सासाराम
| सासाराम | |||||
| — शहर — | |||||
|
|
|||||
| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||
| देश | |||||
| राज्य | बिहार | ||||
| ज़िला | रोहतास | ||||
| सांसद | श्रीमति मीरा कुमार | ||||
| जनसंख्या | १३१०४२ (२००१ के अनुसार [update]) | ||||
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) |
• १०१ मीटर |
||||
|
विभिन्न कोड
|
|||||
निर्देशांक: सासाराम बिहार प्रान्त का एक शहर है। रोहतास जिले में है। यह रोहतास जिले का मुख्यालय भी है। सूर वंश के संस्थापक अफ़ग़ान शासक शेरशाह सूरी का मक़बरा सासाराम में है और देश का प्रसिद्ध 'ग्रांड ट्रंक रोड' भी इसी शहर से होकर गुज़रता है। सहसराम के समीप एक पहाड़ी पर गुफ़ा में अशोक का लघु शिलालेख संख्या एक उत्कीर्ण है। अफ़ग़ान शेरशाह सूरी का बाल्यकाल यहीं बीता था। शेरशाह सूरी ने युवा होने पर सहसराम में 21वर्षों तक सफल शासन व्यवस्था कायम की। सहसराम उसके पिता की जागीर थी। इस समय का उसका सबसे महत्त्वपूर्ण काम लगान सम्बन्धी एक श्रेष्ठ व्यवस्था की स्थापना करना था। सहसराम में शेरशाह सूरी का शानदार मक़बरा बना हुआ है। इसे स्वयं शेरशाह सूरी ने अपने जीवन काल में बनवाया था। यह अपने समय की कला का श्रेष्ठतम नमूना है। एक विशाल झील के मध्य उठे हुए चबूतरे पर बना यह मक़बरा उसके 'व्यक्तित्व का प्रतीक' है। यह तुग़लक़ बादशाहों की इमारतों की सादगी और शाहजहाँ की इमारतों की स्त्रियोचित सुन्दरता के बीच की कड़ी है। यह भवन अपनी परिकल्पना में इस्लामी पर इसका भीतरी भाग हिन्दू वास्तुकला से सजाया-सँवारा गया है। इसे उत्तर भारत की श्रेष्ठ इमारतों में से एक कहा गया है। इस पर हिन्दू और इस्लामी कला का स्पष्ट प्रभाव देखा जा सकता है। वस्तुतः अकबर के राज्यकाल के पूर्व हिन्दू-मुस्लिम स्थापत्य के समंवय का सबसे सुन्दर नमूना शेरशाह का मक़बरा है।
शिक्षा [संपादित करें]
यहा कई विद्यालय है |उनमे से कुछ है:-
- बाल विकास विद्यालय ,रौजा रोड ,
- मिलन मदिर क्लब, जनि बाजार, सासाराम
y aha par Kai समाजिक सङ्थन्
वाह्य सूत्र [संपादित करें]
- सासाराम के बारे में (अंग्रेज़ी में)
अख़बार व पत्रकार [संपादित करें]
- अनेक प्रकार के अख़बार भी सासाराम से प्रकाशित की जाती है यहाँ के पत्रकार-
- विजय कृष्ण अग्रवाल, जानी बाजार, सासाराम
- ददन पाण्डेय, सासाराम
- सासाराम के बारे में (अंग्रेज़ी में)