शोध-प्रबन्ध
वह दस्तावेज जो किसी शोधार्थी द्वारा किये गये शोध को विधिवत प्रस्तुत करता है, शोध-प्रबन्ध (dissertation या thesis) कहलाता है। इसके आधार पर शोधार्थी को कोई डिग्री या व्यावसायिक सर्टिफिकेट प्रदान की जाती है।
सरल भाषा में कहें तो एम फिल अथवा पीएच डी की डिग्री के लिए किसी स्वीकृत विषय पर तैयार की गई किताब जिसमें तथ्य संग्रहित रहते हैं तथा उनके आधार पर किसी निष्कर्ष तक पहुँचने की कोशिश की जाती है। यह आलोचनात्मक तो होता है किंतु उससे थोड़ा भिन्न भी होता है। डॉ नगेन्द्र के शब्दों के सहारे कहें तो एक अच्छा शोध प्रबंध एक अच्छी आलोचना भी होती है।
मनुष्य की आंतरिक जिज्ञासा सदा से ही अनुसंधान का कारण बनती रही है। अनुसंधान, खोज, अन्वेषण एवं शोध पर्यायवाची है। शोध में उपलब्ध विषय के तथ्यों में विद्यमान सत्य को नवरूपायित कर पुनरोपलब्ध किया जाता है। शोध में शोधार्थी के सामने तथ्य मौजूद होते है, उसे उसमें से अपनी सूझ व ज्ञान द्वारा नवीन सिद्धियों को उद्घाटित करना होता है।
इन्हें भी देखें[संपादित करें]
- शोधपत्र (Paper)
- पीएचडी
- अनुसंधान एवं विकास
बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]
- शोध सिद्धांत और प्रविधि (अनेकों लेख)
- अनुसंधान प्रविधि : सिद्धान्त और प्रक्रिया (गूगल पुस्तक ; लेखक - एस एन गणेशन)
- शोध निबन्ध (लघु शोघ प्रबन्ध)
- How to Write Diploma, Master or PhD Thesis? Guidelines for writing a diploma, master or PhD thesis.
- ओपेनआफिस की सहायता से शोध-प्रबन्ध लेखन (Writing a Thesis in OpenOffice.org)
- शोध सिद्धांत और प्रविधि की ऑनलाईन कक्षा