श्रृंख्लाओं के केवल तीन उत्कृष्ट उदाहरणों में से एक था जबकि अन्य दो एएंडपी और वूलवर्थ के थे.[20] होटल की दुकानें, रेस्टोरेंट, वेंडिंग मशीन[19] और इंटरनेट सिगारों के गैर-पारंपरिक दुकानों में शामिल हैं.[18]

संघटक (संरचना)[संपादित करें]

सिगार तीन तरह के तम्बाकू के पत्तों से बनाए जाते हैं जिनकी विविधताएं धूम्रपान और जायके संबंधी विशेषताओं का निर्धारण करती हैं:

रैपर्स[संपादित करें]

सिगार के सबसे बाहरी पत्ते या रैपर पौधे के सबसे चौड़े हिस्से से तैयार होते हैं. रैपर सिगार के अधिकाँश गुणों और स्वाद को निर्धारित करता है और यहाँ तक कि इसके रंग का इस्तेमाल अक्सर सिगार की संपूर्णता का वर्णन करने के लिए किया जाता है. निर्माताओं द्वारा 100 से अधिक रैपरों के शेड्स की पहचान की गयी है लेकिन सबसे हलके से लेकर सबसे गहरे सात सबसे आम वर्गीकरण इस प्रकार हैं:[21] ' ऑल्ट= सिगार रैपर कलर चार्ट.सिगार रैपर कलर चार्ट

रंग विवरण
डबल क्लारो बहुत हल्का, थोड़ा हरे जैसा (जिसे कैंडेला, अमेरिकन मार्केट सेलेक्शन या जेड भी कहा जाता है); यह स्वरूप पत्तों के परिपक्व होने से पहले तोड़कर तेजी से सुखा लेने से तैयार होता है, इसका रंग पत्तों में मौजूद क्लोरोफिल की वजह से आता है; यह स्वरूप पहले लोकप्रिय था लेकिन अब दुर्लभ है.
क्लारो बहुत हल्के भूरे या पीलापन लिए हुए. छाया में की गयी तम्बाकू की खेती का संकेत देता है.
कोलोराडो क्लारो माध्यम भूरे रंग के जिसमें नैचुरल और इंग्लिश मार्केट सेलेक्शन शामिल हैं.
कोलोराडो विशिष्ट लालिमा लिए भूरा रंग (जिसे रोसाडो या कोरोजो भी कहा जाता है)
कोलोराडो मैडूरो अधिक गहरा भूरा रंग; जिसका संबंध अक्सर कैमरून और होंडुरास के अफ्रीकी रैपरों या निकारागुआ में क्यूबाई बीज से विकसित किये गए रैपरों के साथ जोड़ा जाता है.
मैडूरो बहुत ही गहरे भूरे या काले; मुख्य रूप से कनेक्टिकट, मैक्सिको निकारागुआ और ब्राज़ील में विकसित किया जाता है.
ओस्कूरो बहुत ही काले, (जिसे डबल मैडूरो भी कहा जाता है), इसका स्वरूप अक्सर तैलीय होता है; 2000 के दशक में अधिक लोकप्रिय हुआ है; इसे मुख्य रूप से क्यूबा, निकारागुआ, ब्राज़ील, मैक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका के कनेक्टिकट में उगाया जाता है.

कुछ निर्माता एक वैकल्पिक नाम का उपयोग करते हैं:

नाम संक्षेपण विवरण
अमेरिकन मार्केट सेलेक्शन एएमएस डबल क्लारो का पर्याय
इंग्लिश मार्केट सेलेक्शन ईएमएस आम तौर पर कोलोराडो क्लारो, लेकिन डबल क्लारो से अधिक तेज रंग परंतु मैडूरो की अपेक्षा मध्यम
स्पेनिश मार्केट सेलेक्शन एसएमएस दो सबसे गहरे रंगों मैडूरो और ओस्कुरो में से एक.

आम तौर पर गहरे रैपर एक मिठास का स्पर्श जोड़ सकते हैं जबकि हलके रैपर स्वाद में सूखेपन का संकेत देते हैं. सामान्यतः यह स्वीकार किया जाता है कि स्वाद में 40 प्रतिशत योगदान रैपर का होता है जबकि फिलर और बाइंडर अन्य 60 प्रतिशत का योगदान करते हैं.[22] आम तौर पर यह स्वीकार किया जाता है कि मैडूरो सिगार का स्वाद हलके रैपर में इसी सिगार की अपेक्षा कहीं अधिक कड़ा होता है लेकिन यह सभी सिगारों पर लागू नहीं होता.

फिलर्स[संपादित करें]

एक सिगार का अधिकाँश हिस्सा फिलर्स से बना होता है जो रैपर के अंदर लपेटे गए पत्तों के गुच्छे होते हैं. विभिन्न क्षमताओं वाले फिलर्स को आम तौर पर सिगार के वांछित जायके तैयार करने के लिए मिलाया जाता है. सिगार उद्योग में इसे "ब्लेंड" के रूप में संदर्भित किया जाता है. कई सिगार निर्माता धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को सबसे अधिक आनंद देने वाला सटीक ब्लेंड तैयार कर खुद पर गर्व महसूस करते हैं. तम्बाकू के पत्तों में जितना अधिक तेल मौजूद होता है फिलर उतना ही तेज (कम शुष्क) होता है. इसकी किस्मों का विस्तार पौधे के आधार से लिए गए कम से कम सुगंध वाले वोलाडो से लेकर पौधे के बीच से लिए गए हलके-जायके वाले सेको (शुष्क) से होते हुए सबसे अधिक सूर्य की रोशनी में रहने वाले ऊपरी पत्तों से लिए गए तेज लिगेरो तक होता है. अपेक्षाकृत अधिक गेज वाले फैटर (मोटे) सिगारों में अधिक फिलर होता है जिसमें फुल बॉडी और कॉम्प्लेक्स फ्लेवर प्रदान करने की काफी क्षमता होती है. हालांकि अपेक्षाकृत मोटे सिगारों (50 रिंग गेज से अधिक) के आम तौर पर कम जलने वाले गुणों के कारण इस प्रभाव को कम किया जा सकता है और यह तथ्य है कि ये सिगार धीरे-धीरे जलते हैं. यह आसानी से पता लगाए जाने योग्य जायकों के पूरे स्पेक्ट्रम को रोक सकता है. इस्तेमाल के समय लिगेरो को हमेशा फिलर के बीच से मोड़ा जाता है क्योंकि यह धीरे-धीरे जलता है.

फिलर्स लंबे या छोटे हो सकते हैं; लंबे फिलर में पूरे पत्तों का इस्तेमाल होता है और यह एक बेहतर गुणवत्ता वाला होता है, जबकि छोटे फिलर जिसे "मिक्स्ड" कहते हैं, इसमें कटे हुए पत्तों, तनों और अन्य बिट्स का उपयोग किया जाता है. हाल ही में कुछ उत्पादकों ने ऐसे सिगारों को बनाया है जिसे उन्होंने "मीडियम फिलर" का नाम दिया है. वे बगैर तनों वाले छोटे फिलर की बजाय अपेक्षाकृत बड़े पत्तों का इस्तेमाल करते हैं जो छोटे फिलर सिगारों की तुलना में बेहतर गुणवत्ता वाले होते हैं. छोटे फिलर सिगारों को पीते समय पहचानना आसान होता है क्योंकि ये अक्सर अधिक तेज होकर जलते हैं और पत्तों के टुकड़ों की थोड़ी मात्रा धूम्रपान करने वाले के मुँह में छोड़ देते हैं. उच्च गुणवत्ता वाले लांग फिल्ड सिगारों को एक समान रूप से और लगातार जलते रहना चाहिए. एक अन्य फिलर भी उपलब्ध है जिसे "सैंडविच" (कभी-कभी "क्यूबन सैंडविच") कहा जता है जो एक ऐसा सिगार है जिसे लंबे बाहरी पत्तों के अंदर छोटे पत्तों को मोड़कर बनाया जाता है. जब कोई सिगार सिर्फ एक देश के तम्बाकू से पूरी तरह तैयार (फिलर, बाइंडर और रैपर) किया जाता है, इसे सिगार उद्योग में "प्यूरो" के नाम से संदर्भित किया जाता है जिसका मतलब स्पेनिश में "प्योर" (शुद्ध) होता है.

बाइंडर[संपादित करें]

बाइंडर फिलर्स के गुच्छों को एक साथ बांधने के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले लोचदार पत्ते होते हैं. मूलतः बाइंडर्स ऐसे रैपर होते हैं जिन्हें छिद्रयुक्त, धब्बेदार, खराब रंग या बहुत अधिक धारियों की वजह से नकार दिया जाता है.

आकार और स्वरूप[संपादित करें]

इन्हें भी देखें: Factory name
स्केन्सेन, स्टॉकहोम, स्वीडन के टोबेको एंड मैचस्टिक संग्रहालय में में विश्व का सबसे बड़ा सिगार.

सिगारों को सामान्यतः इनके आकार और स्वरूप के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है जिसे एक साथ विटोला के नाम से जाना जाता है.

सिगार का आकार दो आयामों से मापा जाता है: इसका रिंग गेज (एक इंच के चौसठवें हिस्से में इसका व्यास) और इसकी लंबाई (इंच में).

पैरेजो[संपादित करें]

सबसे आम स्वरूप है पैरेजो, जिसे कभी-कभी सीधे तौर पर "कोरोनाज" के रूप में संदर्भित किया जाता है जो परंपरागत रूप से वह न्यूनतम मानदंड (बेंचमार्क) रहा है जिसके अनुरूप सिगार के अन्य सभी स्वरूपों को मापा जाता है. इसका धड़ बेलनाकार, किनारे सीधे, एक सिरा खुला हुआ और दूसरे सिरे पर तम्बाकू के पत्ते का एक गोल "कैप" जिसे अनिवार्य रूप से काट लिया जाता है, एक विशेष कटर के साथ इसके अंदर बना एक वी (V) के आकार का एक कटाव होता है या जिसे धूम्रपान से पहले इसके अंदर डाला जाता है.

पैरेजो को निम्नलिखित शब्दों द्वारा वर्णित किया जाता है:

शब्द इंच में लंबाई चौड़ाई एक इंच के 64वें भाग में मीट्रिक लंबाई मीट्रिक चौड़ाई शब्द-व्युत्पत्ति
रॉथ्सचाइल्ड 4 + 1/2 48 11 सेमी 19 मिमी रॉथ्सचाइल्ड परिवार के नाम पर
रोबुस्टो 4 + ⅞ 50 11 सेमी 20 मिमी रोस्पैन=9
छोटा पैनाटेला 5 33 13 सेमी 13 मिमी
पेटिट कोरोना 5 + ⅛ 42 13 सेमी 17 मिमी
कार्लोटा 5 + ⅝ 35 14 सेमी 14 मिमी
कोरोना 5 + 1/2 42 14 सेमी 17 मिमी
कोरोना गोर्डा 5 + ⅝ 46 14 सेमी 18 मिमी
पैनाटेला 6 38 15 सेमी 15 मिमी
टोरो 6 50 15 सेमी 20 मिमी
कोरोना ग्रैंडी 6 + ⅛ 42 16 सेमी 17 मिमी
लोंस्डेल 6 + 1/2 42 17 सेमी 17 मिमी लोंस्डेल के पांचवें अर्ल ह्यू सेसिल लोथर के नाम पर
चर्चिल 7 47-50 18 सेमी 19-20 मिमी सर विंस्टन चर्चिल के नाम पर
डबल कोरोना 7 + ⅝ 49 19 सेमी 19 मिमी रोस्पैन=3
प्रेसिडेंटी 8 50 20 सेमी 20 मिमी
ग्रान कोरोना 9 + ¼ 47 23 सेमी 19 मिमी
डबल टोरो/गोर्डो 6 60 15 सेमी 24 मिमी

इन आयामों को आदर्श रूप में प्रस्तुत किया गया है. वास्तविक आयाम काफी भिन्न हो सकते हैं.

फिगुराडो[संपादित करें]

सिगार के आकार

अनियमित आकार के सिगारों को फिगुराडोज के रूप में जाना जाता है और कभी-कभी उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है क्योंकि इन्हें बनाना कहीं अधिक कठिन होता है.

ऐतिहासिक रूप से, विशेष कर 19वीं सदी के दौरान फिगुराडोज सबसे अधिक लोकप्रिय स्वरूप थे; हालांकि 1930 के दशक तक ये ना केवल फैशन और चलन से बाहर हो गए थे बल्कि लुप्त हो गए थे. हालांकि हाल ही में इनकी लोकप्रियता में एक छोटा पुनरुत्थान हुआ और वर्तमान में कई ऐसे ब्रांड (निर्माता) मौजूद हैं जो अपेक्षाकृत सामान्य पैरेजोज के साथ-साथ फिगुराडोज का उत्पादन करते हैं. क्यूबाई सिगार ब्रांड क्यूबा के पास अपनी श्रेणी में केवल फिगुराडोज ही मौजूद है.

फिगुराडोज में निम्नलिखित शामिल हैं:

फिगुराडो विवरण
टॉरपीडो पैरेजो की तरह इसके सिवाय कि इसमें कैप नुकीला (प्वाइंटेड) होता है.
पिरामिड एक चौड़ा आधार (फूट) होता है और यह एक नुकीले कैप तक एक समान रूप से संकरा हो जाता है.
परफेक्टो दोनों सिरों पर पतला और बीच में उभरा हुआ होता है.
प्रेसिडेंटी / डाइडेमा आकार एक पैरेजो की तरह होता है लेकिन इसके विशाल आकार और परफेक्टो की तरह कभी-कभार बंद आधार (फूट) के कारण इसे फिगुराडो समझा जाता है.
क्युलेब्रास तीन लंबे, प्वाइंटेड सिगार एक साथ बंधे हुए.
टस्केनियन 19वीं सदी की शुरुआत में उस समय बना विशेष प्रकार का इतालवी सिगार जब केन्टकी टोबैको का स्थानीय किस्मों के साथ संकरण कराया गया था और इसे एक बहुत तेज सुगंध वाले एक लंबे, कड़े, पतले सिगार को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था जो बीच में मोटा और दोनों सिरों पर चौड़ा होता है. इसे चेरूट के नाम से भी जाना जाता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे ज्यादा बिकने वाला सिगार का स्वरूप है.

डोमिनिकन गणराज्य में स्थित एक बड़े सिगार उत्पादक, आर्टुरो फ्युंटे ने भी चिली पीपर्स (लाल मिर्च) से लेकर बेसबॉल के बल्लों और अमेरिकी फुटबॉलों के आकर्षक स्वरूपों तक में फिगुराडोस सिगारों का उत्पादन किया था. सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने पर ये अत्यंत संग्रहणीय और बहुत महंगे हो गए. व्यावहारिक तौर पर टॉरपीडो और पिरामिड शब्दों को अक्सर अदल-बदलकर इस्तेमाल किया जाता है, यहाँ तक कि बहुत जानकार सिगार पीने वालों के बीच भी. हांगकांग स्थित सिगार विशेषज्ञ मिन रॉन नी जिनकी रचना एन इलस्ट्रेटेड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ पोस्ट-रिवोल्यूशन हवाना सिगार्स को सिगारों और सिगारों से संबंधित शब्दों पर एक उत्कृष्ट कृति माना जाता है, यह टॉरपीडो को "सिगार स्लैंग" के रूप में परिभाषित करता है. नी यह मानते हैं कि ज्यादातर लोग सही हैं (क्योंकि स्लैंग को ज्यादातर उपयोगों द्वारा परिभाषित किया गया है) और टॉरपीडो का दूसरा नाम पिरामिड है.

लिटिल सिगार[संपादित करें]

लिटिल सिगार (जिसे कभी-कभी स्मॉल सिगार भी कहा जाता है) आम सिगारों से काफी अलग होते हैं. इनका वजन सिगारों और सिगारिलोज से कम होता है,[23] लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ये आकार, स्वरूप, पैकेजिंग और फिल्टरों के मामले में सिगरेटों के समान होते हैं.[24] 1971 से 1973 तक अमेरिका में पब्लिक हेल्थ सिगरेट स्मोकिंग एक्ट के जवाब में लिटिल सिगारों की बिक्री चार गुना बढ़ गयी थी, इस अधिनियम ने सिगरेट के विज्ञापनों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया था और सिगरेट के पैकेटों पर अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य संबंधी कड़ी चेतावनियाँ लिखने का प्रावधान कर दिया था. सिगारों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया था और संभवतः सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात यह थी कि इन पर लगाए जाने वाले कर की दर बहुत ही कम रखी गयी थी. लिटिल सिगारों को कभी-कभी "सिगरेट्स इन डिस्गाइज" (छद्म वेश में सिगरेट) कहा जाता है और इन्हें सिगरेट के रूप में पुनः वर्गीकृत करने के असफल प्रयास किये गए हैं. लिटिल सिगारों की बिक्री इनके कराधान की खामियों के दम पर 2006 में सबसे अधिक उच्चतम स्तर पर पहुँच गयी थी.[17]

धूम्रपान[संपादित करें]

चित्र:H.Upmann Coronas Major.jpg
एक डबल गिलोटिन शैली का कटर, सिगार की नोक को काटने के लिए प्रयुक्त; दो हस्त-निर्मित एच. अपमैन कोरोनास मेजर सिगार्स के निकट, एक उसके संग्रहण ट्यूब के भीतर और एक उसके बाहर."मेड इन क्यूबा" लेबल ("क्यूबन सिगार्स" का भाग देखें) लोअर ट्यूब पर दिखाई देता है.

सिगार को पीने के लिए धूम्रपान करने वाला व्यक्ति पहले इसे काटता है, जलाता है और उसके बाद बगैर जलाए हुए हिस्से को मुँह में रखता है और धुआँ मुँह के अंदर खींचता है. कुछ धूम्रपानकर्ता धुएं को फेफड़ों के अंदर लेते हैं, विशेष रूप से लिटिल सिगारों के मामले में, लेकिन यह अभ्यास अन्यथा असामान्य है. धूम्रपानकर्ता धुएं को मुँह से निकालने के पहले इससे मुँह के अंदर छल्ले बना सकता है और सिगार की बेहतर सुगंध और जायका लेने के लिए धुएं के कुछ हिस्से को नाक से बाहर निकाल सकता है.

काटना[संपादित करें]

हालांकि कुछ सिगारों के दोनों सिरों को काट लिया जाता है या दोनों सिरों को घुमाकर मोड़ दिया जाता है, ज्यादातर सिगार एक सीधे कटे हुए सिरे और एक सिरे पर "कैप" लगाए हुए स्वरूप में आते हैं. अधिकांश उच्च-गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित सिगार, चाहे जिस आकार के हों, उनके ऊपर एक कैप लगा होता है जो सिगार के एक सिरे पर रैपर के एक या अधिक छोटे टुकड़ों के रूप में एक प्राकृतिक तम्बाकू पेस्ट के साथ या आटा और पानी के मिश्रण से चिपकाया गया होता है. सिगार को ठीक से पीने योग्य बनाने के लिए इसके कैप वाले सिरे को अनिवार्य रूप से काट दिया जाता है. यह एक गोल सिरा होता है जिसमें तम्बाकू बाहर नहीं निकला होता है और यही वह सिरा है जिसे धूम्रपानकर्ता द्वारा हमेशा काट दिया जाना चाहिए. अगर कैप को जैसे-तैसे या असावधानी से काटा जाता है तो सिगार का दूसरा सिरा एक समान रूप से नहीं जलेगा और पीने योग्य तम्बाकू बाहर निकलकर नष्ट हो जाएगा. कुछ सिगार निर्माता धूम्रपानकर्ता को शुरू से अंत तक अलग-अलग तरह के जायके, धड़ और शक्ति का एहसास देने के लिए जान-बूझकर एक छोर से दूसरे छोर तक विभिन्न किस्मों के तंबाकू डालते हैं. गलत सिरे से सिगार पीने का परिणाम एक बुरे अनुभव के रूप में सामने आ सकता है.

सिगार कटर के तीन बुनियादी प्रकार होते हैं.

  • गिलोटिन (स्ट्रेट कट)
  • पंच कट
  • वी-कट (इसे नॉच कट, कैट्स आई, वेज कट, इंग्लिश कट भी कहते हैं)

जलाना[संपादित करें]

सिगार का "हेड" आम तौर पर सिगार के बैंड का सबसे करीबी सिरा होता है. सिगार के विपरीत सिरे को "फूट" कहा जाता है. बैंड सिगार के प्रकार को दिखाता है और इसे हटाया या छोड़ दिया जा सकता है. धूम्रपानकर्ता सिगार के हेड से कैप को काट देता है और सिगार के फूट को आग से जलाता है. धूम्रपानकर्ता सिगार के हेड से मुँह और होठों के जरिये धुआँ छोड़ता है और आम तौर पर इसे फेफड़ों के अंदर नहीं लेता है.

जलाए जाते समय सिगार को एक समान रूप से जलाने के लिए इसे घुमाया जाना चाहिए और हवा को धीरे-धीरे हल्के कश लेते हुए छोड़ना चाहिए. सिगारों को ब्यूटेन से भरे लाइटरों के इस्तेमाल से जलाया जा सकता है. ब्यूटेन रंगहीन और गंधहीन होता है और यह अच्छी तरह बहुत हल्के फ्लेवर, अगर कोई हो, के साथ जलता है. फ्लूड से भरे लाइटरों और कागज़ में माचिसों का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि ये स्वाद को प्रभावित कर सकते हैं. अन्य विकल्प लकड़ी के माचिस हैं. इन्हें सल्फर से उपचारित किया और भिगोया नहीं जाता है और इसीलिये धुआँ रसायनों से प्रभावित नहीं होता है. [25]

धातु की नलिकाओं में पैक किये गए सिगारों को आम तौर पर देवदार की एक पतली परत से लपेटा जाता है. इसे सिगार को जलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जो जायके को प्रभावित करने वाले लाइटरों या माचिसों की समस्या को दूर कर देता है.

जायका (फ्लेवर)[संपादित करें]

सिगार के प्रत्येक ब्रांड और प्रकार का स्वाद अलग-अलग होता है. चूंकि रैपर पूरी तरह से सिगार के फ्लेवर को निर्धारित नहीं करता है, गहरे रंग के रैपर में एक तरह की मिठास होती है जबकि हल्के रैपरों में आम तौर पर एक "अपेक्षाकृत शुष्क" स्वाद होता है. सिगार चाहे हल्का, मध्यम या पूरा भरा हुआ हो, गुणवत्ता के साथ इसका कोई संबंध नहीं होता है. सिगार के जायके और रंग का वर्णन करने में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ शब्दों में शामिल हैं: स्पाइसी, पेपरी (लाल या काले), स्वीट, हार्श, बर्न्ट, ग्रीन, अर्थी, वूड्सी, कोकोआ, रोस्टेड, एजेड, नटी, क्रीमी, सेडार, ओक, चेवी, फ्रूटी और लेदरी.

सिगार का धुआँ जिसे शायद ही कभी साँस के जरिये अंदर लिया जाता है, यह तम्बाकू के स्वाद के साथ-साथ अन्य स्वादों की बारीकियों का एहसास देता है. सिगार के धुएं की खुशबू कई अलग-अलग चीज़ों से प्रभावित होती है: तम्बाकू का प्रकार, सिगार की गुणवत्ता, शामिल किये गए स्वाद, आयु और आर्द्रता, उत्पादन विधि (हस्तनिर्मित बनाम मशीन से बना) और कई अन्य बातें. एक बेहतर सिगार साँस के जरिये अंदर लिए गए सिगरेट के धुएँ से पूरी तरह अलग स्वाद देता है. जब धुएं को साँस के जरिये अंदर लिया जाता है, जैसा कि आम तौर पर सिगरेट के मामले में होता है, तम्बाकू के स्वाद को धुएं की उत्तेजना की तुलना में कम महसूस किया जा सकता है. कुछ सिगार पीने वाले उत्साही व्यक्ति सिगार पीते समय महसूस किये गए ओवरटोन और अंडरटोन का वर्णन करने के लिए शराब चखने वालों की तरह एक अलग शब्दावली का प्रयोग करते हैं. व्यक्तिगत रेटिंग्स, महसूस किये गए जायकों का वर्णन, आकारों, ब्रांडों आदि की रिकॉर्डिंग के लिए पत्रिकाएँ (जर्नल्स) उपलब्ध हैं. इन संदर्भों में सिगार की टेस्टिंग शराब, ब्रांडी, व्हिस्की, चाय, कॉफी और बियर की टेस्टिंग के समान है.

धुआँ[संपादित करें]

कई लोगों को सिगार के धुएं की गंध नापसंद होती है और एक सिगार पीने वाले को उन्हें ठेस पहुँचाने से बचने के प्रति विशेष रूप से सावधान रहना विनम्रता का प्रतीक माना जाता है.[26] यह गंध धूम्रपानकर्ता की साँसों में बस जाती है जिसे दूर करने के लिए ऐसे उपभोक्ता उत्पादों की जरूरत होती है जो साँसों को ताजगी दे सके.[27] धुआँ तम्बाकू के अपूर्ण दहन से पैदा होता है जिसके दौरान कम से कम तीन तरह की रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं: पाइरोलाइसिस कार्बनिक अणुओं को सामान्य अणुओं के रूप में तोड़ देता है, पाइरोसिंथेसिस इन नए बने कणों को फिर से जोड़कर ऐसे रसायनों में बदल देता है जो मूलतः मौजूद नहीं होते हैं और डिस्टिलेशन निकोटीन जैसे यौगिकों को तम्बाकू से लेकर धुएं में तब्दील कर देता है. तम्बाकू के प्रत्येक ग्राम के धूम्रपान के लिए एक सिगार तकरीबन 120-140 मिलीग्राम कार्बन डाइऑक्साइड, 40-60 मिलीग्राम कार्बन मोनोऑक्साइड, 3-4 मिलीग्राम आइसोप्रीन, हाइड्रोजन साइनाइड और एसीटैल्डिहाइड में से प्रत्येक की 1 मिलीग्राम मात्रा और छोटी-छोटी मात्राओं में वोलाटाइल एन -नाइट्रसएमिन्स और वोलाटाइल कार्बनिक कंपाउंड्स के लार्ज स्पेक्ट्रम के साथ अज्ञात चीजों की विस्तृत संरचना का उत्सर्जन करता है.[28]

सिगार के धुएं में सबसे अधिक गंध पैदा करने वाले रसायन और उत्तेजक गंध के लिए यकीनन सबसे अधिक जिम्मेदार, पाइरिडाइन्स होते हैं. पाइराजाइन्स के साथ ये सिगार पीने वाले व्यक्ति की साँसों में मौजूद सबसे गंधयुक्त रसायन भी होते हैं. इन पदार्थों को केवल कुछ अंश प्रति बिलियन की अत्यंत न्यूनतम सांद्रता के बावजूद भी पहचाना जा सकता है. धूम्रपान के दौरान यह पता नहीं चल पाटा है कि क्या ये रसायन निकोटीन के रासायनिक बंधनों के टूटने से तैयार हुए हैं या तम्बाकू में मौजूद एमिनो एसिड और शर्करा के बीच मेलार्ड प्रतिक्रया की वजह से.[27]

सिगार का धुआँ सिगरेट के धुएं से कहीं अधिक क्षारीय होता है और इसलिए तुरंत घुल जाता है और मुँह की श्लेष्मा झिल्ली द्वारा आसानी से अवशोषित कर लिया जाता है जिससे धूम्रपानकर्ता निकोटीन को साँस के जरिये अंदर लिए बगैर ही इसे आसानी से अवशोषित कर लेता है.[29]

नमीकारक (ह्युमिडर्स)[संपादित करें]

सिगारों को आर्द्रता के जिस स्तर पर रखा जाता है उसके अनुसार काफी हद तक इसके स्वाद में भिन्नता होती है. माना जाता है कि एक सिगार का स्वाद सबसे अच्छी तरह तब विकसित होता है जब इसका भंडारण लगभग 68-74% की एक सापेक्ष आर्द्रता और 64 एफ के तापमान पर किया गया हो.[कृपया उद्धरण जोड़ें] आर्द्रता की एक आदर्श दर सिगार को एक समान रूप से जलने में मदद करता है. इसके विपरीत शुष्क सिगार नाजुक होते हैं और तेजी से जल जाते हैं जबकि नम सिगार एक समान रूप से नहीं जलाते हैं और इनका स्वाद बहुत अधिक अम्लीय हो जाता है. तब ह्युमिडर्स को उनके ह्युमिडिफायरों के साथ इस प्रयोजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ह्युमिडर की आतंरिक लाइनिंग मूलतः तीन तरह की लकड़ी से तैयार की जाती है जिनके नाम हैं: स्पेनिश सेडार (देवदार), अमेरिकी (या कनाडाई) लाल देवदार, होंडुरास की महोगनी.

ज्यादातर ह्युमिडर्स एक प्लास्टिक या धातु के डब्बे में आते हैं जिसमें एक स्पंज होता है जो ह्युमिडिफायर के रूप में काम करता है, हालांकि सबसे अधिक हाल के संस्करण पॉलिमर एक्राइल में आते हैं. इसे अनिवार्य रूप से केवल डिस्टिल्ड वाटर से भरा जाता है और पहले वाले के लिए प्रोपाइलीन ग्लाइकोल और डिस्टिल्ड वाटर के एक घोल का इस्तेमाल किया जाता है. ह्युमिडिफायर बैक्टीरिया से दूषित हो सकते हैं और इस संदूषण से बचने के लिए इन्हें हर दो वर्ष में बदल दिया जाना चाहिए.

ह्युमिडर्स हाइग्रोमीटर्स के साथ भी आते हैं जो एनालॉग या डिजिटल होते हैं. एनालॉग हाइग्रोमीटरों की तीन प्रणालियाँ होती हैं: एक मेटल स्प्रिंग वाला एनालॉग हाइग्रोमीटर, एनालॉग नेचुरल हेयर हाइग्रोमीटर और एनालॉग सिंथेटिक हेयर हाइग्रोमीटर.[30]

सहायक सामग्रियां (एक्सेसरीज)[संपादित करें]

बहुत लोकप्रिय सिगार एक्सेसरीज की एक विस्तृत किस्म बाजार में मौजूद है जो सिगार एफ़िसियोनाडो के अनुभव को बढ़ाते हैं. इनकी कीमतें इस्तेमाल की गयी सामग्रियों और फिनिशिंग के आधार पर भिन्न हो सकती हैं.इन एक्सेसरीज के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं.

सिगार ट्रैवल केस[संपादित करें]

ट्रैवल केस सिगारों को पर्यावरणीय तत्वों से सुरक्षा करने और चूर-चूर होने की संभावना से बचने के इरादे से तैयार किया गया होता है. अधिकांश ट्रैवल केस एक्सपेंडेबल या स्टर्डी लेदर में आते हैं. इन्हें इतना मोटा होना चाहिए कि ये सिगारों की सुरक्षा कर सकें और इसके अंदर एक तेज चमड़े की गंध नहीं होनी चाहिए जो सिगार के स्वाद को प्रभावित कर सके. इनमें से कुछ केस (डिब्बे) गत्ते या धातु की नलिकाओं के साथ आते हैं जो अधिक सुरक्षा देते हैं और सिगार में चमड़े के असर को फ़ैलने से बचाते हैं.

चांदी जड़ी मगरमच्छ की त्वचा से निर्मित एक सिगार जिसपर 1904 का बर्मिंघम हॉलमार्क बना हुआ है

इसके अलावा चांदी और पीतल के सिगार केस के साथ-साथ लकड़ी के सिगार केस भी बाजार में उपलब्ध हैं. लकड़ी के केस सस्ते डिब्बों से लेकर आकर्षक दस्तकारी वाले केस के रूप में होते हैं जबकि चांदी और पीतल के केस काफी महंगे होते हैं.

सिगार ट्यूब्स[संपादित करें]

सिगार ट्यूब्स छोटी मात्रा में, सामान्यतः एक या पाँच सिगारों को रखने के लिए उपयोगी होते हैं. पाँच सिगार वाले ट्यूब को 5-फिंगर ट्यूब और एक सिगार वाले ट्यूब को 1-फिंगर ट्यूब कहा जाएगा. ये आम तौर पर स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं. सिगार ट्यूब्स का उपयोग सामान्य रूप से उस समय किया जाता है जब व्यक्ति कुछ घंटों के लिए बाहर होता है लेकिन अगर ज्यादा समय बाहर बिताने की जरूरत हो तो ऐसे ट्यूब भी हैं जो ह्युमिडिफायर और हाइग्रोमीटर के साथ बने होते हैं.

सिगार होल्डर[संपादित करें]

सिगार होल्डरों को सिगार स्टैंड्स भी कहा जाता है और ये सिगारों को ऐशट्रे से बाहर रखने में उपयोगी होते हैं. इसके अलावा सिगार होल्डर का मतलब एक ऐसा ट्यूब होता है जिसमें सिगार को धूम्रपान करते समय रखा जाता है. इनका इस्तेमाल ज्यादातर महिलाओं द्वारा किया जाता है और पुरुषों द्वारा शायद ही किया जाता है.

स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव[संपादित करें]

तम्बाकू उपयोग के अन्य स्वरूपों की तरह सिगार का धूम्रपान इसके डोज के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी काफी जोखिम पैदा करता है: उन लोगों के लिए जोखिम कहीं अधिक होता है धूम्रपान करते समय इसके धुएं को साँस के जरिये अंदर लेते हैं, ज्यादा सिगार पीते हैं या ज्यादा समय तक इनका धूम्रपान करते हैं.[31] आंकड़ों के आधार पर कभी धूम्रपान नहीं कहीं करने वाले व्यक्ति की तुलना में सिगार पीने वालों के लिए किसी भी वजह से मौत का खतरा अधिक होता है, जिसमें 65 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए और माध्यम एवं गहरे धूम्रपानकर्ता (साँस के जरिये धुएं को अंदर लेने वाले) जो सिगरेट पीने वालों के समान स्तरों तक पहुँचे होते हैं, जोखिम कहीं अधिक होता है.[32] लिटिल सिगारों को आम तौर पर साँस के जरिये अंदर लिया जाता है और इनसे सिगरेटों की तरह ही स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की संभावना रहती है.[33] प्रति दिन 1-2 सिगार पीने वालों के लिए बढ़ा हुआ जोखिम आंकड़ों की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के लिए काफी कम है,[32] और प्रतिदिन एक सिगार से भी कम पीने वालों में 3/4 के स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को निर्धारित नहीं किया गया है[34] और इनका निर्धारण करना मुश्किल है; हालांकि यह दावा किया गया है कि जो लोग कम सिगार पीते हैं उनके लिए कोई बढ़ा हुआ जोखिम नहीं होता है, एक कहीं अधिक सटीक कथन यह है कि उनके जोखिम उनके विवरण के समानुपातिक होते हैं.[35] सिगरेट पीने के समान स्वास्थ्य संबंधी जोखिम निकोटीन की लत, पेरियोडोंटल हेल्थ, दांतों के नुकसान और मुंह, गले एवं इसोफेगस के कैंसरों सहित कई तरह के कैंसर के मामलों में हो सकते हैं. सिगार का धूम्रपान फेफड़े और गले के कैंसर का भी कारण बन सकता है जिसमें बढ़ा हुआ जोखिम सिगरेटों की तुलना में कम होता है. इनमें से कई तरह के कैंसर से मुक्ति (इलाज) की दर बहुत ही कम है. सिगार का धूम्रपान फेफड़े और हृदय संबंधी रोगों जैसे कि क्रॉनिक ओब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के खतरे को भी बढ़ा देता है.[31]

लोकप्रियता[संपादित करें]

सिगार पीने के प्रचलन में स्थान, ऐतिहासिक काल और आबादी के सर्वेक्षण के आधार पर भिन्नताएं होती हैं और इसकी व्यापकता का अनुमान कुछ हद तक सर्वेक्षण की पद्धति के आधार पर अलग-अलग है. अमेरिका इसका सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है जिसके बाद जर्मनी और ब्रिटेन का नाम आता है; अमेरिका और पश्चिमी यूरोप मिलकर दुनिया भर में सिगार की बिक्री में 75% का योगदान करते हैं.[10] 2005 के यू.एस. नेशनल हेल्थ इंटरव्यू सर्वे का अनुमान था कि 2.2% वयस्क सिगार पीते हैं, जो धुआँरहित तम्बाकू के तकरीबन बराबर है लेकिन सिगरेट पीने वाले 21% वयस्कों की तुलना में काफी कम है; यह अनुमान भी लगाया गया था कि 4.3% पुरुष सिगार पीते हैं लेकिन केवल 0.3% महिलाएं सिगार का सेवन करती हैं.[36] 2002 के यू.एस. नेशनल सर्वे ऑफ ड्रग यूज एन हेल्थ में यह पाया गया कि गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट से ग्रस्त वयस्कों के सिगार पीने की संभावना उन लोगों की अपेक्षा कहीं अधिक है जो इस समस्या से ग्रस्त नहीं होते हैं.[37] 2007 में कैलिफोर्निया के एक अध्ययन में यह पाया गया कि समलैंगिक (गे) पुरुष और उभयलिंगी महिलाएं आम आबादी के पुरुषों और महिलाओं की तुलना में क्रमशः काफी कम सिगार पीते हैं.[38] 1990 के दशक के दौरान और 2000 के दशक की शुरुआत में अमेरिका में वयस्कों और किशोरों दोनों के बीच सिगार पीने का चलन काफी तेजी से और लगातार बढ़ता देखा गया था.[24] आंकड़े बताते हैं कि युवा वयस्क पुरुषों के बीच सिगार पीने का चलन 1990 के दौरान तीन गुना बढ़ गया था; 1999-2000 में 31,107 युवा वयस्क अमेरिकी मिलिट्री नियुक्तियों के बीच किये गए सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से 12.3% सिगार पीते थे,[39] और 2003-2004 में मिड वेस्टर्न काउंटी में 4,486 हाई स्कूल छात्रों के बीच एक सर्वेक्षण में 18% छात्रों को सिगार पीने वाला पाया गया.[40]

क्यूबाई सिगार[संपादित करें]

चित्र:Habanos-Mech.jpg
मशीन निर्मित क्यूबन सिगार पर "मेड इन क्यूबा" लेबल.
चित्र:Habanos-Total-a-mano.jpg
हस्त-निर्मित क्यूबन सिगार पर "मेड इन क्यूबा, कम्प्लीटली बाय हैंड" लेबल

क्यूबाई सिगारों को क्यूबा में देश भर में पाए जाने वाले तंबाकू के पत्तों में लपेटकर तैयार किया जाता है. फिलर, बाइंडर और रैपर इस द्वीप के विभिन्न हिस्सों से लाये गए हो सकते हैं. क्यूबा में सभी सिगारों का उत्पादन क्यूबाई सरकार के नियंत्रण में है और प्रत्येक ब्रांड क्यूबा में कई अलग-अलग कारखानों में रोल किया गया हो सकता है. सिगार विशेषज्ञों का दावा है कि क्यूबाई सिगार रोलर्स या "टोर्सेडोर्स" दुनिया भर में सबसे कुशल रोलर्स हैं.[कृपया उद्धरण जोड़ें] टोर्सेडोर्स को क्यूबाई समाज और संस्कृति में काफी सम्मान दिया जाता है और दुनिया भर की यात्रा में इन्हें अपने हाथ से रोल किये गए सिगारों की कला का प्रदर्शन करते हुए देखा जाता है.[41]

हैबानोस एसए और क्यूबाटैबेको क्यूबाई सिगारों से संबंधित उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रचार-प्रसार एवं वितरण और निर्यात सहित सभी कार्य आपस में मिलकर पूरा करते हैं. क्यूबा हस्तनिर्मित और मशीन से बने, दोनों तरह के सिगारों का उत्पादन करता है. सभी डिब्बों और लेबलों पर हेचो एन क्यूबा (क्यूबा में निर्मित) चिह्नित किया होता है. मशीन से बांधे गए और हाथ से फिनिशिंग किये गए सिगारों में हेचो ए मानो शब्द जोड़ा जाता है जबकि पूरी तरह हाथ से बने सिगारों को स्क्रिप्ट टेक्स्ट में टोटलमेंटे ए मानो कहते हैं, हालांकि सभी क्यूबाई सिगारों में यह वाक्य शामिल नहीं किया जाता है. क्यूबाई सिगारों के तथाकथित स्टेटस की वजह से जालसाजी के प्रयास कुछ हद तक आम हैं.[42]

क्यूबा के उत्पादों के खिलाफ अमेरिकी व्यापार प्रतिबंधों के बावजूद सिगार देश के प्रमुख निर्यातों में से एक बना हुआ है. क्यूबान ने 1991 में 77 मिलियन, 1992 में 67 मिलियन और 1993 में 57 मिलियन सिगार का निर्यात किया था, निर्यात में यह गिरावट एक तूफ़ान (हरीकेन) में रैपर की फसल का काफी हिस्सा नष्ट हो जाने की वजह से आयी थी.[43]

क्यूबा के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंध[संपादित करें]

मार्क्सवादी क्रांतिकारी ची गुआवेरा के अनुसार, "आराम के समय में धूम्रपान, अकेले सैनिक का एक बढ़िया साथी है". सिगार प्रेमी जीसस आर्बोलेया तथा रॉबर्ट एफ. कैम्पोस द्वारा "चीज हैबेनोस", अक्टूबर 1997 से लिया गया.

7 फ़रवरी, 1962 को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने फिदेल कास्त्रो की कम्युनिस्ट सरकार को मान्यता देने के लिए क्यूबा पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिया था. कैनेडी के तत्कालीन प्रेस सचिव पियरे सैलिंगर के अनुसार राष्ट्रपति ने 6 फ़रवरी की शाम को उन्हें 1,200 एच. अपमैन ब्रांड पेटिट कोरोना क्यूबाई सिगार प्राप्त करने का आदेश दिया था; अगली सुबह सिगारों के साथ सैलिंगर के वहाँ पहुँचाने पर कैनेडी ने एक आधिकारिक आदेश पर हस्ताक्षर किया जिससे प्रतिबन्ध प्रभावी रूप से लागू हो गया.[44] राष्ट्रपति कैनेडी और जॉनसन के व्हाइट हाउस के एक सहायक रिचर्ड गुडविन ने वर्ष 2000 के न्यूयॉर्क टाइम्स के एक आलेख में यह खुलासा किया किया कि 1962 की शुरुआत में जेएफके ने उन्हें कहा था, "हमने सिगारों को इससे मुक्त रखने की कोशिश की थी लेकिन टैम्पा के सिगार निर्माताओं ने इस पर आपत्ति की थी."[45] प्रतिबंध ने अमेरिका के निवासियों को कानूनी तौर पर बाजार से क्यूबाई सिगार खरीदने से रोक दिया था और क्यूबा को तम्बाकू के अपने एक प्रमुख ग्राहक से वंचित कर दिया था.

संयुक्त राज्य अमेरिका में आधिकारिक तौर पर क्यूबा में निर्मित सिगारों को अमेरिकियों द्वारा खरीदे जाने के लिए एक "वर्जित फल" के रूप में देखा जाने लगा था. क्यूबा में निजी संपत्तियों को ज़ब्त किये जाने के कारण कई पूर्व क्यूबाई सिगार निर्माता अपना उत्पादन जारी रखने के लिए अन्य देशों (मुख्य रूप से डोमिनिकन गणराज्य) में स्थानांतरित हो गए थे.[46] इसके परिणाम स्वरुप डोमिनिकन गणराज्य का तम्बाकू का उत्पादन काफी तेजी से बढ़ गया था.[47] पुनः आबंटन के बाद ज्यादातर क्यूबाई निर्माताओं ने अपने कंपनी नाम, बीज और कटाई की तकनीक को ही आगे इस्तेमाल किया जबकि क्यूबा में राष्ट्रीय तम्बाकू प्रभुत्व वाली कंपनी क्यूबाटैबेको ने क्रान्ति के बाद पूर्व निजी कंपनी के नामों का इस्तेमाल करते हुए सिगारों का उत्पादन स्वतंत्र रूप से जारी रखा.[46] इसके परिणाम स्वरूप अन्य ब्रांडों के साथ रोमियो या जुलिएटा, ग्लोरिया क्यूबाना, मोंटेक्रिस्टो जैसे सिगार नाम के ब्रांड क्यूबा और डोमिनिकन गणराज्य दोनों में मौजूद थे.[48] होंडुरास और निकारागुआ भी बड़े पैमाने पर सिगारों का उत्पादन करते हैं. कुछ क्यूबाई शरणार्थी अमेरिका में सिगार बनाते हैं और इस तर्क के साथ क्यूबाई सिगारों के रूप में उनका विज्ञापन करते हैं कि इन सिगारों को क्यूबाइयों द्वारा बनाया गया है.[49]

अमेरिकी निवासियों के लिए क्यूबाई सिगारों को खरीदना या इनका आयात करना आज भी गैरकानूनी है भले ही वे दिनिया के किसी भी हिस्से में हों,[50] हालांकि ये कनाडा की समूची उत्तरी सीमा में और मैक्सिको की दक्षिणी सीमा में आसानी से उपलब्ध हैं. चूंकि क्यूबाई सिगारों को संयुक्त राज्य अमेरिका में तस्करी के जरिये ले जाया और ऊंचे दामों पर बेचा जाता है, इसमें जालसाजी व्याप्त है; ऐसा कहा जाता है कि अमेरिका में बेचे जाने वाले 95% क्यूबाई सिगार नकली हैं.[51] हालांकि क्यूबाई सिगारों को कानूनी रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में आयात नहीं किया जा सकता है, इंटरनेट के आगमन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों के लिए अन्य देशों से सिगारों को ऑनलाइन खरीदना बहुत आसान बना दिया है, खासकर जब इन्हें बगैर बैंडों के भेजा जा रहा हो. क्यूबाई सिगारों को अमेरिकी बाजारों के संपर्क वाले कुछ यूरोपीय पर्यटक क्षेत्रों में खुले तौर पर विज्ञापित किया जाता है, इसके बावजूद कि अधिकांश यूरोपीय क्षेत्रों में तम्बाकू का विज्ञापन करना अवैध है.[52]

अन्य देशों के लिए विशेष सिगार[संपादित करें]

इटली "सिगारो टोस्कानो" (टस्कन सिगार ) का उत्पादन करता है जो हवाना शैली से काफी अलग है.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

चेरूट पारंपरिक रूप से बर्मा (म्यांमार) और भारत के साथ जुड़ा हुआ है.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

लोकप्रिय संस्कृति में[संपादित करें]

चित्र:Le Premier Cigarre, Les Beaux Jours de la Vie, by Honore Daumier.JPG
ली प्रीमियर सिगरे, ले ब्यू जोर्स डे ला वी, द्वारा होनोरे डॉमिये.
चित्र:Cigar Box Label - Old Judge.JPG
संस्कृति में सिगार, लाइटर म्यूजियम के एक सिगार बॉक्स लेबल से.

प्रमुख अमेरिकी प्रिंट मीडिया में सिगारों का चित्रण प्रशंसात्मक रूप से किया जाता है, ये आम तौर पर सिगारों के इस्तेमाल को एक स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की बजाय एक आकर्षक व्यवसाय या एक परंपरागत (ट्रेंडी) आदत के रूप में दिखाते हैं.[53] समृद्ध लोगों का चित्रण अक्सर सिर पर हैट और टेल्स लगाए और सिगार पीते हुए किया जाता है. सिगारों का धूम्रपान अक्सर किसी विशेष अवसर का जश्न मनाने के लिए किया जाता है: बच्चे का जन्म, स्नातक होना, एक बड़ी बिक्री का अवसर. "क्लोज बट नो सिगार" का कथन मैदान (फेयरग्राउंड्स) पर अच्छे उद्देश्य वाले खेलों के दौरान सिगारों को पुरस्कार स्वरूप देने के चलन से निकला है.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • सिगार ब्रांडों की सूची
  • सिगार संबंधी आचरण
  • बॉक्स-प्रेस्ड
  • कैबिनेट चयन
  • धूम्रपान जैकेट

पादलेख[संपादित करें]

  1. "Online Etymology Dictionary". Etymonline.com. http://www.etymonline.com/index.php?search=cigar&searchmode=none. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  2. Van Lancker JL (1977). "Smoking and disease" (PDF). NIDA Res Monogr (17): 230–88. PMID 417256. http://nida.nih.gov/pdf/monographs/17.pdf#page=243. 
  3. "Frank, Michael "Wise old hands", ''Cigar Aficionado'' (Winter 1993)". Cigaraficionado.com. 1993-12-01. http://www.cigaraficionado.com/Cigar/CA_Archives/CA_Show_Article/0,2322,803,00.html. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  4. ""Tenement cigar making", ''New York Times'' (January 30, 1884)". New York Times. http://query.nytimes.com/mem/archive-free/pdf?_r=1&res=9F0CE7DF1238E033A25753C3A9679C94659FD7CF. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  5. Hafner JW, Sturgis EM (2008). "The famous faces with oral cavity and pharyngeal cancer" (PDF). Tex Dent J 125 (5): 410–29. PMID 18561797. http://doep.org/ODU2008.pdf. अभिगमन तिथि: 2009-06-05. [मृत कड़ियाँ]
  6. बार्टलेट में एट्रीब्यूट, फेमिलियर कोटेशन 15थ एडिशन 679
  7. Online Havana Cigars (2008). "Cigar Tips". http://www.onlinehavanacigars.com/pages/cigarTips.htm. अभिगमन तिथि: 2008-12-09. 
  8. Stubbs J (2005). "Tobacco in the Contrapunteo: Ortiz and the Havana cigar". In Font MA, Quiroz AW (eds.). Cuban Counterpoints: the Legacy of Fernando Ortiz. Lexington. pp. 105–24. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0739109687. 
  9. "The top 100 cigar smokers of the twentieth century". Cigar Aficionado. Nov/Dec 1999. http://www.cigaraficionado.com/Cigar/CA_Archives/CA_Show_Article/0,2322,1140,00.html. 
  10. Rarick CA (2008-04-02). Note on the premium cigar industry. SSRN. http://ssrn.com/abstract=1127582. अभिगमन तिथि: 2008-12-02. 
  11. "The Change at C.A.O. | Cigar Stars". Cigar Aficionado. 2004-04-01. http://www.cigaraficionado.com/Cigar/CA_Profiles/Cigar_Stars_Profile/0,2547,138,00.html. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  12. "Cigar Aficionado Magazine Cigar Hall of Fame". Cigaraficionado.com. 2002-12-01. http://www.cigaraficionado.com/Cigar/CA_Archives/CA_Show_Article/0,2322,1320,00.html. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  13. "Arturo Fuente Cigars | Buy Arturo Fuente Cigars | Fuente Cigars Online ~". Cigarsdirect.com. http://www.cigarsdirect.com/ProductCart/pc/viewCategories.asp?idcategory=784. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  14. Baker F, Ainsworth SR, Dye JT et al. (2000). "Health risks associated with cigar smoking". JAMA 284 (6): 735–40. doi:10.1001/jama.284.6.735. PMID 10927783. 
  15. DeSantis AD, Morgan SE (2003). "Sometimes a cigar [magazine] is more than just a cigar [magazine]: pro-smoking arguments in Cigar Aficionado, 1992–2000". Health Commun 15 (4): 457–80. doi:10.1207/S15327027HC1504_05. PMID 14557079. 
  16. Wenger LD, Malone RE, George A, Bero LA (2001). "Cigar magazines: using tobacco to sell a lifestyle". Tob Control 10 (3): 279–84. doi:10.1136/tc.10.3.279. PMC 1747592. PMID 11544394. 
  17. Delnevo CD, Hrywna M (2007). "'A whole 'nother smoke' or a cigarette in disguise: how RJ Reynolds reframed the image of little cigars". Am J Public Health 97 (8): 1368–75. doi:10.2105/AJPH.2006.101063. PMC 1931466. PMID 17600253. 
  18. Malone RE, Bero LA (2000). "Cigars, youth, and the Internet link" (PDF). Am J Public Health 90 (5): 790–2. doi:10.2105/AJPH.90.5.790. PMC 1446234. PMID 10800432. http://www.ajph.org/cgi/reprint/90/5/790.pdf. 
  19. Slade J (1998). "Marketing and promotion of cigars". In Shopland DR, Burns DM, Hoffman D, Cummings KM, Amacher RH (eds.) (PDF). Cigars: Health Effects and Trends. Smoking and Tobacco Control Monograph No. 9. National Cancer Institute. pp. 195–219. http://cancercontrol.cancer.gov/tcrb/monographs/9/m9_7.PDF. अभिगमन तिथि: 2008-12-11. 
  20. Hayward WS, White P, Fleek HS, Mac Intyre H (1922). "The chain store field". Chain Stores: Their Management and Operation. New York: McGraw-Hill. pp. 16–31. OCLC 255149441. 
  21. पेरेलमान, रिचर्ड, पेरेलमांस पॉकेट साइक्लोपीडिया ऑफ सिगार्स पेरेलमान, पायोनीर एंड कंपनी आईएसबीएन 1-893273-05-09 (2004) पेज 12
  22. फ्रैंक, माइकल, टेस्ट एंड फ्लेवर, सिगार 101, सिगार एफ़िसिओनाडो पत्रिका
  23. Connolly GN (1998). "Policies regulating cigars". In Shopland DR, Burns DM, Hoffman D, Cummings KM, Amacher RH (eds.) (PDF). Cigars: Health Effects and Trends. Smoking and Tobacco Control Monograph No. 9. National Cancer Institute. pp. 221–32. http://cancercontrol.cancer.gov/tcrb/monographs/9/m9_8.PDF. अभिगमन तिथि: 2008-03-15. 
  24. Delnevo CD (2006). "Smokers' choice: what explains the steady growth of cigar use in the U.S.?" (PDF). Public Health Rep 121 (2): 116–9. PMC 1525261. PMID 16528942. http://www.publichealthreports.org/userfiles/121_2/121116.pdf. 
  25. लाइटिंग सिगार्स आर्टिकल, सिगार्स4डमीज, 2009
  26. Post E (1984). Emily Post's Etiquette (14th ed.). New York: Harper & Row. प॰ 88. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0061816833. OCLC 10322817. "Cigar smokers, because so many people dislike the smell, must be especially careful. Don't leave cigar butts in ashtrays. They do smell ..." 
  27. Bazemore R, Harrison C, Greenberg M (2006). "Identification of components responsible for the odor of cigar smoker's breath". J Agric Food Chem 54 (2): 497–501. doi:10.1021/jf0519109. PMID 16417311. 
  28. Hoffmann D, Hoffmann I (1998). "Chemistry and toxicology". In Shopland DR, Burns DM, Hoffman D, Cummings KM, Amacher RH (eds.) (PDF). Cigars: Health Effects and Trends. Smoking and Tobacco Control Monograph No. 9. National Cancer Institute. pp. 55–104. http://cancercontrol.cancer.gov/tcrb/monographs/9/m9_3.PDF. अभिगमन तिथि: 2008-03-15. 
  29. Viegas CA (2008). "Noncigarette forms of tobacco use". J Bras Pneumol 34 (12): 1069–73. doi:10.1590/S1806-37132008001200013. PMID 19180343. http://scielo.br/scielo.php?script=sci_arttext&pid=S1806-37132008001200013&lng=en&nrm=iso&tlng=en. 
  30. "Humidor Guide". http://www.humidor-guide.com. अभिगमन तिथि: 2010-05-19. 
  31. Symm B, Morgan MV, Blackshear Y, Tinsley S (2005). "Cigar smoking: an ignored public health threat". J Prim Prev 26 (4): 363–75. doi:10.1007/s10935-005-5389-z. PMID 15995804. 
  32. Shanks TG, Burns DM (1998). "Disease consequences of cigar smoking". In Shopland DR, Burns DM, Hoffman D, Cummings KM, Amacher RH (eds.) (PDF). Cigars: Health Effects and Trends. Smoking and Tobacco Control Monograph No. 9. National Cancer Institute. pp. 105–160. http://cancercontrol.cancer.gov/tcrb/monographs/9/m9_4.PDF. अभिगमन तिथि: 2008-10-21. 
  33. Dollar KM, Mix JM, Kozlowski LT (2008). "Little cigars, big cigars: omissions and commissions of harm and harm reduction information on the Internet". Nicotine Tob Res 10 (5): 819–26. doi:10.1080/14622200802027214. PMID 18569755. 
  34. "Questions and answers about cigar smoking and cancer". National Cancer Institute. 2000-03-07. http://www.cancer.gov/cancertopics/factsheet/Tobacco/cigars. अभिगमन तिथि: 2008-10-21. 
  35. Burns DM (1998). "Cigar smoking: overview and current state of the science". In Shopland DR, Burns DM, Hoffman D, Cummings KM, Amacher RH (eds.) (PDF). Cigars: Health Effects and Trends. Smoking and Tobacco Control Monograph No. 9. National Cancer Institute. pp. 1–20. http://cancercontrol.cancer.gov/tcrb/monographs/9/m9_1.PDF. अभिगमन तिथि: 2008-12-02. 
  36. Mariolis P, Rock VJ, Asman K et al. (2006). "Tobacco use among adults—United States, 2005". MMWR Morb Mortal Wkly Rep 55 (42): 1145–8. PMID 17065979. http://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/mm5542a1.htm. 
  37. Hagman BT, Delnevo CD, Hrywna M, Williams JM (2008). "Tobacco use among those with serious psychological distress: results from the national survey of drug use and health, 2002". Addict Behav 33 (4): 582–92. doi:10.1016/j.addbeh.2007.11.007. PMC 2696205. PMID 18158218. 
  38. Gruskin EP, Greenwood GL, Matevia M, Pollack LM, Bye LL, Albright V (2007). "Cigar and smokeless tobacco use in the lesbian, gay, and bisexual population". Nicotine Tob Res 9 (9): 937–40. doi:10.1080/14622200701488426. PMID 17763109. 
  39. Vander Weg MW, Peterson AL, Ebbert JO, Debon M, Klesges RC, Haddock CK (2008). "Prevalence of alternative forms of tobacco use in a population of young adult military recruits". Addict Behav 33 (1): 69–82. doi:10.1016/j.addbeh.2007.07.005. PMC 2101765. PMID 17706889. 
  40. Brooks A, Gaier Larkin EM, Kishore S, Frank S (2008). "Cigars, cigarettes, and adolescents". Am J Health Behav 32 (6): 640–9. doi:10.5555/ajhb.2008.32.6.640 (inactive 2008-06-25). PMID 18442343. http://www.atypon-link.com/PNG/doi/pdf/10.5555/ajhb.2008.32.6.640. 
  41. RIVERA, Maricarmen (2002-04-29). "CUBAN GOLD GETS ROLLED IN VINELAND / STORE OFFERS CIGARS ROLLED BY CUBAN HANDS". The Press of Atlantic City. http://nl.newsbank.com/nl-search/we/Archives?p_product=AC&p_theme=ac&p_action=search&p_maxdocs=200&p_topdoc=1&p_text_direct-0=0F338C43ACDEC4B0&p_field_direct-0=document_id&p_perpage=10&p_sort=YMD_date:D&s_trackval=GooglePM. अभिगमन तिथि: 2009-03-08. 
  42. "Identifying Counterfeit Cuban Cigars". Decaturspirits.com. http://www.decaturspirits.com/cigars/fakecubans/. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  43. मारविन आर. शंकेन, "इनसाइड क्यूबन सिगार: सिगार एफ़िसिओनाडो इंटरव्यूज़ क्यूबाटबाकोज़ टॉप ऑफिशियल, फ्रांसिस्को पेड्रोन," सिगार एफ़िसिओनाडो, वॉल्यूम 2, संख्या 3 (स्प्रिंग 1994), पीपी 75-83.
  44. ""Kennedy, Cuba and Cigars"". Cigar Aficionado. 1992-09-01. http://www.cigaraficionado.com/Cigar/CA_Archives/CA_Show_Article/0,2322,862,00.html. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  45. Goodwin R (2000-07-05). "President Kennedy's plan for peace with Cuba". New York Times. http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9E0DEFDB1039F936A35754C0A9669C8B63. अभिगमन तिथि: 2008-09-20. 
  46. Tad Gage (1997). The Complete Idiot's Guide to Cigars. Alpha Books. प॰ 80. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780028619750. http://books.google.com/books?id=XA6UfOmVfAMC&pg=PA80. अभिगमन तिथि: 2 August 2010. 
  47. Economist Intelligence Unit (Great Britain) (1998). Country report: Cuba, Dominican Republic, Haiti, Puerto Rico. The Unit. http://books.google.com/books?id=x9iyAAAAIAAJ. अभिगमन तिथि: 2 August 2010. 
  48. Bret Saxon; Steve Stein (1 March 1998). The Art of the Shmooze. SP Books. pp. 224–30. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781561719761. http://books.google.com/books?id=m6QibvnDErMC&pg=PA229. अभिगमन तिथि: 2 August 2010. 
  49. Gould LE (2007-05-30). "Las Vegas cigar lounges roll out the welcome mat". Los Angeles Times. http://travel.latimes.com/articles/la-trw-vegas3jun03. अभिगमन तिथि: 2008-09-11. 
  50. "Office of Foreign Assets Control: "Cuban Cigar Update"" (PDF). http://www.treas.gov/offices/enforcement/ofac/programs/cuba/ccigar2.pdf. अभिगमन तिथि: 2010-10-25. 
  51. Steve Saka (2002-02-22). "The Ultimate Counterfeit Cuban Cigar Primer". http://www.cigarnexus.com/counsel/counterfeit. अभिगमन तिथि: 2008-03-12. 
  52. Karen Slama (1995). Tobacco and health. Springer Science & Business. pp. 78–. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780306451119. http://books.google.com/books?id=iomVoBt-qFcC&pg=PA78. अभिगमन तिथि: 2 August 2010. 
  53. Wenger L, Malone R, Bero L (2001). "The cigar revival and the popular press: a content analysis, 1987–1997" (PDF). Am J Public Health 91 (2): 288–91. doi:10.2105/AJPH.91.2.288. PMC 1446522. PMID 11211641. http://www.pubmedcentral.nih.gov/picrender.fcgi?artid=1446522&blobtype=pdf. 

बाह्य कड़ियां[संपादित करें]