शक्तियों का पृथक्करण

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शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धान्त (principle of separation of powers) राज्य के सुशासन का एक प्रादर्श (माडल) है।अभ्यास और शक्तियों के विभाजन के विचार प्राचीन यूनान से आया था। इसके अनुसार राज्य को भिन्न उत्तरदायित्व वाली कई शाखाओ में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक 'शाखा' को अलग-अलग और स्वतंत्र शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं। प्रायः यह विभाजन - कार्यपालिका, विधायिका तथा न्यायपालिका के रूप में किया जाता हैं।

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