विल्फ्रेड ओवेन

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विल्फ्रेड ओवेन
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विल्फ्रेड एडवर्ड साल्टर ओवेन
जन्म: १८ मार्च १८९३
ओस्वेस्ट्री, श्रोपशर, इंग्लैंड
मृत्यु: ४ नवम्बर १९१८
सांब्रे कैनाल, ओर्स, फ्रांस
कार्यक्षेत्र: कवि, सैनिक
राष्ट्रीयता: अंग्रेज
भाषा: अंग्रेजी
काल: १८९३-१९१८
विधा: पद्य
विषय: युद्ध,
जालपृष्ठ: विल्फ्रेड ओवेन


प्रथम विश्व युद्ध के खिलाफ एक जानी-मानी आवाज के रूप में विख्यात विल्फ्रेड एडवर्ड साल्टर ओवेन (१८९३-१९१८) का जन्म वेल्श की सीमा पर ओस्वेस्ट्री में हुआ। उनका लालन पालन बर्केनहेड और श्रेसबरी में हुआ।[1]

छोटा जीवन[संपादित करें]

विल्फ्रेड के पूरे जीवन में उनकी केवल चार कविताएं प्रकाशित हुई लेकिन वे हमेशा एक कवि के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए कटिबद्ध रहे। उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही काव्य के साथ अपने अनूठे प्रयोग आरंभ कर दिए थे। बीस साल की उम्र में जब वे फ्रांस के बोर्डो में (१९१३-१९१८) अध्यापन कर रहे थे, उन्होंने काव्य के विन्यास पर विशेष कार्य किया जो बाद में उनकी पहचान बन गया। लेकिन उनके कार्य को सही स्वर १९१७ में मिला।[2]

सैनिक के रूप में[संपादित करें]

सन् १९१५ में विल्फ्रेड ओवेन को ब्रिटिश सेना में शामिल कर लिया गया था। जनवरी से अप्रैल १९१७ के बीच वे सर्रे और सान क्वेंतां[3] में लड़ते समय एक धमाके की चपेट में आकर जख्मी हो गए। एडिनबर्ग के क्रेगलॉकहार्ट युद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मुलाकात अपने साहित्यिक हीरो सिग्फ्रेड सासून से हुई। सासून ने ओवेन को युद्ध के दौरान हुए अनुभवों को अपनी कविता में उतारने के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया।

सम्मान[संपादित करें]

करीब एक वर्ष बाद ओवेन वापस पश्चिमी मोर्चे पर चले गए। अक्टूबर १९१८ में जॉनकोर्ट में हाइंडेनबर्ग लाइन को ध्वस्त करने के अभियान में नेतृत्व और शौर्य का प्रदर्शन करने के लिए ओवेन को मिलिटरी क्रॉस से सम्मानित किया गया। ४ नवम्बर १९१८ को महज २५ साल की उम्र में उनकी युद्ध के मोर्चे पर लड़ते वक्त मौत हो गई। अपनी मौत के समय वे एक गुमनाम व्यक्ति थे।

महानता का समय[संपादित करें]

वस्तुत: उनकी सभी कविताएं अगस्त १९१७ से सितंबर १९१८ के दौरान रचनात्मकता के उफान में लिखी गई थीं। उन्होंने स्वेच्छा से युद्ध की विभीषिका को दर्शाने और मानवमात्र के प्रति अपनी संवेदनाओं को मुखर करने का दायित्व निभाया। उनका तकनीकी कौशल और सत्य के प्रति आग्रह, ऊर्जा, कविताओं में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।[4]

बाह्य कडियां[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]