सउदी अरब

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सउदी अरब राजशाही
المملكة العربية السعودية
al-Mamlaka al-ʻArabiyya as-Suʻūdiyya

Kingdom of Saudi Arabia
सउदी अरब का ध्वज सउदी अरब का कुल चिन्ह
ध्वज कुल चिन्ह
राष्ट्रवाक्य: "अल्लाह के सिवा कोई भगवान नहीं है, मुहम्मद अल्लाह का संदेशवाहक है"
There is no god but Allah, Muhammad is the messenger of Allah(the Kalimah)
राष्ट्रगान: "आस अल मलिक"
"दीर्घायु हों राजा"
सउदी अरब की स्थिति
राजधानी
(और सबसे बड़ा शहर)
रियाद
24°39′ N 46°46′ E
राजभाषा(एँ) अरबी
सरकार इस्लामिक पूर्ण राजशाही
 - राजा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज
 - पहले शाही राजकुमार सुल्तान बिन अब्दुल अजीज
 - दूसरे शाही राजकुमार नायफ बिन अब्दुल अजीज
गठन  
 - पहला सउदी राज्य स्थापना 1744 
 - दूसरा सउदी राज्य स्थापना 1824 
 - तीसरा सउदी राज्य घोषणा 8 जनवरी, 1926 
 - मान्यता 20 मई, 1927 
 - राजशाही एकीकरण 23 सितंबर, 1932 
क्षेत्रफल
 - कुल 2,149,690 किमी² (14वां)
829,996 मील²
 - जल(%) नगण्य
जनसंख्या
 - 2007 अनुमान 27,601,038 (46वां)
 - जन घनत्व 11/किमी² (205वां)
29/मील²
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (पीपीपी) 2008 अनुमान
 - कुल $593.385 बिलियन (-)
 - प्रति व्यक्ति $23,834 (-)
मानव विकास सूचकांक  (2004) Green Arrow Up Darker.svg 0.812 (उच्च) (61वां)
मुद्रा रियाल (एसएआर)
समय मंडल एएसटी (यूटीसी +3)
 - ग्रीष्म (DST) (आकलन नहीं) (यूटीसी +3)
इंटरनेट टीएलडी .sa
दूरभाष कोड +966
जनसंख्या के अनुमान में 5,576,076 आप्रवासी शामिल।

सउदी अरब मध्यपूर्व मे स्थित एक मुस्लिम देश है । यह एक इस्लामी राजतंत्र है जिसकी स्थापना १७५० के आसपास सउद द्वारा की गई थी । यहाँ की धरती रेतीली है तथा जलवायु उष्णकटिबंधीय मरुस्थल । यह विश्व के अग्रणी तेल निर्यातक देशों में गिना जाता है । सउदी अरब के पश्चिम की ओर लाल सागर है और उसके पार मिस्र । दक्षिण की ओर ओमान और यमन हैं और उनके दक्षिण में हिन्द महासागर । उत्तर में इराक और ज़ॉर्डन की सीमा लगती है जबकि पूरब में फारस की खाड़ी और कुवैत तथा संयुक्त अरब अमीरातइसरायल-फ़िलिस्तीन का क्षेत्र इसके उत्तर की दिशा में है और अरबों ने इसके इतिहास को बहुत प्रभावित किया है ।

यहाँ इस्लाम के प्रवर्तक मुहम्मद साहब का जन्म हुआ था और यहाँ इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थल मक्का और मदीना अवस्थित हैं । इस्लाम में हज का स्थान मक्का बताया गया है और दुनिया के सारे मुसलमान मक्का की ओर ही नमाज अदा करते हैं । यहाँ के मुसलमान मुख्यतः सुन्नी हैं और इस्लाम की राजनैतिक राजधानी के इस देश से बाहर रहने के बावजूद इस देश के लोगों ने इस्लाम धर्म पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है ।


अनुक्रम

इतिहास [संपादित करें]

प्राचीन काल में दिल्मन सभ्यता सुमेर तथा मिस्र की प्राचीन सभ्यता के समकालीन थी । सन् ३५००-२५०० ईसापूर्व के मध्य में कुछ अरबों का बेबीलोनिया-असीरिया के इलाके में आगमन अरबों के इतिहास की पहली महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है । सातवीं सदी तक अरबों का इतिहास कबीलों के झगड़ों और छिटपुट रूप से विदेशी प्रभुत्व की कहानी लगती है ।

इस्लाम का उदय [संपादित करें]

६१३ इस्वी के आसपास एक अरबी दफ़ातर ने लोगों में एक दिव्य ज्ञान का प्रचार किया । आपका कहना था कि आपको इसका ज्ञान अल्लाह के फरिश्ते जिब्राईल ने दिया और प्रत्येक इन्सान को उन्हीं तरीकों को अपनाना चाहिए । आपका का नाम मुहम्मद (स्०) था और उनकी बीवि का नाम खादीजा था । लोगों को उनकी बात पर या तो यकीन नहीं आया या साधारण सी लगी । पर गरीबों को ये बात बहुत पसन्द आई कि किसी का शोषण नहीं करना चाहिए जो यह करेगा उसे कयामत के दिन नरक का प्राप्ति होगी । लोगों के बीच समानता के भाव की बात दलितों और निचले तबकों में लोकप्रियता मिलने लगी । फिर धीरे धीरे और लोग भी उनके अनुयायी बनने लगे । उनकी बढ़ती ख्याति देखकर मक्का के कबीलों को अपनी लोकप्रियता और सत्ता खो देने का भय हुआ और उन्होंने मुहम्मद (स्०) को सन् ६२२ (हिजरी) में मक्का छोड़ने को विवश कर दिया । वो मदीना चले आए जहाँ लोगों, खासकर संभ्रांत कुल के लोगं और यहूदियों से उन्हे समर्थन मिला । इसके बाद उनके अनुचरों की संख्या और शक्ति बढती गई । मुहम्मद (स्०) ने मक्का पर चढ़ाई कर दी और वहाँ के प्रधान ने हार मान ली । उनके 'संदेश' से और लोग प्रभावित होने लगे और उनकी प्रभुसत्ता में विश्वास करने लगे । उसके बाद मुहम्मद ने अपने नेतृत्व में कई ऐसे सैनिक अभियान भी चलाए जिनमें उनका विरोध करने वालों को हरा दिया गया । सन् ६३२ में मुहम्मद साहब की मृत्यु तक लगभग सारा अरब प्रायद्वीप मुहम्मद साबह के संदेश को कुबूल कर चुका था । इन लोगों को मुस्लिम कहा जाने लगा ।

मुहम्मद साहब की मृत्यु के बाद अरबों की राजनैतिक शक्ति में बहुत वृद्धि हुई । सन् ७०० इस्वी तक ईरान, मिस्र, ईराक तथा मध्यपूर्व में इस्लाम की सामरिक विजय स्थापित हो गई थी । अरब इन इलाकों में छिटपुट रूप से बस भी गए थे । इस्लाम की राजनैतिक सत्ता खिलाफ़त के हाथ रही । आरंभ में तो इस्लाम का केन्द्र दमिश्क रहा और फिर मक्का पर आठवीं सदी के मध्य तक बग़दाद इस्लाम की राजनैतिक राजधानी बना । इस्लाम के राजनैतिक वारिस अरब ही रहे पर कई और नस्ल/जाति के लोग भी धीरे धीरे इसमें मिलने लगे । सोलहवीं सदी में उस्मानों ने मक्का पर अधिकार कर लिया और इस्लाम की राजनैतिक शक्ति तुर्कों के हाथ चली गई और सन् १९२२ तक उन्हीं के हाथों रही ।

भूगोल [संपादित करें]

सउदी अरब और पड़ोसी देश

सउदी अरब अरब प्रायद्वीप के 80 प्रतिशत इलाकों में फैला हुआ है। इसकी 25°00′उत्तर, 45°00′ पूर्व देशान्तर के आसपास फैला हुआ है। इसकी ओमान और संयुक्त अरब अमीरात से लगी सीमा अब तक निर्धारित नहीं की जा सकी है पर इसे प्रायः विश्व का 14 वाँ सबसे बड़ा देश माना जाता है। यहाँ की भूमि मुख्यतः रेतीली है और यहाँ बहुत कम वर्षा होती है। यह देश उष्णकटिबंधीय मरूभूमि का प्रदेश है। देश की 1% भूमि ही कृषि के योग्य है।

प्रशासन [संपादित करें]

प्रान्त राजधानी अमीर
अल-रियाज़ प्रान्त अल-रियाज़ अल-अमीर सलमान बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
मक्काह अल-मुकर्रमा प्रान्त मक्काह अल-मुकर्रमा अल-अमीर ख़ालिद अलफ़ैसल बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
अल-मदीनाह अल-मुनव्वराह प्रान्त अल-मदीनाह अल-मुनव्वराह अल-अमीर अब्द अल अज़ीज़ बन माजिद बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
अल-क़सीम प्रान्त बुरैदाह अलणमीर फ़ैसल बन बंदर बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
अश​-शर्क़ीयाह प्रान्त अल-दम्माम अल-अमीर मुहम्मद बिन फ़ेद बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
हाइल प्रान्त हाइल अल-अमीर सऊद बिन अब्द अलमहसन बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
जाज़ान प्रान्त जाज़ान अल-अमीर मुहम्मद बिन नासिर बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
असीर प्रान्त अबहा अल-अमीर फ़ैसल बिन ख़ालिद बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
अल-बाहा प्रान्त अल-बाहा अल-अमीर मुहम्मद बिन सऊद बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
तबूक प्रान्त तबूक अल-अमीर फ़ेद बिन सुल्तान बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
नजरान प्रान्त नजरान अल-अमीर मुसइल बिन अब्द अल्लाह बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
अल-जौफ़ प्रान्त सकाका अल-अमीर फ़ेद बन बद्र बिन अब्द अल अज़ीज़ आल सऊद
अल-हुदूद अल-शमालीया प्रान्त अरअर अल-अमीर अब्द अल्लाह बिन अब्द अल अज़ीज़ बन मुसाइद आल सऊद

इन्हें भी देखें [संपादित करें]