श्रेणी:बिहार के गाँव
भारत कि भाषा है हिन्दी हम सब की भाषा है हिन्दी हमारी भाषा है हिन्दी आने वाला बच्चो कि भाषा है हिन्दी । मधुबनी जिला में मैथिली और हिन्दी दोनों भाषा बोली जाती है। मधुबनी जिला में मिथिला पेंटिंग [मधुबनी पेंटिंग ] के नाम से दुनिया भर में मसहुर है। मधुबनी पेंटिंग देश में ही नहीं विदेश में भी इसका नाम चलता है। मधुबनी पेंटिंग कला में पदम श्री से राम सुन्दरी देवी को प्रदान किया गया है। जो आज के समय में मधुबनी कला पेंटिंग के लिए बहुत बडा योगदान के लिए उन्हें याद की जाती है। वह आज भी जिन्दा है।मधुबनी कला पेंटिंग में उनकी बहुत बडी योगदान दिया है। जो कि देश में राम सुन्दरी देवी को बहुत सम्मान दिया जाता है। भारत में बिहार और बिहार में भी मधुबनी जिला पिछडा हुआ है। और उस जिला में इस पेंटिंग के नाम से देश भर में मसहुर है। आज बिहार का नाम मधुबनी पेंटिंग से पुरे देश में फैला हुआ है। किसी भी आदमी के लिए कोइ भी कार्य करना बहुत ही महत्व रखता है।जब आदमी के सोचन शक्ति बद जाता है तब लोग अपने को सावधान हो जाता है। जब देश कि बात आती है तो अपने आने वाले समस्या को समाधान किया जाना चाहिए। और हर प्रकार से अपने को बचाना चाहते है। मधुबनी मिथिला से जुडा हुआ है जो मधुबनी जिला में विद्यापति,कालिदास के जन्म स्थान माना जाता है। मधुबनी जिला में बहुत देवी व देवताओं के स्थान माना जाता है। मधुबनी जिला में राजनगर का बहुत महत्व माना जाता है।जो राजाओं के स्थान राजनगर को भी माना जाता है। पहले कि बात है जब राजाओं के द्वारा एक सामाजिक कार्य किया जाता था तब सलाह मसहुरा कर के लोगों तक पहुचाया जाता था जिस किसी भी व्यक्ति को सलाह दि जाती है वह अपनी अनुसार काम करता है।अपनी मरजी से नहीं कर सकते है किसी भी समय अपनी बातों को रख सकते है।जो समाज कि समस्या का निदान किया जाना चाहिए।और सभी वर्गो से अनुरोध है कि अपनी आने वाले समस्या के समाधन के उपाय सोचना चाहिए। किभी भी समाज के प्रति अपना भेद भाव को नहीं मानना चाहिए।और सभी वर्गो ने अपने कर्मो के साथ जीवन यापन करता है।
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