श्रीशैल
| श्री शैलम | |
| — नगर — | |
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |
| देश | |
| राज्य | आंध्र प्रदेश |
| ज़िला | कुरनूल |
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) |
• 409 मीटर (1,342 फी॰) |
निर्देशांक: यह लेख श्रीसैलम नगर के विषय में श्री शैलम देवस्थानम के विषय में यहाँ देखें।
श्री शैलम एक पवित्र धार्मिक नगर है, और मंडल भी है। यह नल्लमाला पर्वत, आंध्र प्रदेश पर बसा हुआ है। यह हैदराबाद से 232 कि.मि. दक्षिण में कृष्णा नदी के किनारे स्थित है। यहां भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी और भ्रमरांब को समर्पित मंदिर है। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगओं में से एक है। यहां कृष्णा नदी पर एक बहुउद्देशीय बांध भी बना है, जो कि राज्य की सिंचाई जल और विद्युत आपूर्ति में सहयोग देता है। यह बांध हैदराबाद से 245 कि.मि. और नांद्याल से 132 कि.मि. दूर है। श्री शैलम की स्थिति 16.0833° N 78.8667° E.[1] पर है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 409 मीटर (1345 फ़ीट). है।
इस मंदिर का मूल उद्गम अज्ञात है। स्कंद पुराण में श्री शैल काण्ड नाम का अध्याय है। इसमें उपरोक्त मंदिर का वर्णन है। इससे इस मंदिर की प्राचीनता का पता चलता है। तमिल संतों ने भी प्राचीन काल से ही इसकी स्तुति गायी है। कहा जाता है कि आदि शंकराचार्य ने जब इस मंदिर की यात्रा की, तब उन्होंने शिवनंद लहरी की रचना की थी।श्री शैलम का प्राचीन हिन्दू पुराणों और ग्रंथ महाभारत में भी सन्दर्भ आता है।
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