सविता भाभी

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कॉमिक्स की मुख्य पात्र सविता

सविता भाभी भारत में एक प्रसिद्ध या कहें कि एक बदनाम कार्टून पॉर्नोग्राफी वेबसाइट है, जिसमें सविता नामक एक कामुक गृहिणी और उसके कामुक प्रसंग मौजूद होते हैं। वो एक ऐसे पुरुष की विवाहिता है जो मूंछें रखता है। वो उसे यौन संबंधी संतुष्टि देने में असमर्थ पति है सो उसकी पॉर्न फिल्मों में आसक्ति है। यह पॉर्न साइट स्वतन्त्रता तथा भारत की उदारता का एक प्रतीक बन गई है।[1].

आरम्भ में कार्टून स्ट्रिप को नि:शुल्‍क देखा जा सकता था। लेकिन प्रतिबन्ध के पश्चात, कार्टून स्ट्रिप kirtu.com पर चली गयी तथा देखने के लिए सदस्‍यता शुल्‍क चुकाना पड़ता है। पुराने संस्करण आज भी नि:शुल्‍क देखे जा सकते हैं।

प्रतिबन्ध और उसकी आलोचना[संपादित करें]

"Wow, India has now joined the elite club of China, Iran, North Korea and suchlike in the area of Internet censorship."

ग्राफिक उपन्यासकार अमरेश कुमार सविता भाभी पर प्रतिबन्ध के बारे में.[2]

भारत, जो कि मुख्यतया एक परम्परावादी देश है,[3] पॉर्नोग्राफी का अधिकार नहीं है तथा पॉर्नोग्राफी अवैध है। भारत सरकार ने इस साइट को सेंसर कर रखा है। भारत के उदारवादी लेखक तथा पत्रकार अमित वर्मा ने इस सेंसरशिप की अपने ब्लॉग इण्डिया अनकट में आलोचना की है।[4]

आरम्भ में साइट के निर्माता ने अपना असली नाम छिपा कर रखा और स्‍वयं की पहचान छद्मनाम इण्डियन पोर्न अम्पायर से बनाई।[5] हालांकि जुलाई २००९ में, साइट के निर्माता पुनीत अग्रवाल ने अपनी पहचान का खुलासा कर दिया था।[6]

इसके प्रभाव की एक मामले में निन्दा की गई थी। इस मामले में बैंगलोर के एक विद्यार्थी ने अपनी अध्यापिका को एक कामुक पाठ सन्देश भेजा था,[7] तथा एक हालिया कॉमिक की भारतीय टीवी पर आलोचना की गयी जिसमें सविता तथा एक अन्य चरित्र जो कि प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से बहुत मेल खाता था, के मध्य परिणय दिखाया गया था।[8] ३ जून २००९ को भारत सरकार ने साइट को प्रतिबन्धित किया था।

भारत के उदारतावादी पत्रकार अमित वर्मा ने भारतीय सरकार द्वारा लगाई गई सेंसरशिप की अपने ब्लॉग इण्डिया अनकट में आलोचना की है[4] इंटरनेट पर इस पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए प्रयास किए गए।[2]

लोकप्रियता[संपादित करें]

साइट भारत में अब भी लोकप्रिय है। अलैक्सा के अनुसार यह वर्तमान में भारत में १००० सर्वाधिक लोकप्रिय साइटों में से है तथा साइट का ८% ट्रैफिक भारत से आता है। कॉमिक्स अंग्रेजी के अतिरिक्त १० विभिन्न भारतीय भाषाओं में छापी जाती है। प्लग्डइन नामक एक भारतीय स्टार्टअप ब्लॉग ने उनकी वृद्धि तथा स्ट्रेटजी पर एक केस स्टडी तक की है।[9]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]