श्री माताजी निर्मला देवी
| निर्मला श्रीवास्तव | |
|---|---|
| जन्म | 21 मार्च 1923 छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश, भारत |
| मृत्यु | 23 फ़रवरी 2011 (उम्र 87) जेनोआ, इटली |
| अन्य नाम | श्री माताजी निर्मला देवी |
| प्रसिद्धि कारण | सहज योग की संस्थापक |
| धार्मिक मान्यता | हिंदु |
निर्मला श्रीवास्तव (21 मार्च 1923 – 23 फरवरी 2011), (विवाह पूर्व: निर्मला साल्वे), जिन्हें अधिकतर लोग श्री माताजी निर्मला देवी के नाम से जानते हैं, सहज योग, नामक एक नये धार्मिक आंदोलन[1] की संस्थापक थीं। उनके स्वयं के बारे में दिये गये इस वकतव्य कि वो, आदि शक्ति का पूर्ण अवतार थीं[2], को 140 देशों में बसे उनके अनुयायी, मान्यता प्रदान करते हैं।[3][4]
प्रारंभिक जीवन [संपादित करें]
निर्मला देवी का जन्म २१ मार्च १९२३ को भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में, एक ईसाई परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रसादराव साल्वे तथा माता का नाम कोर्नेलिया साल्वे था। निर्मला देवी के अनुसार उनका परिवार शालिवाहन राजवंश से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित था।[5] जन्म के समय उनके निष्कलंक रूप को देखकर उन्हें 'निर्मला'[6][7] नाम दिया था तथा बाद के वर्षों में वे अपने अनुयायियों में श्री माताजी निर्मला देवी के नाम से प्रसिद्ध हुईं। उनके मातापिता ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनके पिता के महात्मा गाँधी के साथ नजदीकी संबंध थे। वे स्वयं भी भारत की संविधान सभा के सदस्य थे तथा उन्होंने स्वतंत्र भारत के संविधान को लिखने में मदद की थी। उन्हें १४ भाषाओं का ज्ञान था। उन्होंने कुरान का मराठी भाषा में अनुवाद किया था। निर्मला देवी की माता वो प्रथम भारतीय महिला थीं जिन्हें गणित में स्नातक की ऑनर्स उपाधि प्राप्त हुई थी।[4]
निर्मला जी का बचपन उनके नागपुर के पैतृक निवास में बीता था।[8] युवा होने पर निर्मला देवी अपने माता पिता के साथ गाँधीजी के आश्रम में रहने लगीं।[6] गांधीजी ने निर्मला देवी के विवेक और पांडित्य को देखकर उन्हें निरंतर प्रोत्साहन दिया। अपने माता पिता के समान निर्मला देवी ने भी स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और, १९४२ में गांधीजी के असहयोग आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी के कारण निर्मला देवी को भी अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ जेल जाना पड़ा।[6] [9][10]
निर्मला देवी के अनुसार उन्हें जन्म से ही मनुष्य के सम्पूर्ण नाड़ी तंत्र का ज्ञान था, साथ ही वो इसके उर्जा केन्द्रों से भी परिचित थीं। परन्तु इस सम्पूर्ण ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देने तथा वैज्ञानिक शब्दावली के अध्ययन हेतु उन्होंने क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, लुधियाना और बालकराम मेडिकल कॉलेज, लाहौर से आयुर्विज्ञान एवं मनोविज्ञान का अध्ययन किया था।[8]
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति से कुछ समय पहले 1947 में, निर्मला जी ने चंद्रिका प्रसाद श्रीवास्तव नामक एक उच्चपदासीन भारतीय प्रशासनिक अधिकारी से शादी कर ली।[9] चंद्रिका प्रसाद श्रीवास्तव, ने बाद में लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया, उन्हें इंग्लैंड की महारानी द्वारा मानद नाइटहुड भी प्रदान किया गया। निर्मला देवी की दो बेटियां, कल्पना श्रीवास्तव[11] और साधना वर्मा [12]हैं। 1961 में, निर्मला जी ने "यूथ सोसायटी फॉर फिल्म्स" की शुरुआत युवाओं में राष्ट्रीय, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए की थी। वह केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की सदस्य भी रहीं।[8]
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ Judith Coney, Sahaja Yoga: Socializing Processes in a South Asian New Religious Movement (1999)
- ↑ ::Sahaja Yoga-Tamil:: Adi Sakthi By Thirumoolar
- ↑ Invitation to Shri Adi Shakti Puja 2005
- ↑ 4.0 4.1 "Sahaja Yoga founder Nirmala Devi is dead". Indian Express. Express News Service. 2011-02-25. http://www.indianexpress.com/news/sahaja-yoga-founder-nirmala-devi-is-dead/754645/.
- ↑ Who is Shri Mataji?
- ↑ 6.0 6.1 6.2 H.P.Salve, My memoirs (New Delhi: LET, 2000), chapter 1
- ↑ "Origin and Meaning of the Name Nirmala". http://babynamesworld.parentsconnect.com/meaning_of_Nirmala.html. अभिगमन तिथि: March 2011.
- ↑ 8.0 8.1 8.2 Biography at shrimataji.net
- ↑ 9.0 9.1 H.P.Salve, My memoirs (New Delhi: LET, 2000), chapter 4
- ↑ A message for one and all, The Hindu, April 7, 2003
- ↑ Portraits of former IMO Secretaries-General unveiled
- ↑ Ascent to the Divine: Himalaya Kailasa-Manasarovar in Scripture, Art and Thought