सत्यानन्द सरस्वती (केरल)

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सत्यानन्द सरस्वती (22 सितम्बर, 1935 – 23 नवम्बर, 2006) भारत के हिन्दू आध्यात्मिक नेता, प्रखर वक्ता, इतिहासकार एवं धार्मिक विद्वान थे। उन्होने हिन्दू ऐक्य वेदी की स्थापना की तथा आजीवन इसके अध्यक्ष रहे। उन्होने श्री राम दास मिशन की भी स्थापना की। वे ज्ञान योग, भक्ति योग, राज योग, तथा कर्म योग - इन सभी आध्यात्मिक मार्गों के समर्थक थे।

जीवन[संपादित करें]

स्वामी सत्यानंद का जन्म 25 सितम्बर, 1933 को तिरुअनन्तपुरम् के अण्डुरकोणम् ग्राम में हुआ था। उनका नाम पहले शेखरन् पिल्लै था। शिक्षा पूर्ण कर वे माधव विलासम् हाई स्कूल में पढ़ाने लगे। 1964 में उनका सम्पर्क रामदास आश्रम से हुआ और फिर से उसी के होकर रह गये। आगे चलकर उन्होंने संन्यास लिया और उनका नाम स्वामी सत्यानंद सरस्वती हुआ।

केरल में 'हिन्दू ऐक्य वेदी' नामक संगठन के अध्यक्ष के नाते स्वामी जी अपने प्रखर भाषणों से जन जागरण का कार्य सदा करते रहे। 1970 के बाद राज्य में विभिन्न हिन्दू संगठनों को जोड़ने में उनकी भूमिका अति महत्वपूर्ण रही। वे 'पुण्यभूमि' नामक दैनिक पत्र के संस्थापक और सम्पादक भी थे। आयुर्वेद और सिद्धयोग में निष्णात स्वामी जी ने 'हर्बल कोला' नामक एक स्वास्थ्यवर्धक पेय बनाया था, जो अत्यधिक लोकप्रिय हुआ।

स्वामी जी श्री रामदास आश्रम चेंगोट्टूकोणम (तिरुअनन्तपुरम्) के पीठाधिपति तथा विश्व हिंदू परिषद द्वारा गठित मार्गदर्शक मंडल के सदस्य थे। उन्होंने देश विदेश में अनेक रामदास आश्रमों की स्थापना की। 'यंग मैन्स हिन्दू ऐसोसियेशन' तथा 'मैथिली मण्डलम्' से उन्होंने बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों को जोड़ा। केरल की राजधानी तिरुअनन्तपुरम् में प्रतिवर्ष लगने वाले रामनवमी मेले का प्रारम्भ उन्होंने ही किया।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए चले आंदोलन में भी स्वामी जी बहुत सक्रिय रहे। इसीलिए जब-जब भी कारसेवा या अन्य कोई आह्वान हुआ, केरल से भारी संख्या में नवयुवक आयोध्या गये।

हिन्दू समाज को 73 वर्ष तक अपनी अनथक सेवाएं देने वाले स्वामी जी का 24 नवम्बर, 2006 को देहांत हो गया।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]