शिषिर कुमार घोष

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शिषिर कुमार घोष (1840–1911) भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी पत्रकार, अमृत बाजार पत्रिका के संस्थापक[1] तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे 'इण्डिया लीग' के संस्थापकों में से थे।[2] वे एक वैष्णव थे। उन्होने चैतन्य महाप्रभु के जीवनचरित पर १८९७ में अंग्रेजी में एक पुस्तक की रचना भी की थी।[3] वे श्रीला भक्तिविनोद ठाकुर के मित्र थे भी जिनको उन्होने 'सप्तम् गोस्वामी' कहा था।

शिषिर घोष अपने जीवन के अधिकांश समय शान्तिनिकेतन में रहे जहाँ वे अंग्रेजी के प्राध्यापक थे। वे रवीन्द्रनाथ ठाकुर की रचनाओं के ज्ञाता और रहस्यवाद (mysticism) के अध्येता थे।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. www.jstor.org/stable/4405008
  2. Sen, Sailendra Nath (2010). An Advanced History of Modern India. Delhi: Macmillan India. pp. 236. 
  3. http://www.lotusimprints.com/new/blog/category/mahatma-sisir-kumar-ghosh/