सर्सी

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सर्सी ओडईसियस कों प्याला देती हुई (अंग्रेज़ी: Circe Offering the Cup to Odysseus), जॉन विलियम वाटरहाउस की कृति.

यूनानी पुराकथाओं में सर्सी (play /ˈsɜrs/; यूनानी Κίρκη "बाज") जादू की एक अप्रधान देवी (कुछ विवरणों में अप्सरा, जादूगरनी, मायाविनी अथवा तांत्रिक) हैं, जिनका वर्णन होमर के महाकाव्य ओडिसी में "देवियों में सबसे सुंदर" और ईआ द्वीप की निवासिनी के रूप में किया गया है।

अधिकतर विवरणों में सर्सी को सूर्य के देवता हीलिओस और सामुद्रिक देवी पर्सी की पुत्री, सुनहरे ऊन के रक्षक ईतिस, पर्सिस और पसिफ़ेई की बहन, राजा मिनोस की पत्नी और मिनोटॉर कि माँ बताया गया है।[1] अन्य विवरण उन्हें तंत्र-मंत्र की देवी हेकेट की पुत्री बताते हैं।[2]

सर्सी अपने जड़ी-बूटियों तथा औषधियों के ज्ञान और अपने विरोधियों कों अपने मायावी पेयों तथा अपनी जादुई छड़ी के प्रयोग से पशुओं के रूप में बदल देने की शक्ति के लिए प्रसिद्ध थीं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. होमर, ओडिसी 10.135; हेसिओद, थिओगोनी, 956; अपोलोडोरस, लाइब्रेरी 1.9.1; अपोलोनिअस रोडिअस, आर्गोनॉटिका.
  2. ग्रिमल; स्मिथ