सत्येन्द्र नारायण सिन्हा

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सत्येन्द्र नारायण सिन्हा
Shri Satyendra Narayan Sinha.jpg

पद बहाल
११ मार्च १९८९ – ०६ दिसम्बर १९८९
पूर्वा धिकारी भागवत झा आजाद
उत्तरा धिकारी जगन्नाथ मिश्र

बिहार के शिक्षा मंत्री
पद बहाल
18 फ़रवरी 1961 – 05 मार्च 1967
पूर्वा धिकारी कोई नहीं
उत्तरा धिकारी कर्पूरी ठाकुर

जन्म १२ सितम्बर १९१७
मगध मंडल, बिहार
राष्ट्रीयता भारतीय
राजनीतिक दल कांग्रेस (1940-1969), कांग्रेस-ओ (1969–1977), जनता पार्टी
विद्यालय कॉलेज कला स्नातक, बी. एल.
पेशा स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ
धर्म हिन्दू

सत्येन्द्र नारायण सिन्हा एक भारतीय राजनेता है और बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके है। प्यार से लोग उन्हें छोटे साहब कहते थे। वे भारत के स्वतंत्रता सेनानी,राजनीतिज्ञ,सांसद,शिक्षामंत्री तथा बिहार राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

राजनीतिक जीवन[संपादित करें]

स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी के बाद देश की आज़ादी के समय राष्ट्रीय राजनीति में इनका नाम वज़नदार हो चुका था। उन्होंने छठे और सातवें दशक में बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभायी। सत्येन्द्र बाबू 1961 में बिहार के शिक्षा मंत्री बने जो उप मुख्यमंत्री के हैसियत में थे। उन्होंने राजनीति के लिए मानवीय अनुभूतियों को तिलांजलि दे दी, शिक्षा मंत्री के रूप में शैक्षणिक सुधार किया, साथ ही मगध विश्वविद्यालय की स्थापना की। वे देश में अपनी सैद्धांतिक राजनीति के लिए चर्चित हुआ करते थे। सत्येन्द्र बाबू ने बिहार के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई। अपने छह दशक के राजनीतिक जीवन में छोटे साहब ने कई मील के पत्थर स्थापित किए। युवाओं और छात्रों को राजनीति में आने के लिए मोटिवेट किया। सत्येन्द्र नारायण सिन्हा के प्रोत्साहन पर आपातकाल आन्दोलन से नितीश कुमार, नरेन्द्र सिंह, रामजतन सिन्हा, लालू प्रसाद यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, सुशिल कुमार मोदी, रामविलास पासवान और सुबोधकान्तसहाय सरीखें तात्कालीन युवा नेता निकले|इन्होंने वर्ष 1988 में पटना के ऐतिहासिक तारामंडल की आधारशिला रखी|

जीवनी[संपादित करें]

सत्येन्द्र नारायण सिन्हा के जीवन को समेटते हुये सत्येन्द्र नारायण सिन्हा स्मृति ग्रंथ समिति द्वारा एक पुस्तक का प्रकाशन किया गया है। इस पुस्तक में सत्येंद्र नारायण से संबंधित दुर्लभ चित्रों के संग्रह भी हैं और कई महत्वपूर्ण लोगों द्वारा उन पर लिखे गये आलेख भी। इस पुस्तक में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, बिहार के राज्यपाल देबानन्द कुंवर, उड़ीसा के राज्यपाल मुरलीधर चंद्रकांत भंडारी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नारायणन, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान,प्रभु चावला समेत कई अन्य गणमान्य लोगों के द्वारा छोटे साहब पर लिखे गये आलेख और शुभ संदेश हैं|

राजनीतिक पद[संपादित करें]

एस.एन. सिन्हा ने अपने राजनीतिक जीवन में निम्न पदों पर कार्य किया:

  • 1946-1960: सदस्य सीनेट और सिंडिकेट, पटना विश्वविद्यालय
  • 1948: सचिव, बिहार गांधी नेशनल मेमोरियल फंड की प्रांतीय समिति
  • 1950: सदस्य, अंतरिम संसद
  • 1950-52: वित्त समिति सदस्य
  • 1952: प्रथम लोकसभा के लिए निर्वाचित
  • 1956-58: प्राक्कलन समिति सदस्य
  • 1957: दूसरी लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित
  • 1958-1960: सदस्य सीनेट और सिंडिकेट, बिहार विश्वविद्यालय
  • 1961-1963: सदस्य, बिहार विधान सभा
  • 1961-1962: शिक्षामंत्री, बिहार
  • 1961-1962: स्थानीय स्व सरकार मंत्री (अतिरिक्त प्रभार), बिहार
  • 1963: काबुल के लिए सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडल के नेता
  • 1962-1963: शिक्षामंत्री, बिहार
  • 1962-1963: स्थानीय स्व सरकार मंत्री (अतिरिक्त प्रभार), बिहार
  • 1963-1967: सदस्य, बिहार विधान सभा
  • 1963-1967: शिक्षामंत्री, बिहार
  • 1963-1967: स्थानीय स्व सरकार मंत्री (अतिरिक्त प्रभार), बिहार
  • 1963-1967: कृषि मंत्री (अतिरिक्त प्रभार), बिहार
  • 1967-1969: सदस्य, बिहार विधान सभा
  • 1969-74: अध्यक्ष, कांग्रेस, बिहार
  • 1971: पाचवी लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित
  • 1976: सदस्य, पूर्व सोवियत संघ के लिए भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल
  • 1977-80: अध्यक्ष, जनता पार्टी, बिहार
  • 1977: लोकसभा करने के लिए पुन: निर्वाचित
  • 1977: सदस्य, सांसदों के लिए मानव अधिकारों के उल्लंघन पर विशेष समिति
  • 1977-1988: अध्यक्ष (केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री स्तर), सांसदों के लिए मानव अधिकारों के उल्लंघन पर अंतरराष्टीय विशेष समिति
  • 1977: नेता, भारतीय अंतर संसदीय परिषद, कैनबरा के वसंत बैठक करने के लिए संसदीय प्रतिनिधिमंडल
  • 1978: नेता, भारतीय अंतर संसदीय परिषद, लिस्बन के वसंत बैठक करने के लिए संसदीय प्रतिनिधिमंडल
  • 1977-1979: अध्यक्ष, प्राक्कलन समिति, लोकसभा
  • 1980: सातवीं लोक सभा के लिए पुन: निर्वाचित
  • 1982-83: सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति सदस्य
  • 1984: आठवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित
  • 1985-1986: सदस्य प्राक्कलन समिति, लोकसभा
  • 1989-1990: सदस्य, बिहार विधान परिषद
  • 1989-1990: मुख्यमंत्री, बिहार

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]