शिवसागर रामगुलाम

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शिवसागर रामगुलाम (दाहिने तरफ)

सर शिवसागर रामगुलाम (१८ सितम्बर १९०० - १५ दिसम्बर १९८५) मारिशस के प्रथम मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं छठे गवर्नर-जनरल थे।

वे १९६१ से १९८२ तक प्रधान मन्त्री थे। वे हिन्दू धर्म के अनुयायी, हिन्दी भाषा के पक्षधर और भारतीय संस्कृति के पोषक थे। उनके कार्यकाल में हिन्दी के पठन-पाठन में बहुत प्रगति हुई। विपरीत परिस्थितियों और अभाव के रहते हुए भी उन्होंने हिन्दी के विकास में कोई कमी नहीं रखी। उन्होने ही सर्वप्रथम विश्व हिन्दी सचिवालय की स्थापना का विचार दिया था। उनके पुत्र नवीनचन्द्र रामगुलाम भी प्रमुख राजनयिक हैं।[1]

आरम्भिक जीवन[संपादित करें]

शिवसागर रामगुलाम को उनके माता-पिता बचपन में 'केवल' कहकर बुलाते थे। उनका जन्म १८ सितम्बर १९०० को मॉरीसस के बेल रीव (Belle Rive) में हुआ था। उनके पिता का नाम मोहित रामगुलाम था जो भारतीय प्रवासी श्रमिक थे। मोहित रामगुलाम ने 'बासमती रामचरन' नामक एक नवयुवती विधवा से विवाह किया जिनके दो पुत्र हुए, नक्छेदी हीरामन और रामलाल रामचरन।

शिवसागर रामगुलाम का बचपन भारतीय संस्कृति, दर्शन और हिन्दी वातावरण में स्थानीय 'बैठका' में हुई।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. पांडेय, राकेश (जनवरी अक्तूबर-दिसंबर २००५). मारीशस में हिन्दी एक सिंहावलोकन. गीता कालोनी, नई दिल्ली: प्रवासी संसार. प॰ १३-१९. 

बाहरी सूत्र[संपादित करें]