महाभारत के पात्र

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(संजय से अनुप्रेषित)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
  • कुरुक्षेत्र : वह क्षेत्र जहाँ महाभारत का महान युद्ध हुआ था। यह क्षेत्र आज के भारत में हरियाणा में स्थित है।
  • कृष्ण : देवकी की आठवीं सन्तान जिसने अपने दुष्ट मामा कंस का वध किया था। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र युध के प्रारम्भ में गीता उपदेश दिया था। श्री कृष्ण, भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे।
  • भीष्म : भीष्म का नामकरण देवव्रत के नाम से हुआ था। वे शान्तनु एवं गंगा के पुत्र थे। जब देवव्रत ने अपने पिता की प्रसन्नता के लिये आजीवन ब्रह्मचारी रहने का प्रण लिया, तब से उनका नाम भीष्म हो गया।
  • पाण्डव : पाण्डु की कुन्ती और माद्री से सन्ताने। यह पांच भाई थे: युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव।
  • युधिष्ठिर : ज्येष्ठ पांडव। सत्यवादी तथा धर्माचरण में निष्ठा के कारण धर्मराज नाम पड़ा।
  • भीम : पांडवों में आयुक्रम में द्वितीय। असाधारण शारीरिक शक्ति के स्वामी। हिडिम्ब, बकासुर. आदि बलशाली राक्षसों का वध किया। जरासंध नामक मगध के बलशाली सम्राट को मल्ल-युद्ध में पराजित कर उसका वध किया। महाभारत के युद्ध में गदा युद्ध में दुर्योधन का वध कर युद्ध का समापन किया।
  • अर्जुन : देवराज इन्द्र द्वारा कुन्ती एवं पान्डु का पुत्र। एक अतुलनीय धनुर्धर जिसको श्री कृष्ण ने श्रीमद् भगवद् गीता का उपदेश दिया था।
  • द्रौपदी : द्रुपद की पुत्री जो अग्नि से प्रकट हुई थी। द्रौपदी पांचों पांड्वों की अर्धांगिनी थी और उसे आज प्राचीनतम् नारीवादियों में एक माना जाता है।
  • कर्ण : सूर्यदेव एवमं कुन्ती के पुत्र और पाण्डवों के सबसे बड़े भाई। कर्ण को दानवीर-कर्ण के नाम से भी जाना जाता है। कर्ण कवच एवं कुंडल पहने हुए पैदा हुये थे और उनका दान इंद्र को किया था। कर्ण महान धनुर्धर तथा दुर्योधन का परम मित्र था।उसकी गणना कौरव सेना के सात महारथियों में होती है। उसे दुर्योधन से अंग नाम का एक राज्य भी प्राप्त हुआ था। महाभारत युद्ध में कर्ण की मृत्यु अर्जुन के हाथों हुई।
  • दुर्योधन : कौरवों में ज्येष्ठ। धृतराष्ट्र एवं गांधारी के १०० पुत्रों में सबसे बड़े। दुर्योधन की महात्वाकांक्षा ही महाभारत युद्ध का कारण था।
  • दुःशासन : दुर्योधन से छोटा भाई जो द्रौपदी को हस्तिनपुर राज्यसभा में बालों से पकड़ कर लाया था। कुरुक्षेत्र युद्ध में भीम ने दुःशासन की छाती का रक्त पिया था।
  • द्रोण : हस्तिनापुर के राजकुमारों को शस्त्र विद्या देने वाले ब्राह्मण गुरु। अश्व्थामा के पिता। यह विश्व के प्रथम "टेस्ट-टयूब बेबी" थे। द्रोण एक प्रकार का पात्र होता है।
  • अभिमन्यु : अर्जुन के वीर पुत्र जो कुरुक्षेत्र युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुये।
  • अम्बा : शिखन्डी पूर्व जन्म में अम्बा नामक राजकुमारी था।
  • अम्बिका : विचित्रवीर्य की पत्नी, अम्बा और अम्बालिका की बहिन।
  • अम्बालिका: विचित्रवीर्य की पत्नी, अम्बा और अम्बिका की बहिन।
  • बभ्रुवाहन : अर्जुन एवं चित्रांग्दा का पुत्र।
  • बकासुर : महाभारत काव्य में एक असुर जिसको भीम ने मार कर एक गांव के वासियों की रक्षा की थी।
  • द्रुपद : पाञ्चाल के राजा और द्रौपदी एवमं धृष्टद्युम्न के पिता। द्रुपद और द्रोण बाल्यकाल के मित्र थे!
  • एकलव्य : द्रोण का एक महान शिष्य जिससे गुरुदक्षिणा में द्रोण ने उसका अंगूठा मांगा था।
  • गांडीव : अर्जुन का धनुष। [जो, कई मान्यताओं के अनुसार, उनको अग्नि-देव ने दिया था।]
  • गांधारी : गंधार के राजा की पुत्री और धृतराष्ट्र की पत्नी।
  • जयद्रथ : सिन्धु के राजा और धृतराष्ट्र के दामाद। कुरुक्षेत्र युद्ध में अर्जुन ने जयद्रथ का शीश काट कर वध किया था।
  • कृपाचार्य : हस्तिनापुर के ब्राह्मण गुरु। इनकी बहिन 'कृपि' का विवाह द्रोण से हुआ था।
  • अश्वत्थामा : पाण्डवों तथा कौरवों के गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र। कौरवों के सात महारथियों में एक।
  • महर्षि व्यास : महाभारत महाकाव्य के लेखक। पाराशर और सत्यवती के पुत्र। इन्हें कृष्ण द्वैपायन के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि वे कृष्णवर्ण के थे तथा उनका जन्म एक द्वीप में हुआ था।
  • परशुराम : अर्थात् परशु वाले राम। वे द्रोण, भीष्म और कर्ण जैसे महारथियों के गुरु थे। वे भगवान विष्णु का षष्ठम अवतार थे।
  • शल्य : नकुल और सहदेव की माता माद्री के भाई।
  • उत्तरा : राजा विराट की पुत्री। उत्तरा का विवाह अभिमन्यु से हुआ था।
  • पुरोचन : दुर्योधन का मन्त्री जिसने लाख का घर बनवाया था।

[[श्रेणी:पौराणिक ( घटोत्कच ) भीम और हीडम्बा का पुत्र, पांड्वो की विजय में महत्वपूर्ण भूमिका