सरमती लोग

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सरमती लोग स्किथी लोगों के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में बसते थे

सरमती लोग (लातिनी: Sarmatæ, फ़ारसी: سرمتی, अंग्रेज़ी: Sarmatian) प्राचीनकाल में दक्षिणी रूस, युक्रेन और बाल्कन प्रदेश में बसने वाली एक जाति थी। सरमती ईरानी भाषाएँ बोलते थे और इस क्षेत्र में इनका प्रभाव पाँचवी शताब्दी ईसापूर्व से चौथी शताब्दी ईसवी तक रहा। यह स्किथी लोगों के पश्चिम में थे और उनसे सम्बंधित थे इसलिए कभी-कभी इन दोनों जातियों को इकट्ठे स्किथी-सरमती बुलाया जाता है। अपने चरम पर सरमती लोग पश्चिम में विस्चुला नदी से लेकर पूर्व में वोल्गा नदी, कृष्ण सागर और कैस्पियन सागर के छोरों तक और दक्षिण में कॉकस क्षेत्र तक फैले हुए थे। चौथी सदी ईसवी में गॉथ और हूण लोग इनके इलाक़ों में आ घुसे और सरमतियों की शक्ति घटती चली गई। मध्य काल में सरमतियों के वंशज अलान कहलाए जाने लगे और आधुनिक काल में यह ओसेती के नाम से जाने जाते हैं।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The Sarmatians, 600 BC-AD 450Men-At-Arms 373, Richard Brzezinski, Mariusz Mielczarek, Osprey Publishing, 2002, ISBN 978-1-84176-485-6, ... The Sarmatians - one of the many nomadic groups to emerge from the great Eurasian Steppe - crossed the Don in about the 3rd century BC to displace their western neighbours, the Scythians, in the lands north of the Black Sea ...
  2. Scythians and Sarmatians, Kathryn Hinds, Marshall Cavendish, 2009, ISBN 978-0-7614-4072-7