संतात्यक (सिद्धांत)

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संतात्यक या कन्टिन्यम किसी चीज़ के ऐसे विस्तार या फैलाव को बोलते हैं जिसमें धीरे-धीरे बिना किसी अंतराल या दरार के बदलाव आये। उदहारण के लिए समय का बहाव एक संतात्यक है क्योंकि हर क्षण अपने से पहले क्षण से बिना किसी अंतराल के जुड़ा होता है जबकि पैसे की गिनती संतात्यक नहीं है (क्योंकि उसकी मात्रा एक-एक पैसे के "झटके के साथ बढ़ती है)। इसी तरह से दिक् (स्पेस) एक संतात्यक है। यदि किसी चीज़ का प्रवाह संतात्यक हो तो उस चीज़ को "संतात्य" कहा जाता है। समय संतात्य है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में "संतात्यक" को "कन्टिन्यम" (continuum) और "संतात्य" को "कॉन्टीनुअस" (continuous) कहते हैं। अगर हम कहें के "समय का प्रवाह एक संतात्यक है" तो उसे अंग्रेज़ी में कहेंगे "the flow of time forms a continuum"। "समय संतात्य है" को कहेंगे "time is continuous"।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]